नई दिल्ली,22 फरवरी (The News Air) : आज सुप्रीम कोर्ट के परिसर से देश के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने आयुष समग्र कल्याण केंद्र का उद्घाटन किया। इस दौरान चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने आयुष की दवाइयों के बारे में बताते हुए कोरोना काल के एक किस्से का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें कोरोना हुआ था तो उस वक्त पीएम मोदी ने उन्हें वैद्य से दवा दिलवाई थी।
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने बताया कि जब कोरोना आया तो उसका असर मुझ पर काफी बुरा पड़ा था और मैं कोरोना से ग्रसित हो गया था। उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे फोन किया और मेरी तबीयत के बारे में पूछा। पीएम मोदी ने मुझे फोन करके कहा कि मुझे पता है कि आप कोविड से जूझ रहे हैं मैं उम्मीद करता हूं कि सब कुछ जल्दी ठीक हो जाएगा। अभी हालत ठीक नहीं है लेकिन हम जल्द ही सब कुछ ठीक करेंगे। उसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि उनकी जानकारी में एक वैद्य है जो आयुष विभाग में सचिव है। मैं उनसे आपकी बात करवाता हूं और वो आपको दवाई भेज देंगे।
आयुष की दवाई से मैं कोविड से बाहर निकल पाया : चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने आगे कहा कि जब मुझे दूसरी और तीसरी बार कोरोना हुआ तो उस वक्त भी मैंने आयुष से ही दवा ली थी। चीफ जस्टिस ने आगे कहा कि मैंने कोरोना के वक्त एलोपैथी की दवाएं बिल्कुल भी काम नहीं ली थी। मैं सुप्रीम कोर्ट के 2000 से अधिक स्टाफ सदस्य के लिए चिंतित हूं क्योंकि उन्हें हमारी तरह सुविधाएं नहीं मिलती हैं। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनेवाल का धन्यवाद दिया।
शाकाहारी जीवन जी रहे चीफ जस्टिस : आयुष समग्र कल्याण केंद्र का उद्घाटन करते हुए ही चीफ जस्टिस ने बताया कि मैं योग करता हूं। आज सुबह 3:30 बजे मैं योग करने के लिए उठा था। इसके अलावा, पिछले 5 महीनों से शाकाहारी खाना खा रहा हूं। मैं जीवन के एक समग्र तरीके पर ध्यान देने की कोशिश कर रहा हूं, जो निश्चित रूप से आप जो खाते हैं और अपने शरीर में क्या डालते हैं, उससे शुरू होता है। इसके अलावा सीजेआई ने कहा कि आयुर्वेद के पारंपरिक लाभों के लिए मैं सभी डॉक्टरों और आयुष का बहुत आभारी हूं। उनके पास साकेत में एक शानदार सुविधा है और अब हम इसे सुप्रीम कोर्ट में ला रहे हैं। इस केंद्र को बनाने में योगदान देने वाले सभी डॉक्टरों ने इसे वैज्ञानिक रूप से तैयार किया है। हम इसे सुप्रीम कोर्ट और इसके माध्यम से पूरे देश के लिए खोल रहे हैं।








