Rahul Gandhi Insaaf Rally Sangrur को लेकर पंजाब कांग्रेस ने बड़ा ऐलान किया है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सरदार परगट सिंह ने कहा है कि 4 नवंबर को संगरूर में होने वाली यह रैली पंजाब के हक, इंसाफ और भविष्य की लड़ाई का निर्णायक मंच बनेगी।
देखा जाए तो इस रैली को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे, जिसमें पंजाब के एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। चंडीगढ़ में 29 अक्टूबर को दिए गए बयान में परगट सिंह ने साफ कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार ने कई जरूरी मुद्दों पर चुप्पी साधी है।
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‘पुलिस स्टेट’ बनाने का गंभीर आरोप
समझने वाली बात है कि परगट सिंह ने अपने बयान में सबसे तीखा हमला कानून-व्यवस्था को लेकर बोला। उन्होंने कहा कि वे विधानसभा में पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि आप सरकार पंजाब को ‘पुलिस स्टेट’ बना रही है।
उनके मुताबिक आज पुलिस और सिविल प्रशासन का मनोबल गिरा हुआ है और जनता का पुलिस पर विश्वास डगमगा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश में और आम आदमी पार्टी ने पंजाब में लोकतांत्रिक व्यवस्था के स्वाभाविक कामकाज को कमजोर किया है।
धान खरीद पर उठाया सवाल
दिलचस्प बात यह है कि परगट सिंह ने किसानों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब का किसान अपनी फसल बेचने के लिए परेशान है, लेकिन सरकार उसकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं दे रही।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब दूसरे राज्यों में बेहतर कीमतों की चर्चा हो रही है, तो पंजाब के किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और समय पर खरीद क्यों सुनिश्चित नहीं हो रही। उनके मुताबिक किसानों को सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि मंडियों में सुचारु खरीद चाहिए।
बेअदबी मामलों पर सरकार से मांगा जवाब
अगर गौर करें तो परगट सिंह ने बेअदबी के संवेदनशील मामलों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को इन मामलों में न्याय की उम्मीद थी, लेकिन मामलों को राज्य से बाहर स्थानांतरित किए जाने से कई सवाल खड़े हुए हैं।
उन्होंने डैम सेफ्टी एक्ट की धारा 79(1) और राजस्थान को पानी देने के मामले में पंजाब के हितों पर भी सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा। उनके मुताबिक नदी जल विवाद से संबंधित अनुच्छेद 78, 79 और 80 के तहत कानूनी प्रक्रिया चल रही है, इसलिए सरकार को गंभीरता से पक्ष रखना चाहिए।
मूसेवाला हत्याकांड से तुलना
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि परगट सिंह ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए परमिंदर सिंह झोटा और गुलजार सिंह से जुड़े मामलों का उल्लेख किया।
उन्होंने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का हवाला देते हुए कहा कि जब इतने बड़े मामले की जांच में वर्षों लग गए, तो किसी अन्य घटना में महज दो घंटे के भीतर हत्या का निष्कर्ष निकालने के आधार पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
नशे और बेरोजगारी पर जताई चिंता
चिंता का विषय यह है कि परगट सिंह के मुताबिक गांवों और शहरों में नौजवानों का भविष्य दांव पर लगा है, जबकि बेरोजगारी के कारण युवा लगातार परेशान हैं।
उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि परविंदर सिंह झोटा के परिवार के प्रति संवेदना जताने तक सरकार का न पहुंचना उसके रवैये पर सवाल खड़े करता है।
आचार संहिता और चूरा-पोस्त पर भी रखी राय
इसका मतलब है कि परगट सिंह ने सिर्फ आरोप ही नहीं लगाए, बल्कि नीतिगत मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। जल्द आचार संहिता लागू होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि केवल आचार संहिता लागू होने से व्यवस्था की समस्याएं दूर नहीं होंगी, असली जरूरत जनता का विश्वास बहाल करने की है।
सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण के लिए चूरा-पोस्त की खेती वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर कोई भी फैसला विशेषज्ञ समिति की देखरेख में ही लिया जाना चाहिए, ताकि नशे की समस्या कम हो न कि नया संकट पैदा हो।
जानें पूरा मामला
‘इंसाफ रैली’ कांग्रेस पार्टी की उस राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत पार्टी पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज को जनता के सामने रखना चाहती है। संगरूर में होने वाली इस रैली को कांग्रेस के लिए एक बड़े जनसमर्थन प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 4 नवंबर को संगरूर में राहुल गांधी की ‘इंसाफ रैली’ होगी, जिसमें एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
- परगट सिंह ने पंजाब को ‘पुलिस स्टेट’ बनाने का आरोप लगाया।
- धान खरीद, बेअदबी मामलों और जल अधिकारों पर सरकार से जवाब मांगा गया।
- नशे, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था को रैली के प्रमुख मुद्दे बताया गया।












