Abhijit Deepke Delhi Police Harassment Allegation : Cockroach Janata Party (CJP) के संस्थापक Abhijit Deepke ने सोमवार को एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि 10 अक्टूबर को Jantar Mantar पर होने वाले प्रदर्शन से पहले उन्हें हिरासत में लिया गया था, जिस दौरान पुलिस ने उन्हें न तो उनके वकील से बात करने दिया और न ही उनके परिवार को बताया कि उन्हें कहाँ रखा गया है। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि उनकी दादी का दो दिन पहले ही देहांत हुआ था, लेकिन पुलिस ने इस खबर को छुपाया और उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की।
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दादी की मौत और गिरफ्तारी का संयोग
Abhijit Deepke दो दिन पहले अपनी दादी के देहांत के बाद महाराष्ट्र के Hingoli जिले के Santuk Pippri गाँव पहुंचे थे। वहाँ से वापस दिल्ली लौटते समय, जैसे ही वो हवाई अड्डे पर पहुंचे, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। देखा जाए तो, यह गिरफ्तारी इतनी गुपचुप तरीके से हुई कि उनके माता-पिता या उनके वकील को भी इसकी भनक तक नहीं लगी।
Deepke ने आरोप लगाया, “मुझे अपने चचेरे भाई का फोन नंबर देखने की भी इजाजत नहीं दी गई, जो गाँव में दादी के पास मौजूद था।” दिलचस्प बात यह है कि, दादी की मौत के बाद भी पुलिस ने उन्हें इस बात से अनजान रखा और बाद में जब वो रिहा हुए, तो पुलिस ने एक ‘एडिटेड वीडियो’ जारी करके यह दिखाने की कोशिश की कि उन्हें दादी की मौत की खबर दी गई थी, जिसे Deepke ने झूठा बताया है।
सुबह 3:30 बजे गिरफ्तारी के कागज: कैसे संभव?
Deepke ने पुलिस के दावों को कटु प्रश्नों के घेरे में खड़ा किया। उन्होंने पूछा, “अगर उन्होंने मुझे दादी की मौत बारे बता दिया था, तो वे सुबह 3:30 बजे गिरफ्तारी के कागज लेकर मेरे पास क्यों आए और हस्ताक्षर करने के लिए क्यों कहा?”
उनका कहना था कि पुलिस ने उनसे माता-पिता से बात करने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया क्योंकि उनकी सेहत ठीक नहीं थी और वो ऐसी हालत में उनसे बात नहीं कर सकते थे। समझने वाली बात यह है कि Deepke का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर उन्हें परिवार से कटाकर रखना चाहती थी ताकि वो मानसिक रूप से टूट जाएं।
वकील के बिना हस्ताक्षर करने का दबाव
Deepke ने यह भी खुलासा किया कि पुलिस ने उनसे एक कागज पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की, जिसमें लिखा था कि “वो आंदोलन के दौरान अमन-कानून नहीं तोड़ेंगे”। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि Deepke ने यह कहकर इनकार कर दिया कि वो पढ़े-लिखे हैं और वकील की हाजिरी के बिना किसी भी कागज पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे।
उन्होंने साफ किया कि “नरेंद्र मोदी की तानाशाही खत्म होने तक” उनका संघर्ष जारी रहेगा और पुलिस का यह ‘मानसिक तस्हीब’ उन्हें डगमगाने नहीं देगा। उन्होंने पुलिस से पूरी (अनएडिटेड) वीडियो जनता के सामने लाने की भी मांग की है, जिसमें उनके मौलिक अधिकारों का हनन दिखाई दे रहा है।
जानें पूरा मामला: CJP और Delhi Police का टकराव
Cockroach Janata Party (CJP) एक नई राजनीतिक पार्टी है जो चुनाव आयोग की ‘तटस्थता’ को लेकर सवाल उठा रही है। इसके संस्थापक Abhijit Deepke को 10 अक्टूबर को Jantar Mantar पर होने वाले प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसके बाद यह विवाद शुरू हुआ।
मुख्य बातें (Key Points)
- मानसिक तस्हीब: Deepके का आरोप – पुलिस ने दादी की मौत की खबर छुपाई और परिवार से किया अलग।
- फोन नहीं करने दिया: हिरासत के दौरान गाँव में मौजूद चचेरे भाई से बात करने की इजाजत नहीं मिली।
- हस्ताक्षर का दबाव: वकील के बिना ‘शांति बनाए रखने’ वाले पर पेपर साइन करने का दबाव बनाया गया।
- पूरी वीडियो की मांग: Deepके ने पुलिस से एडिटेड नहीं, बल्कि पूरी वीडियो जनता के सामने लाने की मांग की है।












