आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने कोरोना फतेह किटों के मुकाबले बहुत महंगे दाम पर आक्सीमीटरों की खरीद की

स्वास्थ्य मंत्री ने आप नेताओं को कहा, हमें दिल्ली का असफल स्वास्थ्य माडल अपनाने की सलाह न दो

बड़ी खरीद हमेशा थोक कीमतों पर आधारित होती है, परन्तु दिल्ली सरकार ने सरकारी खजाने को लुटा

चंडीगढ़, 11 जूनः
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने आज कोरोना फतेह किटों पर संकुचित राजनीति खेलने और लोगों को गुमराह करने के लिए आम आदमी पार्टी के नेताओं की आलोचना की क्योंकि आप की दिल्ली सरकार द्वारा 5 मई, 2020 को बहुत उच्च दरों पर पल्स आक्सीमीटर की खरीद की गई।
आप के नेताओं पर बरसते हुये स. सिद्धू ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर सवाल उठाने से पहले उनको अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में क्या किया जहाँ हजारों लोगों की इलाज के बिना सड़कों पर जान चली गई और अन्य लोग अस्पतालों में आक्सीजन और बैडों की उपलब्धता के लिए चीख रहे थे।
‘आप ’ पार्टी की तरफ से खरीदे गए पल्स आक्सीमीटरज़ के रेटों का पर्दाफाश करते हुये स. सिद्धू ने कहा कि उन्होंने 5 मई, 2021 को मैसर्ज वीएंडऐम गलैकसी को 1300 रुपए प्रति आक्सीमीटर के हिसाब से 20,000 आक्सीमीटरों की सप्लाई, मैसर्ज दिवेश चैधरी को 1290 रुपए के हिसाब से 2000 आक्सीमीटर, मैसर्ज ऐडीफ मैडीकल सिस्टमज को 1250 रुपए के हिसाब से 5000 आक्सीमीटर, मैसर्ज अभिलाशा कमर्शियल प्राईवेट लिमटिड को 1300 रुपए के हिसाब से 13000 आक्सीमीटर सप्लाई करने के लिए आर्डर भेजा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अलग-अलग फर्मों से एक ही जैसे आक्सीमीटर अलग अलग उच्च दरों पर कैसे खरीद सकती है जबकि पंजाब सरकार मरीजों को मौजूदा समय 883 रुपए की बहुत कम कीमत पर कोरोना फतेह किटें मुहैया करवा रही है जिसमें 19 वस्तुएँ जैसे डिजिटल थर्मामीटर, स्टीमर, पल्स आक्सीमीटर, हैंड सैनेटाईजर (500 एम.एल.), तीहरी परल वाले फेसमास्क और सभी जरूरी दवाएँ शामिल थी।
दूसरी लहर के दौरान बढ़ रहे मामलों के मद्देनजर पंजाब सरकार ने उस समय पर 1195 रुपए की अधिक से अधिक कीमत पर कोरोना फतेह किटों खरीदीं जब विश्व स्तर पर इसकी कमी आ रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बढ़ रही माँग की पूर्ति के लिए सारी खरीददारी पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब देश में अकेला राज्य है जहाँ यह इलाज किटें कोविड मरीजों को मुहैया करवाई गई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी वस्तु की बड़ी खरीद हमेशा थोक कीमतों पर आधारित होती है परन्तु दिल्ली सरकार ने बड़े सप्लायरों की मिलीभुगत के साथ इन फर्मों को अनुचित लाभ देने के लिए गलत रास्ता अपनाते हुये सरकारी खजाने को लूटा।  
आम आदमी पार्टी के दिल्ली के कथित विश्व स्तरीय स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के माडल को हवाई किले बताते हुये स. सिद्धू ने आम आदमी पार्टी के नेताओं के दोषों का जवाब देते हुये कहा कि हमें दिल्ली का स्वास्थ्य माडल अपनाने की सलाह न दो जिसका आधार सिर्फ सोशल मीडिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने जानबूझ कर राष्ट्रीय राजधानी में लाकडाऊन लगा दिया था क्योंकि वह अच्छी तरह जानते थे कि वह मजदूर और कामगार वर्ग को स्वास्थ्य सहूलतें और भोजन मुहैया कराने के सामर्थ्य में नहीं थे।
राज्य में स्वास्थ्य सहूलतों की कमी के बारे कहने पर ‘आप’ नेताओं को आड़े हाथों लेते हुये स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जब दिल्ली सरकार अपने खुद के नागरिकों को इलाज मुहैया करवाने के लिए पीछे हट गई है तो मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सभी के लिए दरवाजे खुले रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब में स्वास्थ्य सहूलतें और वेंटिलेटर वाले बैडों की कमी है तो फिर दिल्ली वाले मानक स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए पंजाब क्यों आ रहे हैं?
स. सिद्धू ने तंज कसते हुये कहा कि आम आदमी पार्टी, दिल्ली सरकार को शीशा दिखाने की बजाय पंजाबियों का अक्स खराब करने की कोशिश कर रही है जो संकट के समय हमेशा सभी भाईचारों के साथ खड़े हैं। हालाँकि आप पंजाब में अपने छिन चुके आधार को बहाल करने के लिए निराधार दोष लगा रही है।
बाबा रामदेव की पतंजली कंपनी की गैर -प्रवानित कोरोनिल किटों की खरीद के लिए बी.जे.पी. को आड़े हाथों लेते हुये स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह शर्मनाक बात है कि खट्टर सरकार ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए विवादित किटों की खरीद का फैसला लिया है।
स. सिद्धू ने बताया कि खट्टर सरकार ने मैसर्ज लोवानी इम्पैकस प्राईवेट लिमटिड से 825 रुपए की उच्च कीमत पर पल्स आक्सीमीटर भी खरीदा है। उन्होंने बताया कि खट्टर सरकार की तरफ से खरीदी जाने वाली बाबा रामदेव की किटों में कोई आक्सीमीटर और एलोपैथिक दवाएँ नहीं हैं और आई.एम.ए. ने पहले ही इसको कोविड के इलाज के लिए निरर्थक और गैर-वैज्ञानिक करार दिया है।
स. सिद्धू ने कोविड के इलाज के नाम पर निजी शोहरत कमाने के लिए जनता के फंडों का प्रयोग करने के लिए शिरोमणि अकाली दल की भी सख्त निंदा की। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान को भी कहा कि यह बहुत शर्मनाक काम है कि आप निजी लाभ कमाने के लिए जानबुझ कर जनता की तरफ से किये गए दान का प्रयोग कर रहे हो। उन्होंने कहा कि अकालियों ने पहले ही काले खेती कानूनों को लोक सभा में समर्थन देकर अपनी भरोसे योग्यता गंवा ली है।

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