मिथुन चक्रवर्ती को एक फ़िल्मी डायलॉग ने डाला मुसीबत में, पुलिस ने मामला किया दर्ज

कोलकाता, 16 जून (The News Air)
विधानसभा चुनाव से पहले मार्च माह के पहले हफ़्ते में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती बीजेपी में शामिल हुए थे। मिथुन चक्रवर्ती ने कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड पर बीजेपी का दमन थामा था। इस दौरान उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए अपने कई डायलॉग भी बोले थे। इन dailogues ने मिथुन चक्रवर्ती को मुसीबत में डाल दिया है। हाल में संपन्न बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में कोलकाता पुलिस आज दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती से पूछताछ कर रही है। पुलिस मिथुन से वर्चुअल माध्यम से पूछताछ कर रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान मिथुन पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाते हुए महानगर के मानिकतल्ला थाने में उनके ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी।
चुनाव परिणाम घोषित होने के एक माह बाद मिथुन चक्रवर्ती ने उक्त प्राथमिकी के ख़िलाफ़ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें एफआईआर को खारिज करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि हाईकोर्ट ने मिथुन चक्रवर्ती को वीडियो कांफ्रेंस के ज़रिए जांच अधिकारी के समक्ष पूछताछ में शामिल होने का पिछले हफ़्ते निर्देश जारी किया था। अदालत ने साथ ही जांच अधिकारी को भी निर्देश दिया था कि वह मिथुन चक्रवर्ती को वीडियो कांफ्रेंस के ज़रिए उपस्थित होने के लिए तर्कसंगत समय दें। मिथुन चक्रवर्ती पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर भाषण में अपनी फ़िल्मों के चर्चित संवाद बोलकर चुनाव के बाद हुई हिंसा को भड़काया।
हालांकि मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया है कि फ़िल्मों के ऐसे संवाद केवल हास्य-विनोद के लिए बोले गए थे और वह निर्दोष हैं तथा ऐसे किसी अपराध में शामिल नहीं हैं। जिसके आरोप शिकायतकर्ता ने लगाए हैं। मिथुन चक्रवर्ती ने कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को खारिज करने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। मानिकतल्ला पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में दावा किया गया है कि 7 मार्च को भाजपा में शामिल होने के बाद आयोजित रैली में चक्रवर्ती ने ‘‘ मारबो एकहने लाश पोरबे शोशाने’ (तुम्हे मारूंगा तो लाश श्मशान में गिरेगी) और ‘ एक छोबोले चाबी’ (सांप के एक दंश से तुम तस्वीर में क़ैद हो जाओगे) संवाद बोले, जिसकी वजह से राज्य में चुनाव के बाद हिंसा हुई।

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