IMD Rainfall Alert के मुताबिक दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिन भारी बारिश लेकर आने वाले हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 20 अक्टूबर को जारी अपने प्रेस बुलेटिन में बताया है कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तमिलनाडु तट पर अगले 24 घंटों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
इसी के चलते तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 26 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की आशंका जताई गई है। चिंता का विषय यह है कि लक्षद्वीप, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक जैसे इलाकों में भी अलग-अलग तारीखों में भारी बारिश का असर दिखेगा।
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पिछले 24 घंटों में कहां कितनी बारिश दर्ज हुई
समझने वाली बात है कि यह चेतावनी बेवजह नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक और केरल में पहले ही 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज हो चुकी है। केरल के कोझिकोड में तो सबसे ज्यादा 10 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, वहीं तमिलनाडु के कई हिस्सों में भी 7 से 9 सेंटीमीटर तक पानी बरसा।
किस राज्य में कब तक रहेगा बारिश का असर: एक नजर में
अगर गौर करें तो हर राज्य के लिए बारिश की तारीखें और तीव्रता अलग-अलग है। नीचे दी गई टेबल से पूरी जानकारी स्पष्ट हो जाएगी:
| राज्य/क्षेत्र | बारिश की अवधि | तीव्रता |
|---|---|---|
| तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल | 20-26 अक्टूबर | भारी से बहुत भारी |
| केरल व माहे | 20-26 अक्टूबर | भारी बारिश |
| लक्षद्वीप | 22-26 अक्टूबर | भारी बारिश |
| दक्षिण आंतरिक कर्नाटक | 21-24 अक्टूबर | भारी बारिश |
| तटीय आंध्र प्रदेश व यनम | 20-21 अक्टूबर | भारी बारिश |
| रायलसीमा | 20-21 अक्टूबर | भारी बारिश |
| अंडमान-निकोबार | 20-24 अक्टूबर | भारी बारिश |
| हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब | 24-25 अक्टूबर | हल्की से मध्यम |
दो और मौसमी सिस्टम बढ़ा रहे हैं चिंता
दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ बंगाल की खाड़ी वाला सिस्टम ही नहीं, बल्कि दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में भी एक कम दबाव का क्षेत्र मौजूद है, जो अगले 24 घंटों में डिप्रेशन में बदल सकता है। यह सिस्टम आगे चलकर सोमालिया तट की तरफ बढ़ने की संभावना है।
इसके अलावा थाईलैंड की खाड़ी के ऊपर बना एक और सिस्टम 21 अक्टूबर तक उत्तरी अंडमान सागर में प्रवेश करेगा। इससे साफ होता है कि 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है, जो आगे और मजबूत हो सकता है।
उत्तर भारत और पंजाब-हरियाणा में भी दिखेगा असर
वहीं दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम भारत में भी मौसम करवट लेगा। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 23 से 25 अक्टूबर के बीच, हिमाचल प्रदेश में 24-25 अक्टूबर को और उत्तराखंड में 23 से 26 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश हो सकती है।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 24-25 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान में 24 अक्टूबर को आंधी-तूफान के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो गस्ट में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
दिल्ली-NCR में अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम
समझने वाली बात है कि दिल्ली में फिलहाल बारिश की कोई बड़ी चेतावनी नहीं है। 20 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। 21 और 22 अक्टूबर को तापमान 31-33 डिग्री के बीच रहेगा और न्यूनतम तापमान 18-20 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है। 23 अक्टूबर को अधिकतम तापमान थोड़ा बढ़कर 32-34 डिग्री तक पहुंच सकता है।
मछुआरों और किसानों के लिए जरूरी चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को भी आगाह किया है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 20 से 22 अक्टूबर तक और केरल-कर्नाटक, लक्षद्वीप तट पर 22 से 24 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। वहीं अंडमान सागर में 23 से 25 अक्टूबर तक भी यही चेतावनी लागू रहेगी।
किसानों के लिए भी खास सलाह जारी की गई है। तमिलनाडु में धान, केला, कपास, हल्दी और गन्ने के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने को कहा गया है ताकि जलभराव न हो। केरल में धान, नारियल, सब्जी और अदरक के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
भारी बारिश वाले इलाकों में सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है, निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है और हेलिकॉप्टर सेवाएं भी बाधित हो सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के उपकरणों को समय रहते अनप्लग कर दें।
मानसून की वापसी के बाद भी थमा नहीं मौसम का उतार-चढ़ाव
यह दर्शाता है कि मानसून की वापसी के बावजूद दक्षिण भारत में बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है। एक के बाद एक बनते मौसमी सिस्टम आने वाले दिनों में भी दक्षिणी राज्यों को भिगोते रहेंगे। उम्मीद की किरण यही है कि समय रहते जारी की गई चेतावनियों से प्रशासन और आम लोग दोनों सतर्क रहकर संभावित नुकसान को कम कर सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 26 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी
- केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी अलग-अलग तारीखों में भारी बारिश का अलर्ट है
- पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में 24-25 अक्टूबर को हल्की बारिश हो सकती है
- मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी गई है










