Diljit Dosanjh Khalistani slogans case में जालंधर देहात पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के पैतृक गांव दोसांझ कलां में खालिस्तान समर्थक नारे लिखने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान लवप्रीत सिंह, प्रितपाल सिंह और शगनदीप सिंह के रूप में हुई है, और तीनों ही मोगा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क के सीधे आदेशों पर यह कार्रवाई अंजाम दी गई। 15 अक्टूबर को इन तीनों को दबोचा गया, और अब पुलिस इस मामले को लेकर जल्द ही औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की तैयारी में है।
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दिलजीत का नहीं, पड़ोसी का घर निकला निशाना
दिलचस्प बात यह है कि जिस घर की दीवार पर नारे लिखे गए, वह दिलजीत दोसांझ का घर था ही नहीं। यह मामला 7 अक्टूबर का है, जब दिलजीत के ‘ऑरा इंडिया टूर’ से ठीक पहले कुछ नकाबपोश लोग गांव में घुस आए और एक घर की दीवार पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ लिख गए। बाद में साफ हुआ कि यह घर दिलजीत के पड़ोसी मुख्तियार का था, दिलजीत का नहीं।
पड़ोसी मुख्तियार ने बताया कि रात को स्प्रे की तेज गंध से उनकी नींद खुल गई। उन्होंने बताया, “नींद खुली तो मैंने उन्हें डांटा। उन्होंने मुंह बांधे हुए थे। इसके बाद वे लोग यहां से निकल गए।” जब वे उठकर बाहर देखने गए तो दीवार पर खालिस्तान से जुड़े नारे लिखे मिले, और नीचे दिलजीत दोसांझ का नाम भी लिखा हुआ था।
दिहाड़ीदार मजदूर को हुआ आर्थिक नुकसान
समझने वाली बात यह है कि आरोपियों को शायद यह अंदाजा ही नहीं था कि यह घर दिलजीत का नहीं है। मुख्तियार ने बताया, “मैं दिहाड़ी करने वाला आदमी हूं। इन लोगों ने मेरी दीवार खराब कर दी, जिससे मुझे पांच से सात हजार रुपए का नुकसान हुआ है।” उन्होंने यह भी साफ किया कि दिलजीत का असली घर उनके घर से आगे रोड पर स्थित है।
और बस यहीं से शुरू हुई असली जांच। पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया और इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू की। कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार मोगा से तीनों आरोपियों तक पुलिस पहुंच ही गई।
दिलजीत और खालिस्तान समर्थकों का पुराना टकराव
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह कोई पहली घटना नहीं है जब दिलजीत दोसांझ खालिस्तान समर्थकों के निशाने पर आए हों। दरअसल यह विवाद काफी पुराना है और समय के साथ कई बार सामने आया है। नीचे दी गई तालिका में इस पूरे टकराव की झलक देखी जा सकती है:
| समय | घटना |
|---|---|
| अक्टूबर 2025 | KBC शो में अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर SFJ प्रमुख पन्नू ने दिलजीत को धमकी दी |
| अक्टूबर-नवंबर 2025 | ऑस्ट्रेलिया के पर्थ, एडिलेड शो में खालिस्तान समर्थकों ने नारेबाजी की |
| अप्रैल 2026 | कनाडा के वैंकूवर-कैलगरी शो में झंडे लहराए गए, विनिपेग में हाथापाई हुई |
| मई 2026 | कैलगरी शो में दिलजीत ने खुद शो रुकवाकर हंगामा करने वालों को बाहर निकलवाया |
| जून 2026 | सैन फ्रांसिस्को में एक प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर मंच तक पहुंच गया |
देखा जाए तो हर घटना के बाद दिलजीत का रुख लगातार साफ रहा है। उन्होंने हमेशा कहा है कि उनका काम सिर्फ मनोरंजन करना है, राजनीति से उनका कोई लेना-देना नहीं।
SFJ ने चलाया था बहिष्कार अभियान
कैलगरी वाली घटना के बाद प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ यानी SFJ ने दिलजीत के खिलाफ पूर्ण बहिष्कार अभियान भी शुरू कर दिया था। इससे साफ होता है कि दोसांझ कलां में हुई यह घटना अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे इसी टकराव की एक और कड़ी प्रतीत होती है।
आम लोगों पर क्या असर
राहत की बात यह है कि पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इससे गांव के लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। वहीं यह घटना यह भी दर्शाती है कि किसी सेलिब्रिटी से जुड़े विवाद का खामियाजा कई बार आसपास रहने वाले निर्दोष लोगों को भी भुगतना पड़ जाता है, ठीक जैसे इस मामले में मुख्तियार को भुगतना पड़ा।
जानें पूरा मामला
7 अक्टूबर की रात दोसांझ कलां गांव में कुछ नकाबपोश लोग घुसे और एक घर की दीवार पर खालिस्तान समर्थक नारे लिख गए। बाद में पता चला कि यह घर दिलजीत दोसांझ का नहीं बल्कि उनके पड़ोसी मुख्तियार का था। जालंधर देहात पुलिस ने जांच शुरू कर 15 अक्टूबर को मोगा से तीन आरोपियों लवप्रीत सिंह, प्रितपाल सिंह और शगनदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य बातें (Key Points)
- दिलजीत दोसांझ के गांव में खालिस्तानी नारे लिखने के मामले में मोगा से 3 आरोपी गिरफ्तार
- जिस घर पर नारे लिखे गए, वह दिलजीत का नहीं बल्कि पड़ोसी मुख्तियार का था
- पड़ोसी को करीब 5-7 हजार रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ
- दिलजीत और खालिस्तान समर्थकों के बीच यह टकराव पिछले एक साल से लगातार चल रहा है










