IMD Heavy Rain Alert : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 नवंबर 2026 को दोपहर 1:15 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति में चेतावनी दी है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 6 से 10 नवंबर के बीच अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। IMD Heavy Rain Alert के दायरे में केरलम और माहे (6 से 8 नवंबर) तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम (6 नवंबर) भी हैं। यह विज्ञप्ति पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत जारी हुई है।
सिर्फ बारिश ही नहीं, इन इलाकों में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है, जो झोंकों में 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। उधर उत्तर-पश्चिम भारत में 10 नवंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ असर दिखाएगा। राहत की बात यह है कि पश्चिम और मध्य भारत में पूरे हफ्ते कोई बड़ा मौसमी बदलाव नहीं दिखेगा।
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IMD Heavy Rain Alert: एक नज़र में क्या, कहां और कब
| इलाका | भारी बारिश की चेतावनी | तारीख |
|---|---|---|
| तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल | अलग-अलग जगह भारी बारिश | 6 से 10 नवंबर |
| केरलम और माहे | अलग-अलग जगह भारी बारिश | 6 से 8 नवंबर |
| तटीय आंध्र प्रदेश और यनम | अलग-अलग जगह भारी बारिश | 6 नवंबर |
| जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद | अलग-अलग जगह भारी बारिश | 12 नवंबर |
| अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह | अलग-अलग जगह भारी बारिश | 9 से 11 नवंबर |
| अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय | अलग-अलग जगह भारी बारिश | 10 से 11 नवंबर |
| नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा | अलग-अलग जगह भारी बारिश | 9 से 11 नवंबर |
दक्षिण भारत: तमिलनाडु और केरलम में सबसे लंबा दौर
देखा जाए तो इस बार सबसे लंबा असर दक्षिण प्रायद्वीप पर पड़ने वाला है। केरलम और माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 6 से 8 नवंबर के बीच काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना है। 9 से 12 नवंबर के बीच यही इलाके अलग-अलग जगह हल्की से मध्यम बारिश के दायरे में रहेंगे।
| इलाका | बारिश | आंधी-बिजली और तेज हवा |
|---|---|---|
| केरलम और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल | 6 से 8 नवंबर: काफी व्यापक से व्यापक; 9 से 12 नवंबर: छिटपुट से बिखरी हुई | तमिलनाडु आदि: 6 से 10 नवंबर; केरलम-माहे और लक्षद्वीप: 6 से 8 नवंबर (हवा 30-40, झोंके 50 किमी/घंटा) |
| तटीय कर्नाटक | 6 से 8 नवंबर: छिटपुट से बिखरी हुई | 6 नवंबर: आंधी और बिजली |
| आंतरिक दक्षिणी कर्नाटक | 6 से 10 नवंबर: छिटपुट से बिखरी हुई | 6 नवंबर: आंधी और बिजली |
| तटीय आंध्र प्रदेश-यनम और रायलसीमा | 6 से 12 नवंबर: छिटपुट से बिखरी हुई | तटीय आंध्र-यनम: 6 से 9 नवंबर आंधी, बिजली, तेज हवा; 6 से 9 नवंबर तेज सतही हवाएं |
| तेलंगाना | 6 से 7 नवंबर: छिटपुट से बिखरी हुई | 6 नवंबर: आंधी, बिजली, तेज हवा |
केरलम और माहे में 9 से 10 नवंबर को भी अलग-अलग जगह आंधी और बिजली की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत: 10 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ का असर
समझने वाली बात है कि उत्तर भारत में बारिश अभी दूर है। IMD के मुताबिक नया पश्चिमी विक्षोभ 10 नवंबर से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 10 नवंबर को अलग-अलग जगह बारिश होगी, फिर 11 से 12 नवंबर को काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना है। इसी क्षेत्र में 10 से 12 नवंबर के बीच आंधी, बिजली और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की हवा चलेगी, जो झोंकों में 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। 12 नवंबर को यहां भारी बारिश भी संभावित है।
| इलाका | अनुमान | तारीख |
|---|---|---|
| हिमाचल प्रदेश | छिटपुट से बिखरी हुई बारिश | 10 से 12 नवंबर |
| हिमाचल प्रदेश | आंधी और बिजली | 12 नवंबर |
| उत्तराखंड | छिटपुट से बिखरी हुई बारिश | 8 से 9 नवंबर |
| हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब | छिटपुट से बिखरी हुई बारिश | 11 से 12 नवंबर |
