IMD weather alert south India को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक अहम प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला 22 अक्टूबर 2026 तक जारी रहने वाला है। यह जानकारी 16 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे जारी किए गए आधिकारिक बुलेटिन में दी गई है।
बीते 24 घंटों की बात करें तो तमिलनाडु और तटीय कर्नाटक में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है। वहीं छत्तीसगढ़, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। दिलचस्प बात यह है कि कन्याकुमारी के अडयामदाई में सबसे ज्यादा 18 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई है।
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कई चक्रवाती परिसंचरण बने वजह
समझने वाली बात है कि इस भारी बारिश के पीछे एक-दो नहीं, बल्कि कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। उत्तर पंजाब के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा, उत्तर राजस्थान, दक्षिण राजस्थान, उत्तर गुजरात और उत्तर हरियाणा के ऊपर भी ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।
वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसी के साथ दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश से लेकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन सभी सिस्टमों के मिले-जुले असर से ही दक्षिण भारत में बारिश इतनी तेज हो रही है।
इन राज्यों में रहेगा बारिश का असर
नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है कि किस राज्य में कितने दिन तक बारिश का असर रहने वाला है:
| राज्य/क्षेत्र | बारिश की अवधि | बारिश की तीव्रता |
|---|---|---|
| केरल और माहे | 16-22 अक्टूबर | व्यापक, कहीं-कहीं बहुत भारी |
| तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल | 16-22 अक्टूबर | व्यापक, कहीं अति भारी |
| तटीय कर्नाटक | 16-22 अक्टूबर | व्यापक, 17-19 अक्टूबर भारी |
| दक्षिण आंतरिक कर्नाटक | 16-22 अक्टूबर | व्यापक से भारी |
| उत्तर आंतरिक कर्नाटक | 19 अक्टूबर | व्यापक |
| लक्षद्वीप | 16-22 अक्टूबर | छिटपुट से भारी |
| तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा | 16-22 अक्टूबर | छिटपुट से मध्यम |
| तेलंगाना | 16-22 अक्टूबर | छिटपुट |
देखा जाए तो केरल और तमिलनाडु सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं, जहां पूरे सप्ताह भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका जताई गई है।
आंधी-तूफान और तेज हवाओं की भी चेतावनी
चिंता का विषय यह भी है कि सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का खतरा भी बना हुआ है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं। केरल और लक्षद्वीप में भी 16 अक्टूबर को ऐसी ही स्थिति बनने की आशंका है।
वहीं उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भी आज यानी 16 अक्टूबर को ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। समझने वाली बात है कि इन हवाओं की वजह से पेड़ों की टहनियां टूटने, फसलों को नुकसान और कच्चे मकानों को क्षति पहुंचने का खतरा बना रहता है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का हाल
अगर गौर करें तो दिल्ली में बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 4-5 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 27-28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18-19 डिग्री के आसपास रहा। बीते दिन ज्यादातर जगहों पर हल्की बारिश और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश भी हुई।
16 अक्टूबर को दिल्ली में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे, जो दोपहर बाद आंशिक रूप से साफ हो जाएंगे। अधिकतम तापमान 29-31 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। वहीं 17 से 19 अक्टूबर तक आसमान साफ रहने और तापमान धीरे-धीरे 31-33 डिग्री तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने सिर्फ चेतावनी ही नहीं दी, बल्कि किसानों के लिए जरूरी सलाह भी जारी की है। तमिलनाडु में धान की नर्सरी, कपास, मक्का और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी गई है। केरल में पकी हुई धान की फसल को साफ मौसम में काटकर सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है।
वहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि से बचाव के लिए फलों के बगीचों और सब्जियों के खेतों में हेल नेट या कैप का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। समझने वाली बात है कि यह सावधानियां समय रहते अपनाई जाएं तो फसलों और संपत्ति का नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आम लोगों के लिए मौसम विभाग ने साफ कहा है कि तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें, बिजली के उपकरण बंद रखें और पानी से जुड़ी जगहों से तुरंत दूर हो जाएं। सवाल उठता है कि क्या तटीय इलाकों में रहने वाले लोग इन चेतावनियों को गंभीरता से लेंगे, क्योंकि लापरवाही बरतने पर जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।
जानें पूरा मामला
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, कई चक्रवाती परिसंचरण और एक ट्रफ रेखा के सक्रिय होने से दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर 22 अक्टूबर तक जारी रहने वाला है। इसके साथ ही उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए अलग-अलग एडवाइजरी जारी की हैं ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
मुख्य बातें (Key Points)
- दक्षिण भारत में 22 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी
- तमिलनाडु के कन्याकुमारी में सबसे ज्यादा 18 सेमी बारिश दर्ज की गई
- केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक में गरज-चमक के साथ 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान
- पश्चिम उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि और दिल्ली में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा










