Rajbir Ghumman CBI Inquiry : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन एक बार फिर चर्चा में हैं। CMO से जुड़े कथित करप्शन केस में पूछताछ के लिए वे तीसरी बार चंडीगढ़ स्थित CBI कार्यालय पहुंचे।
दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले उन्हें 22 अक्टूबर को बुलाया गया था, मगर वे उस दिन पेश नहीं हो पाए थे। अब इस पूरे मामले में सवालों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।
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पहली बार 40 तो दूसरी बार 50 सवाल
पहली बार जब घुम्मन CBI कार्यालय से बाहर निकले थे, तब उन्होंने बताया था कि उनसे करीब 40 सवाल पूछे गए, जिनमें कुछ पुराने तो कुछ बिल्कुल नए थे। उन्होंने तसल्ली से सभी के जवाब दिए।
वहीं दूसरी बार हुई पूछताछ में सवालों की संख्या बढ़कर 50 हो गई। समझने वाली बात है कि हर बार सवालों की बढ़ती संख्या जांच की गहराई को दर्शाती है। घुम्मन ने दोनों ही बार कहा कि वह निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी बात से नहीं डरते।
6 घंटे तक चली थी पहली पूछताछ
पहली बार जब घुम्मन शुक्रवार को CBI के सामने पेश हुए थे, तब उनसे करीब 6 घंटे तक लगातार पूछताछ की गई थी। उस दौरान उन्होंने बताया था कि माहौल अच्छा रहा और जांच सही तरीके से चल रही है।
हालांकि एक बात ध्यान देने वाली रही कि CBI के अपने तरीके के चलते उनके वकीलों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने अपने साथियों से घबराने की जरूरत न होने की बात भी कही थी और भरोसा जताया था कि उन्हें जल्द क्लीन चिट मिलेगी।
ED भी कर रही है समानांतर जांच
इस मामले में सिर्फ CBI ही नहीं, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी सक्रिय है। ED ने 13 अक्टूबर को जालंधर में इस संबंध में केस दर्ज किया था।
इससे साफ होता है कि अब यह मामला दो बड़ी जांच एजेंसियों के दायरे में आ चुका है, जिससे जांच की गंभीरता और बढ़ गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी गिरफ्तारी पर रोक
FIR दर्ज होने के बाद CBI ने राजबीर घुम्मन को पेश होने के लिए तीन समन भेजे थे, लेकिन वे पेश नहीं हुए थे। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।
12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि वे जांच में पूरा सहयोग करें। इसके बाद ही घुम्मन पहली बार CBI के सामने पेश हुए थे। उनके वकील GPS घुम्मन ने भी कहा था कि राजबीर कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।
करीबियों से भी हुई लंबी पूछताछ
इस मामले में घुम्मन के करीबी माने जाने वाले नितिन गोहल और बीर दविंदर सिंह से भी CBI पूछताछ कर चुकी है। दोनों रविवार को सुबह 11:30 बजे CBI कार्यालय पहुंचे थे और उनसे करीब 10 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए।
पूछताछ के बाद बीर दविंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों के जवाब दे दिए हैं और उन्हें भरोसा है कि निष्पक्ष जांच होगी। उन्होंने यह भी बताया कि वे करीब 70 किलोमीटर दूर से आए थे और CBI ने आगे भी दोबारा नोटिस जारी करने की बात कही है।
गोहल बंधु पहली बार जांच में शामिल
सीबीआई बीर दविंदर सिंह के पिता से पहले ही पूछताछ कर चुकी है, मगर नितिन गोहल और जितिन गोहल पहली बार इस जांच में शामिल हुए। गौरतलब है कि बीर दविंदर सिंह आम आदमी पार्टी के युवा विंग के उपाध्यक्ष हैं और पार्टी की ओर से जिला परिषद का चुनाव भी लड़ चुके हैं।
हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था केस
यह पूरा मामला हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुआ था। CBI ने 5 अक्टूबर को भ्रष्टाचार के आरोपों में केस दर्ज किया, जिसमें राजबीर सिंह घुम्मन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर दविंदर सिंह, आरएस नागरा और कई अज्ञात सरकारी व निजी अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
यह दर्शाता है कि जांच का दायरा अब काफी बड़ा हो चुका है। CBI इस मामले में पंजाब सरकार के 15 से ज्यादा विभागों की फाइलें और 22 से अधिक अधिकारियों के तबादलों के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
आम लोगों पर क्या असर
यह मामला दिखाता है कि मुख्यमंत्री कार्यालय जैसे संवेदनशील पदों पर भी जांच एजेंसियां बिना किसी भेदभाव के काम कर रही हैं। आम जनता के लिए यह जानना जरूरी है कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसी जांच कितनी अहम भूमिका निभाती है।
जानें पूरा मामला
CMO से जुड़े कथित करप्शन केस में हाईकोर्ट के आदेश पर 5 अक्टूबर को CBI ने केस दर्ज किया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राजबीर घुम्मन की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच में सहयोग के निर्देश दिए। इसके बाद घुम्मन अब तक तीन बार CBI दफ्तर पेश हो चुके हैं, जहां उनसे पहली बार 40 और दूसरी बार 50 सवाल पूछे गए, जबकि ED भी समानांतर जांच कर रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- CM भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन तीसरी बार CBI दफ्तर पूछताछ के लिए पहुंचे
- पहली बार 40 तो दूसरी बार 50 सवाल पूछे गए, घुम्मन ने सभी के जवाब दिए होने का दावा किया
- सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर को घुम्मन की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी
- ED भी जालंधर में 13 अक्टूबर को केस दर्ज कर समानांतर जांच कर रही है












