Bay of Bengal Cyclone को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 अक्टूबर 2026 को अहम प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदलने जा रहा है, और इसके आगे चलकर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की पूरी आशंका है।
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‘कैसे बना यह सिस्टम’
18 अक्टूबर को थाईलैंड की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद था। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 21 अक्टूबर की शाम उत्तर अंडमान सागर के ऊपर पहुंचा और 22 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व व पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान द्वीप समूह के ऊपर स्थित हो गया।
इसी प्रभाव के चलते 23 अक्टूबर की सुबह पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का क्षेत्र बन गया, जो दोपहर तक उसी क्षेत्र में बना रहा।
‘आगे क्या होगा सिस्टम का रास्ता’
समझने वाली बात है कि यह सिस्टम अब तेजी से आगे बढ़ने वाला है। यह 24 अक्टूबर को डिप्रेशन में तब्दील होगा, 25 अक्टूबर को गहरे डिप्रेशन में बदलेगा और 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा।
इसके बाद यह उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट की ओर बढ़ते हुए अगले 2 दिनों में और तीव्र होगा।
| तारीख | सिस्टम की स्थिति |
|---|---|
| 24 अक्टूबर | डिप्रेशन में बदलेगा |
| 25 अक्टूबर | गहरे डिप्रेशन में बदलेगा |
| 26 अक्टूबर सुबह | पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान |
| 27-28 अक्टूबर | उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट की ओर बढ़ेगा और तीव्र होगा |
‘किन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी’
चिंता का विषय यह है कि इस सिस्टम का असर कई राज्यों में भारी बारिश के रूप में दिखेगा। अंडमान द्वीप समूह में 23 से 27 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है।
| राज्य/क्षेत्र | बारिश चेतावनी | तारीख |
|---|---|---|
| ओडिशा तटीय क्षेत्र | हल्की से मध्यम बारिश | 26 अक्टूबर |
| ओडिशा | भारी से बहुत भारी, कहीं अत्यंत भारी बारिश | 27-29 अक्टूबर |
| उत्तर आंध्र प्रदेश | भारी से बहुत भारी, कहीं अत्यंत भारी बारिश | 27-28 अक्टूबर |
| गंगीय पश्चिम बंगाल | भारी बारिश | 28-29 अक्टूबर |
| झारखंड | भारी बारिश | 28-29 अक्टूबर |
| छत्तीसगढ़ | भारी से बहुत भारी बारिश | 28-29 अक्टूबर |
| उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम | भारी बारिश | 29 अक्टूबर |
| बिहार | भारी बारिश | 29 अक्टूबर |
‘हवा की रफ्तार और समुद्र की स्थिति’
अगर गौर करें तो हवा की गति लगातार बढ़ने वाली है। 23 अक्टूबर को पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान द्वीप समूह के आसपास 35-45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो 55 किमी प्रति घंटे तक झोंकों में पहुंच सकती हैं।
यह रफ्तार 24 अक्टूबर को 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी) और 25 अक्टूबर को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी) तक पहुंच सकती है। 26 अक्टूबर तक यह तूफानी हवा का रूप लेते हुए 70-80 किमी प्रति घंटे (झोंके 90 किमी) तक पहुंच सकती है, जो 28 अक्टूबर तक और बढ़ सकती है।
समुद्र की स्थिति भी 23 अक्टूबर को मध्यम से खुरदरी, 24 अक्टूबर को खुरदरी से बहुत खुरदरी, और 26 से 28 अक्टूबर के बीच पश्चिम-मध्य व पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में ऊंची से बहुत ऊंची लहरों वाली रहने की आशंका है।
‘मछुआरों के लिए जरूरी चेतावनी’
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि समुद्र में मौजूद मछुआरों को 24 अक्टूबर की सुबह तक तट पर लौट आने की सलाह दी गई है। मछुआरों को निम्नलिखित क्षेत्रों में न जाने की हिदायत दी गई है:
- पूर्व-मध्य व दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी: 23 अक्टूबर शाम से 26 अक्टूबर तक
- पश्चिम-मध्य, उत्तर-पश्चिम व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी: 26 से 28 अक्टूबर तक
- आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट के आसपास: 27 से 28 अक्टूबर तक
‘असर और सुझाए गए कदम’
अंडमान द्वीप समूह में 23-24 अक्टूबर तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में 27-28 अक्टूबर को सड़कों पर जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने, अंडरपास बंद होने, भारी बारिश से दृश्यता कम होने और शहरों में यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं आ सकती हैं। कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान और कुछ क्षेत्रों में बागवानी व खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
इससे साफ होता है कि प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है। मत्स्य विभाग और बंदरगाह प्राधिकरणों को मछुआरों को अलर्ट करने और IMD की आगामी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। शिपिंग, पोर्ट और अपतटीय संचालकों को भी परिचालन तैयारियों की समीक्षा करने को कहा गया है।
‘आम लोगों पर क्या असर’
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति जांचनी चाहिए, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचना चाहिए और कमजोर संरचनाओं में रहने से परहेज करना चाहिए, ताकि किसी तरह के नुकसान से बचा जा सके।
‘जानें पूरा मामला’
बंगाल की खाड़ी के ऊपर 18 अक्टूबर से बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए 23 अक्टूबर को कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। IMD के अनुसार यह सिस्टम अगले कुछ दिनों में डिप्रेशन, गहरे डिप्रेशन से होते हुए 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है और उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा तट की ओर बढ़ सकता है, जिसके चलते कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरों की चेतावनी जारी की गई है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव क्षेत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।
- ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में भारी बारिश की चेतावनी।
- हवा की रफ्तार 26 अक्टूबर तक 70-80 किमी प्रति घंटे (झोंके 90 किमी) तक पहुंच सकती है।
- मछुआरों को 24 अक्टूबर सुबह तक तट पर लौटने और समुद्र में न जाने की सलाह।










