LIVE | ...
सोमवार, 13 जुलाई 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - स्पेशल स्टोरी - लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जीवनी Bal Gangadhar Tilak Biography In Hindi

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जीवनी Bal Gangadhar Tilak Biography In Hindi

The News Air Team by The News Air Team
सोमवार, 24 जुलाई 2023
in स्पेशल स्टोरी, NEWS-TICKER
A A
0
Bal Gangadhar Tilak Biography
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare

इसके अलावा जो सदस्य थे उन्हें नरम दल के नेता कहा जाता था। बिपिनचंद्र पाल, लाला लाजपतराय और लोकमान्य तिलक समान विचारधारा रखते थे इन तीनों को “लाल-बाल-पाल” कह कर संबोधित किया जाता था। केसरी और मराठा जैसे धारदार दैनिक समाचार पत्रों, गणेश उत्सव, शिवाजी उत्सव, वक्तव्य सभाओं और ऐसे तमाम संभव माध्यमों से लोकमान्य तिलक भारत के आम नागरिकों को जागृत करने का अभियान चलाते थे।

इसीलिए अंग्रेजों को वह बहुत खटकते थे। दुराचार और अन्याय के प्रतीक अंग्रेज लोकमान्य तिलक को “भारतीय अशान्ति के पिता / father of Indian unrest” कह कर पुकारते थे। उन्हें रोकने के लिए राजद्रोह का मुक़दमा चला कर जेल भेजा गया। उनके पत्रों को प्रतिबंधित किया गया। फिर भी आताताई अंग्रेज उनका मनोबल नहीं तोड़ सके। देवनागरी भाषा की वकालत, होम रूल लीग की स्थापना, देश के विभिन्न समाज ले लोगों को जागृत करना और ऐसे कई राष्ट्रहित के कार्यों में लोकमान्य तिलक ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। आइए इस महान फ्रीडम फाइटर की जीवनी के मुख्य बातों पर नज़र डालें।

बाल गंगाधर तिलक की जीवनी

यह भी पढे़ं 👇

history

History July 12: 12 जुलाई का इतिहास में खास दिन, जानें क्या-क्या हुआ था आज के दिन

रविवार, 12 जुलाई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

रविवार, 12 जुलाई 2026
Heavy Rain Alert

Heavy Rainfall Alert: मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, 10 राज्यों में ऑरेंज वार्निंग जारी

रविवार, 12 जुलाई 2026
Breaking News Live Updates 12 July 2026

Breaking News Live Updates 12 July 2026: Top Headlines, हर अपडेट सबसे तेज

रविवार, 12 जुलाई 2026

लोकमान्य तिलक का अमूल्य योगदान

  • बाल गंगाधर तिलक आमूल परिवर्तनवादी माने जाते थे। वर्ष 1890 के दौरान वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े।
  • भारत में ब्रिटिश हुकूमत को जड़ से ख़त्म करने की चाह रखने वाले बाल गंगाधर तिलक वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने “संपूर्ण स्वराज” की मांग उठाई थी।
  • उन्होंने रोमन लिपि को हिंदुस्तानी भाषाओं के लिए अनुपयुक्त बताया और नागरीप्रचारिणी सभा में वक्तव्य देते हुए देवनागरी भाषा की वकालत की।
  • बाल गंगाधर तिलक ने कहा था की देवनागरी लिपि को समस्त भारतीय भाषाओं के लिए अब स्वीकार कर लिया जाना चाहिए”
  • आम जनजागृति के महत्वपूर्ण अभियान को बल देने के लिए उन्होंने महाराष्ट्र भर में गणेश उत्सव तथा शिवाजी उत्सव एक दिन नहीं पर पूरे सप्ताह मनाने का चलन शुरू किया। ताकि देशवासियों को गोरों की काली करतूतों के बारे में बता कर जागृत किया जा सके।

बाल विवाह पर लोकमान्य तिलक की सोच

इस बात में कोई संदेह नहीं की वह बालविवाह के प्रखर विरोधी थे। लेकिन फिर भी उन्होंने 1891 एज ऑफ़ कंसेन्ट विधेयक का विरोध किया चूँकि वह इसे हिन्दू धर्म पर अतिक्रमण और अनुचित उदहारण के रूप में देखते थे। (एज ऑफ़ कंसेन्ट विधेयक अनुआर लड़की के विवाह की न्यूनतम उम्र 10 से बढ़ा कर 12 वर्ष की गई थी)

बाल गंगाधर तिलक पर राजद्रोह का आरोप

यह स्वतंत्रता सेनानी भले ही बापू की कांग्रेस से जुड़े हुए थे लेकिन अन्याय बर्दाश्त कर लेना इनका स्वभाव नहीं था। इसीलिए कांग्रेस गरम दल और नरम दल में विभाजित हो गई थी। कांग्रेस में लोकमान्य तिलक अत्याचार का मुहतोड़ जवाब देने की सोच रखने वाले अकेले नहीं थे उनके साथ बिपिन चंद्र पाल और लाला लाजपतराय भी वैसी ही विचारधारा रखते थे।

