नई दिल्ली, 02 अगस्त (The News Air): मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि जुलाई 2024 में भारत में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। यह अच्छी खेती-बाड़ी का संकेत दे रही है। इसके साथ ही मानसून के दूसरे भाग में अगस्त और सितंबर के दौरान भी सामान्य से 106 फीसदी अधिक बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होगी।
बारिश ने जून के सूखे का कोटा जुलाई में पूरा कर दिया था। आगे भी अच्छी होगी बारिश।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को बताया कि देश में रात के तापमान के मामले में जुलाई का सबसे गर्म था। साल 1901 के बाद से दूसरा सबसे गर्म महीना जुलाई का था। रिकॉर्ड-गर्मी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, गुजरात और केरल सहित कई राज्यों में ‘असाधारण रूप से भारी बारिश’ भी हुई।
बारिश ने जून के सूखे का कोटा जुलाई में पूरा कर दिया। इस बीच मौसम विभाग ने अगस्त और सितंबर में बारिश को लेकर अच्छी भविष्यवाणी कर दी है। बताया जा रहा है कि अगले दो महीनों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिहाज से भी यह समय अच्छा होता है और इस दौरान यदि बारिश अच्छी हो जाए, तो फसलों को फायदा मिलता है।
106 फीसदी बारिश होने की है संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने के अंत तक ‘ला नीना’ की अनुकूल स्थिति बन सकती है। इसकी वजह से देशभर में लंबी अवधि के दौरान औसत बारिश 106 प्रतिशत होगी, जो 422.8 मिमी है। हालांकि, इस अवधि के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ इलाकों, पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों, पूर्वी भारत से सटे लद्दाख, सौराष्ट्र और कच्छ के साथ-साथ मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।

जुलाई में हुई थी नौ प्रतिशत अधिक बारिश
बताते चलें कि जून में मानसून ने बेरुखी दिखाई थी। इसके बावजूद देश में जून और जुलाई में कुल 453.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य स्तर 445.8 मिमी से अधिक है। जुलाई में देश में औसत से नौ प्रतिशत अधिक बारिश हुई। हालांकि, मध्य क्षेत्र में 33 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि जुलाई 2024 में भारत में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।

मौसम विभाग का कहना है कि खेती-बाड़ी के लिहाज से यह अच्छा संकेत है। जलाशयों को भरने के लिए भी अच्छी बारिश का होना बहुत जरूरी है। ऐसा होने पर पेयजल का संकट कम होता है और बिजली उत्पादन में भी मदद मिलती है। इसके साथ ही मानसून के दूसरे भाग में अगस्त और सितंबर के दौरान भी सामान्य से अधिक 106 फीसदी बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होगी।








