इस तरह की ड्रिलिंग करके नैचुरल गैस हासिल करना दुनिया में सबसे ज्यादा चुनौती वाला तकनीकी काम माना जाता है। गौरतलब है कि यह चीन में खोदा जा रहा दूसरा सबसे गहरा कुआं या गड्ढा होगा। मई महीने के आखिर में चीन ने झिंजियांग प्रांत के तारिम बेसिन क्षेत्र में 10 हजार मीटर गहरे गड्ढे की खुदाई शुरू की थी।
हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि चीन वह गड्ढा पृथ्वी की सतह के बारे में खोजबीन करने के लिए कर रहा है। इस तरह के प्रोजेक्ट के जरिए भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी आपदाओं के बारे में पता लगाया जा सकता है। बहरहाल, दो बड़े गड्ढों की खुदाई के बाद अगर चीन को प्राकृतिक गैस का भंडार मिल जाता है, तो यह उसकी बड़ी उपलब्धि होगी। साल 2021 के बाद से चीन दुनिया का चौथा सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस उत्पादक बन गया है।
दुनियाभर के राजनीतिक परिदृश्य जिस तेजी से बदल रहे हैं, उसमें चीन की चिंता अपने लिए ऊर्जा की उपलब्धता
को बनाए रखना है। देश के विकास के लिए चीन को बड़े स्तर पर घरेलू तेल और गैस उत्पादन करने की जरूरत है। इसी मकसद के साथ उसने धरती पर दो बड़े गड्ढे करने शुरू कर दिए हैं।