इसीलिए इन तीनों की तिकड़ी को लोग लाल-बाल-पाल कह कर बुलाते थे। बाल गंगाधर तिलक ने अपने समाचार पत्र केसरी में खुलेआम ब्रिटिश सरकार की कुरीतियों और अत्याचार के विरुद्ध लिखना शुरू कर दिया था। इसके परिणाम स्वरूप उनपर 124 ए के अंतर्गत मुकद्दमा चलाया गया। फिर 17 जुलाई 1897 के दिन उन्हें अरेस्ट कर के 6 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई गई और राजद्रोह का अपराधी बना कर माण्डले (बर्मा) की जेल में भेज दिया गया।

Birth anniversary of Bal Gangadhar Tilak

सुरक्षा कानून की आड़ में अंग्रेजों का षड्यंत्र

ब्रिटिशर्स ने विश्व के कई देशों में राज किया है। इसीलिए उन्हें अच्छे से पता था कि विद्रोह की चिंगारी और जन जागृति कितनी खतरनाक हो सकती है। इन कायरों ने सभाओं, समाचार पत्रों, किताबों और तमाम तरह के प्रचार प्रसार के माध्यम पर कड़ी लगाम लगा के रखी थी। इन पर ऐसे सख्त कानून बना रखे थे की हिंदुस्तान की जनता अपने ऊपर होने वाले शोषण और अत्याचार के प्रति अवगत हो कर संगठित न हो सके। यही वजह थी की भारत को इन नामुरादों की 200 साल गुलामी सहनी पड़ी।

माण्डले जेल में लोकमान्य तिलक

लोकमान्य तिलक को इसलिए 6 साल जेल भेज दिया गया चूँकि इन गोरे लुटेरों को पता था कि वह (Lokmanya Tilak) भारत की जनता के दिल में अपने वक्तव्यों और प्रसार-प्रचार पत्रों के द्वारा आजादी का जुनून भर सकते हैं और ऐसा होने पर अंग्रेजों की नाक में दम होना तय था। जेल में बाल गंगाधर तिलक ने कुछ किताबों और राजनैतिक पत्र लेखन की मांग की लेकिन उन्हें ठुकरा दिया गया। फिर भी वहां उन्हें एक किताब लिखने की छूट दे दी गई। तथ्यों के अनुसार कारावास के दौरान ही उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया था।

ब्रिटिश सरकार द्वारा धारा 124 ए में संशोधन

यह धारा वर्ष 1870 में अंग्रेज हुकूमत द्वारा लागू की गई। जिसमें अंग्रेज सरकार विरुद्ध जाने वाले भारतीय को 3 वर्ष जेल से ले कर हमेशा के लिए देशनिकाला तक का प्रावधान था। आगे चल कर 1898 में इसमें संशोधन कर दिया गया और धारा 153 ए को जोड़ा गया। इस धारा के तहत विभिन्न धर्मों में नफरत फैलाने, अंग्रेजों के विरुद्ध घृणा व्यक्त करने या सरकार का मान भंग करने पर मामले की गंभीरता अनुसार कठोर सजा का प्रावधान था।

ऑल इंडिया होम रूल लीग से जुड़े तथ्य

  1. एनी बेसेंट और लोकमान्य तिलक ने इसकी स्थापना की थी। इस आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य “पूर्ण स्वराज” प्राप्त करना था।
  2. वर्ष 1916 में शुरू किया गया यह आंदोलन बाल गंगाधर तिलक की प्रसिद्धि का बड़ा कारण बना।
  3. यह संगठन एक पैटर्न पर काम करता था, 4 से 5 लोगों का ग्रुप बनाया जाता फिर वह देश के बड़े राजनेता व वकीलों को “होम रूल लीग” के उद्देश्य के बारे में बताते।
  4. एनी बेसेंट आयरलैंड से भारत आई थीं | वहां उन्होंने यह (होम रूल लीग) मॉड्यूल देखा था। जिसे भारत में प्रयोग किया गया।

बाल गंगाधर तिलक / लोकमान्य तिलक द्वारा लिखित पुस्तकें और “पत्र व लेख”

  • द ओरिओन
  • श्रीमद्भगवद्गीता रहस्य ( जेल में रहने के दौरान लिखी )
  • द आर्कटिक होम ऑफ द वेदाज
  • द् हिन्दू फिलोसोफी ऑफ लाइफ, “एथिक्स एंड रिलिजन”
  • वेदों का काल और वेदांग ज्योतिष
  • टिळक पंचांग पद्धती

