आप ने भगवंत मान के रूप में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुनकर समझौता किया-बादल

The News Air- (चंडीगढ़) शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि आम आदमी पार्टी (आप) ने भगवंत मान के रूप में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुनकर समझौता कर लिया है, क्योंकि पंजाब में कोई भी पार्टी की अगुवाई करने के लिए तैयार नही था।

भगवंत मान के नामांकन को मंच प्रबंधित गैर आयोजन करार देते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि आप संयोजक अरविंद केजरीवाल कभी भी भगवंत मान को पंजाब में पार्टी का चेहरा नहीं बनाना चाहते थे। उन्होने कहा , ‘‘ वह मान के सामने यह बात कह रहे हैं कि और जोर देकर कह रहे हैं कि पार्टी एक सक्षम उम्मीदवार की तलाश में है। यह भी सच है कि आप ने कई संभावित उम्मीदवारों की घोषणा की, लेकिन उनमें से प्रत्येक ने पार्टी की अगुवाई करने से इंकार कर दिया। यही कारण है कि एक सर्वेक्षण के बाद यह जिम्मेदारी भगवंत मान पर थोपी गई है।

यह कहते हुए कि भगवंत मान को पार्टी का चेहरा बनाना आप पार्टी के दिवालियापन को दर्शाता है कहते हुए सरदार बादल ने कहा, ‘‘मान की गलतियों और उन पर बैठे आयोगों को छिपाने के लिए और उन्हे एक मुख्यमंत्री पद का दावेदार के रूप में पेश करने के लिए एक हताश जनसंपर्क अभ्यास चल रहा है, क्योंकि उनके स्वच्छंद और गैर जिम्मेदाराना आचरण के बारे में सभी जानते हैं।

सरदार बादल ने केजरीवाल से यह भी कहा कि वे पंजाबियों को बताएं कि उन्हे अब किस पर भरोसा करना चाहिए। ‘‘ आप ने एक साल से भी अधिक समय से एक सार्वजनिक अभियान चलाया, जिसमें पंजाबियों से केजरीवाल पर भरोसा करने का आग्रह किया गया है। इसी दौरान केजरीवाल ने जोर देकर कहा है कि मान इस पद पर आसीन होने में सक्षम नही हैं। अब जब आप ने सभी विकल्पों को समाप्त कर दिया है, और पंजाब में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए मान को चुना है तो उसे यह समझाने की जरूरत है कि पंजाबियों को ऐसे नेता पर भरोसा क्यों करना चाहिए, जिसे केजरीवाल ने एक साल से अधिक समय तक समर्थन देने से इंकार कर दिया था। केजरीवाल पंजाबियों को इतना भोला न समझे कि उनके रबर के मोहरे वाले उम्मीदवार को मंजूरी दे देंगें। उन्हे मजबूत और निर्णायक अगुवाई के साथ साथ सीमावर्ती राज्य में कानून व्यवस्था और शांति और सांप्रदायिक सदभाव को सुनिश्चित करने के साथ साथ तेजी से विकास करने वाले ट्रैक रिकॉर्ड वाला मुख्यमंत्री चाहिए, तथा भगवंत मान इसपर खरा नही उतरते।
आप का नकली चेहरा बेनकाब हुआ तथा ‘‘ बिल्ली आखिरकार थैले से बाहर आ गई: शिरोमणी अकाली दल
शिरोमणी अकाली दल ने आज भगवंत मामन को मुख्यमंत्री पद का चेहरा चुनने के लिए टेलीफोन द्वारा ड्रामेबाजी करने की आप की कवायद को नकली धोखाधड़ी और कठपुतली शो करार देकर खारिज कर दिया।

अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल के प्रमुख सलाहकार स. हरचरन सिंह बैंस ने टवीट कर कहा ‘‘ आप ने अपना पहला डमी मुख्यमंत्री चेहरा चुना है। अब पंजाब को अपना असली मुख्यमंत्री चुनने दीजिए। स. हरचरण सिंह बैंस ने टवीट किया , ‘‘ आप ने फोन द्वारा एक अपना मुख्यमंत्री का चेहरा चुना है, अब पंजाब अपना असली मुख्यमंत्री चुनेगा। उन्होने कहा कि अरविंद केजरीवाल एक नकली दिल्लीवासी अरविंद केजरीवाल हमेशा दिल्ली से पंजाबियों से एक फोन के जरिए रिमोट से कंट्रोल करना चाहते हैं, इसीलिए यह कहना चाहिए कि यह फोन आइडिया शानदार था, लेकिन केवल आप के आंतरिक सर्कस को नियंत्रित करने के लिए’’।

‘‘ आप ने आखिरकार ‘‘ बिल्ली को बोतल से बाहर निकाल दिया है’’। स. बैंस ने आप नेता की शराब के लिए प्रचारित कमजोरी पर मजाक करते हुए कहा ‘‘ आप के पास आंतरिक कवायद के लिए भी वर्चुअल जाने के अलावा कोई विकल्प नही था, क्योंकि बहुत से लोग शराब की गंध को बर्दाश्त तक नही कर सकते। लेकिन अब पंजाब के लोगों की समस्याओं के समाधान करने का समय आ गया है। यहां पर आपको स्टैंड-अप कॉमेडियन की नही, बल्कि गंभीर ‘‘ शांत और जिम्मेदार लीडरशीप की आवश्यकता है’’ अकाली दल के प्रमुख सलाहकार जोकि पार्टी के मुख्य मीडिया प्रवक्ता भी हैं ने ट्वीट किया।

स. बैंस ने कहा कि आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अनजाने में स्वीकार किया था कि पंजाब में 2.41 करोड़ फोन यूजर्स में से 2.23 करोड़ आप के झांसे के प्रति उदासीन रहे हैं, और केवल 21 लाख ने ही मॉक अभ्यास का जवाब दिया , और वह भी तभी जब हम मानते हैं कि केजरीवाल के सभी दावों को स्वीकार करते हैं ,‘‘ यह इससे भी ज्यादा शर्मनाक और इसका भेद खोला जाना चाहिए कि इनमें से कई आप समर्थकों ने भगवंत मान और केजरीवाल सहित आप के सभी नेताओं को खारिज कर दिया और किसी अन्य पार्टी के किसी व्यक्ति को चुना।

सरदार बैंस ने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि आप के नेताओं के महत्व का इस बात से पता चलता है जब उनका पहला और सबसे महत्वपूर्ण समारोह और वह पंजाब की धरती पर अपनी मातृभाषा की अनदेखी करते हुए हिंदी में आयोजित किया गया।

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