Monsoon Withdrawal 2026 को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बड़ी जानकारी साझा की है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले इस विभाग ने 15 अक्टूबर 2026 को प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आज पूरे देश से विदा हो चुका है। दिलचस्प बात यह है कि इसी के साथ-साथ उत्तर-पूर्वी मानसून ने तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक भी दे दी है।
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बीते हफ्ते कहां-कहां हुई भारी बारिश
समझने वाली बात है कि मानसून की विदाई से पहले उत्तर भारत में मौसम ने करवट ली थी। दो लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के असर से बिहार में 10 अक्टूबर को और जम्मू-कश्मीर में 12 अक्टूबर को भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज हुई।
इसके अलावा उत्तराखंड, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। हैरान करने वाली बात यह रही कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में ओलावृष्टि भी हुई, जिसने फसलों को नुकसान पहुंचाया।
वहीं दूसरी ओर, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा समेत अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश दर्ज की गई।
बारिश में भारी कमी, जानें आंकड़े
चिंता का विषय यह है कि बीते हफ्ते पूरे देश में औसत बारिश सामान्य से 65% कम रही। वहीं 1 से 14 अक्टूबर तक की कुल बारिश भी सामान्य से 69% कम दर्ज की गई है, जो इस मौसम के लिए एक बड़ा संकेत है।
| क्षेत्र | साप्ताहिक बारिश (%) | सीजन बारिश (%) |
|---|---|---|
| पूर्व व पूर्वोत्तर भारत | -64% | -58% |
| उत्तर-पश्चिम भारत | +67% | -9% |
| मध्य भारत | -93% | -95% |
| दक्षिण प्रायद्वीप | -81% | -72% |
| पूरा देश | -65% | -69% |
इससे साफ होता है कि मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीप में बारिश की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक रही है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में साप्ताहिक आंकड़े सामान्य से ऊपर दर्ज हुए।
अल नीनो का असर, आने वाले महीनों पर नजर
अगर गौर करें तो वर्तमान में प्रशांत महासागर में तेज अल नीनो की स्थितियां बनी हुई हैं, जो साल 2026 के अंत तक और मजबूत होने की आशंका है। मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) के अनुसार यह स्थिति जनवरी से मार्च 2027 तक बनी रह सकती है।
वहीं हिंद महासागर में फिलहाल तटस्थ डाइपोल स्थितियां बनी हुई हैं। इसके अलावा मैडन जूलियन ऑसिलेशन (MJO) 16 अक्टूबर से फेज 3 में प्रवेश करने वाला है, जो बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में चक्रवात बनने की स्थितियों को अनुकूल बना सकता है।
अगले दो हफ्तों का पूर्वानुमान, पंजाब-हरियाणा में अलर्ट
आज यानी 15 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। इन्हीं इलाकों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 15 से 19 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में व्यापक बारिश होगी, साथ ही कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश का भी अलर्ट है। दूसरे हफ्ते यानी 22 से 28 अक्टूबर के दौरान दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद है, जबकि उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में बारिश सामान्य से कम रहेगी।
| अवधि | प्रभावित क्षेत्र | चेतावनी |
|---|---|---|
| 15 अक्टूबर | पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल | भारी बारिश, ओलावृष्टि |
| 15-19 अक्टूबर | तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल | अत्यधिक भारी बारिश |
| 22-28 अक्टूबर | दक्षिण प्रायद्वीप | सामान्य से अधिक बारिश |
| 22-28 अक्टूबर | उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर भारत | सामान्य से कम बारिश |
किसानों और आम लोगों के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी
देखा जाए तो यह रिपोर्ट सिर्फ मौसम की जानकारी नहीं, बल्कि किसानों के लिए एक सीधी चेतावनी है। बारिश में इतनी बड़ी कमी का मतलब है कि रबी फसलों की बुवाई के समय खेतों में नमी की कमी हो सकती है। इससे साफ होता है कि ओलावृष्टि वाले इलाकों के किसानों को तुरंत अपनी फसलों को सुरक्षित करने के उपाय करने होंगे। यह दर्शाता है कि आने वाले दिनों में बिजली चमकने और तेज हवाओं के दौरान आम लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचना चाहिए। उम्मीद की किरण यह है कि दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत होने से वहां के जलाशयों को कुछ राहत जरूर मिलेगी।
जानें पूरा मामला
भारत में हर साल दक्षिण-पश्चिम मानसून जून से सितंबर तक सक्रिय रहता है और फिर अक्टूबर में इसकी वापसी शुरू होती है। इसी क्रम में 15 अक्टूबर 2026 को पूरे देश से मानसून की विदाई पूरी हो गई। इसके साथ ही केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय हो गया है, जो इन क्षेत्रों में अगले कुछ हफ्तों तक बारिश लेकर आएगा। वहीं उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभों के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- 15 अक्टूबर 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा हो गया है।
- देशभर में बीते हफ्ते बारिश सामान्य से 65% और सीजन में 69% कम रही।
- पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश में आज भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी।
- 22-28 अक्टूबर के दौरान दक्षिण भारत में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है।