“श्यामजी कृष्ण वर्मा एवं अन्य को लिखे लोकमान्य तिलक के पत्र और उनके द्वारा लिखित चयन किये हुए कुछ दस्तावेज भी प्रकाशित हुए थे, जिन्हें रवीन्द्र कुमार द्वारा संपादित किया गया है।”

freedom fighters Stories

देशभक्त बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु

मातृभूमि की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले इस कांग्रेसी नेता ने 1 अगस्त 1920 के दिन मुंबई (बम्बई) महाराष्ट्र (भारत) में अंतिम श्वास लिए। उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें भारतीय क्रांति का जनक बताया और गांधीजी ने उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता कह कर सम्मानित किया। देश की आजादी की मुहिम में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इस स्वतंत्रता सेनानी को सदैव आदरपूर्वक याद किया जाता है।

FAQs – (Life Story of  Bal Gangadhar Tilak)

Q – बाल गंगाधर तिलक कौन थे ?
A – वह एक प्रसिद्ध भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी थे।

Q – बाल गंगाधर तिलक किस संगठन से जुड़े हुए थे ?
A – वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से ताल्लुक रखते थे।

Q – लोकमान्य तिलक ने कौनसा प्रसिद्ध नारा दिया था।
A – “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर ही रहूँगा” यह नारा उन्होंने मराठी भाषा में दिया था।

Q – बाल गंगाधर तिलक ने अपने पत्र “केसरी” में कौनसा लेख लिखा था और उन्हें कहाँ जेल भेजा गया?
A – उन्होंने अपने पत्र केसरी में “देश का दुर्भाग्य” नाम से लेख लिखा था, इसलिए अंग्रेजों ने उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया और माण्डल (बर्मा) जेल में भेजा था।

Q – बाल गंगाधर तिलक के उपनाम क्या क्या है?
A – उन्हें लोकमान्य और बाल भी कहा जाता था।

Q – लोकमान्य तिलक का जीवनकाल कितना रहा?
A – वह 23 जुलाई 1856 के दिन जन्मे थे और 1 अगस्त 1920 के दिन मृत्यु को प्राप्त हुए। (जीवनकाल 64 वर्ष)

Q – बाल गंगाधर तिलक को अंग्रेज क्या बुलाते थे ?
A – अंग्रेज उन्हें “भारतीय अशान्ति के पिता” कहते थे।

Q – लोकमान्य तिलक द्वारा रचित सब से प्रसिद्ध कृति का नाम क्या है?
A – श्रीमद्भगवद्गीता की व्याख्या को लेकर मांडले जेल में लिखी गयी “गीता-रहस्य” उनकी सर्वोत्कृष्ट रचना है।

Q – आल इण्डिया होम रूल लीग क्या है ?
A – बाल गंगाधर तिलक ने अप्रैल 1916 में एनी बेसेंट की सहायता से होम रुल लीग की स्थापना की थी। इस आंदोलन से वह बहुत प्रसिद्ध हुए थे।

Q – बाल गंगाधर तिलक की मौत के बाद गांधीजी और नेहरू ने क्या कहा था ?
A – लोकमान्य तिलक के अवसान के बाद महात्मा गांधी ने उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता और जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें भारतीय क्रांति का जनक बताया था।

Read Also : 

Did you like the Lokmanya Bal Gangadhar Tilak Biography In Hindi ? /  स्वतन्त्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की जीवनी आपको कैसी लगी ? Please share your comments.

यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: [email protected] .पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Top trading ideas: 15 दिनों में ही करना चाहते हैं छप्परफाड़ कमाई तो इन 10 स्टॉक्स पर लगाएं दांव

Next Post

पंजाब विजिलेंस कर रही मनप्रीत बादल से पूछताछ, बाहर समर्थक…

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

history

History July 12: 12 जुलाई का इतिहास में खास दिन, जानें क्या-क्या हुआ था आज के दिन

रविवार, 12 जुलाई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

रविवार, 12 जुलाई 2026
Heavy Rain Alert

Heavy Rainfall Alert: मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, 10 राज्यों में ऑरेंज वार्निंग जारी

रविवार, 12 जुलाई 2026
Breaking News Live Updates 12 July 2026

Breaking News Live Updates 12 July 2026: Top Headlines, हर अपडेट सबसे तेज

रविवार, 12 जुलाई 2026
astrology

Aaj Ka Rashifal 12 July 2026: रविवार का राशिफल, जानें आज किन राशियों को मिलेगी किस्मत का साथ

रविवार, 12 जुलाई 2026
Railway Tatkal

Indian Railways Tatkal Ticket: तत्काल टिकट का बदला नियम! अब टोकन मिलने का समय बदला

शनिवार, 11 जुलाई 2026
Next Post
विजिलेंस

पंजाब विजिलेंस कर रही मनप्रीत बादल से पूछताछ, बाहर समर्थक...

Travel Tips: You can also visit these places in Tanakpur this time

आप भी इस बार जा सकते है घूमने के लिए टनकपुर में इन जगहों पर

NDA-INDIA...

महिलाओं के खिलाफ 'अपराध' को लेकर संसद की गांधी प्रतिमा पर NDA-INDIA...

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।