Punjab SC Scholarship Scheme के तहत वर्ष 2026-27 में अनुसूचित जाति के करीब 2.70 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिलने जा रहा है। पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि आर्थिक कठिनाइयां किसी भी अनुसूचित जाति के विद्यार्थी की उच्च शिक्षा की राह में बाधा न बनें।
देखा जाए तो यह सिर्फ एक घोषणा नहीं बल्कि पंजाब सरकार की एक बड़ी सामाजिक न्याय पहल का हिस्सा है, जिसके तहत वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा के समान अवसर देने की कोशिश की जा रही है।
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245 करोड़ रुपये होंगे खर्च, 40% बढ़े लाभार्थी
वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों की जानकारी साझा करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग 2.70 लाख अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए लगभग 245 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय प्रस्तावित किया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2020-21 की तुलना में वर्ष 2025-26 में इस योजना का लाभ पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो योजना की बढ़ती पहुंच का स्पष्ट प्रमाण है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| लक्षित लाभार्थी (2026-27) | 2.70 लाख विद्यार्थी |
| प्रस्तावित बजट | 245 करोड़ रुपये |
| लाभार्थी वृद्धि (2020-21 से 2025-26) | 40 प्रतिशत |
| आवेदन माध्यम | नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) |
| जागरूकता समारोह की तारीख | 30 जनवरी 2026 |
| समारोह में शामिल विद्यार्थी | 10,000 से अधिक |
पारदर्शिता के साथ लागू हो रही है योजना
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को पूरी पारदर्शिता और समर्पण के साथ लागू किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।
समझने वाली बात है कि योजना के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए 30 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में एक विशेष जागरूकता समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इस समारोह का मकसद विद्यार्थियों को योजना की पूरी जानकारी देना और उन्हें इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
NSP पोर्टल से होगा ऑनलाइन आवेदन
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए इस योजना को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से ऑनलाइन लागू किया गया है। आवेदन प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध करवाने, तकनीकी समस्याओं का समाधान करने और योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
मंत्री ने अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों को भी निर्देश दिए हैं कि वे पात्र विद्यार्थियों को पूरा सहयोग प्रदान करें, ताकि कोई भी विद्यार्थी जानकारी के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न रहे।
जानें पूरा मामला
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना ही नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर, सशक्त और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक समानता, आर्थिक प्रगति और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावशाली माध्यम है, और सरकार युवाओं की उम्मीदों को साकार करने के लिए लगातार काम कर रही है ताकि ‘रंगला पंजाब’ का सपना पूरा हो सके।
मंत्री ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पूरी लगन से प्रयास करें और पंजाब की तरक्की में अपना योगदान दें।
विशेषज्ञ विश्लेषण
अगर गौर करें तो यह योजना सिर्फ छात्रवृत्ति बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक गतिशीलता की एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। बजट में 245 करोड़ रुपये का प्रावधान और लाभार्थियों की संख्या में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि योजना की पहुंच वास्तव में जमीनी स्तर पर बढ़ रही है। उम्मीद की किरण यह है कि NSP पोर्टल जैसे डिजिटल माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी बनने से बिचौलियों की भूमिका कम होगी, हालांकि असली चुनौती दूरदराज इलाकों के विद्यार्थियों तक इस जानकारी को पहुंचाने की बनी रहेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब सरकार वर्ष 2026-27 में 2.70 लाख अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देगी।
- पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना पर 245 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- 2020-21 की तुलना में 2025-26 में लाभार्थियों की संख्या में 40 प्रतिशत वृद्धि हुई।
- आवेदन नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है।