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: अंडमान-निकोबार और असम में भी बारिश
पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह सबसे ज्यादा प्रभावित दिखता है। यहां 6 से 7 नवंबर को छिटपुट बारिश के बाद 8 से 12 नवंबर तक काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर में भी 9 से 11 नवंबर के बीच कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है।
| इलाका | अनुमान | तारीख |
|---|---|---|
| अंडमान और निकोबार | छिटपुट बारिश; फिर काफी व्यापक से व्यापक बारिश; आंधी-बिजली | 6 से 7; 8 से 12; 9 से 12 नवंबर |
| झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम | छिटपुट से बिखरी हुई बारिश | 9 से 11 नवंबर |
| गंगीय पश्चिम बंगाल | छिटपुट से बिखरी हुई बारिश | 9 से 12 नवंबर |
| बिहार | छिटपुट से बिखरी हुई बारिश | 10 नवंबर |
| ओडिशा | छिटपुट से बिखरी हुई बारिश; 6 नवंबर को आंधी, बिजली और तेज हवा | 6 से 7 और 10 से 11 नवंबर |
| अरुणाचल प्रदेश | छिटपुट से बिखरी हुई बारिश | 6 और 9 से 12 नवंबर |
| असम और मेघालय | छिटपुट से बिखरी हुई बारिश | 6 और 8 से 12 नवंबर |
| नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा | छिटपुट से बिखरी हुई बारिश | 6 से 12 नवंबर |
गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 10 नवंबर को आंधी और बिजली की भी संभावना है।
दिल्ली-NCR का मौसम: साफ आसमान, सुबह हल्का कोहरा
दिल्ली के लिए IMD का अनुमान बारिश का नहीं है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री और न्यूनतम 17 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। सफदरजंग हवाई अड्डे पर हल्का कोहरा दर्ज हुआ, जहां सुबह 6:30 से 9:30 बजे के बीच दृश्यता घटकर 700 मीटर रही और 6 नवंबर को सुबह 10 बजे तक 800 मीटर हुई।
| तारीख | आसमान | अधिकतम / न्यूनतम तापमान | खास बात |
|---|---|---|---|
| 6 नवंबर | मुख्यतः साफ | 28-30°C | अधिकतम तापमान सामान्य से कम (-1.6 से -3.0°C); दोपहर में पश्चिमी हवा 18 किमी/घंटा तक |
| 7 नवंबर | मुख्यतः साफ | 27-29°C / 15-17°C | सुबह कई जगह हल्का कोहरा; न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर (1.6 से 3.0°C); उत्तर-पश्चिमी हवा 12 से 15 किमी/घंटा |
| 8 नवंबर | मुख्यतः साफ | 27-29°C / 14-16°C | सुबह कई जगह हल्का कोहरा; न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास; उत्तर-पूर्वी और पूर्वी हवा 12 से 15 किमी/घंटा |
| 9 नवंबर | आंशिक बादल | 27-29°C / 14-16°C | अधिकांश जगह मध्यम कोहरा; दक्षिण-पूर्वी हवा 15 से 18 किमी/घंटा तक |
भारी बारिश का संभावित असर और सुझाई गई कार्रवाई
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि IMD ने सिर्फ चेतावनी नहीं दी, असर और बचाव दोनों साफ बताए हैं। चिंता का विषय खासकर निचले इलाकों और कच्चे घरों के लिए है। साथ ही IMD ने कहा है कि नारंगी और लाल रंग की चेतावनियों के आधार पर कदम उठाए जाएं, और शहरी व पहाड़ी जैसे संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी पर कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
| संभावित असर |
|---|
| पेड़ों की टहनियां टूटना, केला, पपीता और सहजन जैसे छोटे पेड़ उखड़ना; बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान |
| कमजोर ढांचों को आंशिक नुकसान; कच्चे घर, दीवारें, झोपड़ियां और सड़कों को मामूली नुकसान |
| हल्की चीजें उड़ सकती हैं; छोटे जहाज, ट्रॉलर और नावें प्रभावित हो सकती हैं |
| सड़क और रेल यातायात पर असर; भारी बारिश में कभी-कभी दृश्यता कम होना |
| स्थानीय भूस्खलन, कीचड़ धंसना, जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति; हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित |
| सुझाई गई कार्रवाई |
|---|
| मौसम पर नजर रखें और हालात बिगड़ने पर सुरक्षित जगह जाने के लिए तैयार रहें |
| सुरक्षित आश्रय लें, बिजली गिरने के खतरे में पेड़ों के नीचे न रुकें |
| बिजली की आशंका में बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तुरंत अनप्लग करें, पानी से बाहर निकलें और बिजली संचालित करने वाली चीजों से दूर रहें |
| पर्यटन और मनोरंजन गतिविधियों को नियंत्रित करें |
| तटीय और समुद्री गतिविधियों को समझदारी से नियंत्रित करें; हेलीकॉप्टर सेवाओं को नियमित करें |
किसानों और पशुपालकों के लिए IMD की सलाह
आम आदमी पर असर की बात करें तो सबसे बड़ी चुनौती किसानों, मछुआरों और सफर करने वालों के सामने है। फसल कटाई के बाद का अनाज खेत में पड़ा हो तो उसे सुरक्षित जगह ले जाएं या तिरपाल से ढकें और मजबूती से बांधें। बागवानी फसलों, सब्जियों और छोटे फलदार पौधों को सहारा दें ताकि तेज हवा में गिरें नहीं।
| राज्य | कृषि सलाह |
|---|---|
| तमिलनाडु | धान, मक्का और कैजुआरिना के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें; केले के बागानों को यांत्रिक सहारा दें; गन्ने में जड़ क्षेत्र में जलभराव रोकने के लिए खेत की नालियां तुरंत खोलें |
| केरलम | खड़ी फसलों में जल निकासी ठीक रखें; रबी धान की रोपाई तभी करें जब खेत की स्थिति ठीक हो; केले के लिए जल निकासी वाले गड्ढे तैयार करें; केला-पपीता को सहारा दें और पौधों-सब्जियों को खूंटे से बांधें |
| तटीय आंध्र प्रदेश | धान, कपास, अरहर, मक्का, गन्ना, मूंगफली, ज्वार, बाजरा, हल्दी, अदरक और सब्जियों के खेतों व केला, पपीता, कॉफी के बागानों से जलभराव रोकें; गिरे धान और गन्ने को उठाकर सहारा दें |
पशुओं को बारिश के दौरान शेड के अंदर रखें और संतुलित आहार दें। चारा और दाना सुरक्षित जगह रखें ताकि खराब न हो। मछली पालन वाले तालाबों के चारों ओर जाली के साथ निकासी बनाएं, ताकि पानी बहने पर मछलियां बाहर न निकलें।
विश्लेषण: दक्षिण में लंबा दौर, उत्तर में अगले हफ्ते की आहट
इससे साफ होता है कि अगले कुछ दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग तस्वीर दिखेगी। दक्षिण में बारिश 6 से 8 नवंबर के बीच सबसे तीव्र रहेगी, जबकि तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी 10 नवंबर तक खिंचती है। पूर्वोत्तर में भारी बारिश का दौर 9 से 11 नवंबर के बीच है, और अंडमान-निकोबार में 8 से 12 नवंबर तक बारिश जारी रह सकती है। उत्तर में 10 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ आएगा, यानी पहाड़ी राज्यों में पहले बदलाव दिखेगा और फिर 11-12 नवंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में हल्की बारिश संभव है।
इसका मतलब है कि दिल्ली के लोगों को फिलहाल बारिश की चिंता नहीं, पर सुबह के कोहरे और 9 नवंबर को मध्यम कोहरे पर नजर रखनी होगी। दक्षिण के राज्यों में रहने वालों के लिए सवाल उठता है कि सफर और बाहरी गतिविधियां कितनी सुरक्षित रहेंगी। IMD का सुझाव है कि इन्हें नियंत्रित रखा जाए। एक और अहम बात: जैसे-जैसे पूर्वानुमान की अवधि बढ़ती है, उसकी सटीकता घटती है। इसलिए ताजा अपडेट देखते रहना जरूरी है।
क्या है इस चेतावनी का आधार
पिछले 24 घंटे (6 नवंबर सुबह 8:30 बजे तक) में तमिलनाडु और आंतरिक दक्षिणी कर्नाटक में 7 से 11 सेमी की भारी बारिश दर्ज हुई। सबसे ज्यादा बारिश तमिलनाडु के किन्नाकोराई (द नीलगिरिस) में 8 और आंतरिक दक्षिणी कर्नाटक के बेल्लूर (मांड्या) में 7 दर्ज की गई।
मौसम तंत्र की बात करें तो दक्षिण-पूर्वी अरब सागर से, केरलम से सटे इलाके से, आंतरिक दक्षिणी कर्नाटक तक निचले वायुमंडलीय स्तर पर पूर्वी हवाओं का एक द्रोणिका (ट्रफ) बना है। पूर्वी बांग्लादेश और उसके आसपास तथा पूर्वोत्तर असम और उसके आसपास निचले वायुमंडलीय स्तर पर दो ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण हैं। इन्हीं के असर से ऊपर दिया गया मौसम बन रहा है। IMD के मुताबिक भारी बारिश की श्रेणियां इस तरह हैं:
| श्रेणी | बारिश की मात्रा |
|---|---|
| भारी बारिश | 64.5 से 115.5 मिमी |
| बहुत भारी बारिश | 115.6 से 204.4 मिमी |
| अत्यंत भारी बारिश | 204.4 मिमी से ज्यादा |
अधिक जानकारी के लिए राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन यहां, जिलेवार चेतावनी यहां और मछुआरों की चेतावनी यहां देखी जा सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- IMD ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 6 से 10 नवंबर, केरलम और माहे में 6 से 8 नवंबर तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 6 नवंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी है।
- उत्तर-पश्चिम भारत में 10 नवंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ असर डालेगा, और दिल्ली-पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़ में 11 से 12 नवंबर को छिटपुट बारिश संभव है।
- दिल्ली में 6 से 9 नवंबर तक मुख्यतः साफ आसमान रहेगा, सुबह कोहरा होगा, और 9 नवंबर को मध्यम कोहरा संभव है।
- पश्चिम और मध्य भारत में पूरे हफ्ते कोई बड़ा मौसमी बदलाव नहीं होगा।











