Delhi NCR Earthquake की घटना ने मंगलवार रात राजधानी और आसपास के इलाकों में दहशत फैला दी। लोगों ने अपने घरों और इमारतों में अचानक हलचल महसूस की, जिसके बाद कई लोग घबराकर बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर तुरंत भूकंप के अनुभव साझा करने का सिलसिला शुरू हो गया। फिलहाल दिल्ली-NCR में महसूस किए गए झटकों की सटीक तीव्रता और केंद्र की जानकारी आना अभी बाकी है।
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रात के अंधेरे में हिली धरती: लोग सहमे
देखा जाए तो मंगलवार रात जब ज्यादातर लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, तभी अचानक जमीन हिलने लगी। किसी को हल्के झटके महसूस हुए तो किसी ने साफ तौर पर कंपन का अनुभव किया। कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर “भूकंप” ट्रेंड करने लगा।
और बस यहीं से शुरू हुई असली चर्चा। कुछ लोगों ने बताया कि पंखे और झूमर हिलने लगे थे, जबकि कुछ ने कहा कि उन्हें बस एक हल्का सा एहसास हुआ। यह अंतर इस बात पर निर्भर करता है कि लोग किस मंजिल पर थे और किस इलाके में रहते हैं।
देशभर में दर्ज हुए कई भूकंप: NCS ने दी जानकारी
अगर गौर करें तो राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के रिकॉर्ड में मंगलवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में कई भूकंप दर्ज किए गए हैं। सबसे तेज झटका असम के नगांव में आया, जहां 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र तेजपुर से करीब 36 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में बताया गया है।
इसके अलावा मणिपुर के तामेंगलॉन्ग में 2.9, मेघालय के वेस्ट खासी हिल्स में 3.1 और भूटान में 2.6 तीव्रता के झटके दर्ज हुए। पड़ोसी देश अफगानिस्तान में भी 3.8 और 4.0 तीव्रता के दो भूकंप आए।
दिल्ली-NCR के झटकों की तीव्रता अभी अज्ञात
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि दिल्ली-NCR में महसूस किए गए झटकों की सटीक तीव्रता और केंद्र की जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। भूकंप विज्ञान से जुड़े अधिकारी इसकी जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। आमतौर पर दिल्ली-NCR में जब भी झटके महसूस होते हैं, तो इनका केंद्र हिंदुकुश क्षेत्र या अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर के आसपास होता है।
क्या दिल्ली भूकंप के लिहाज से सुरक्षित है?
समझने वाली बात यह है कि दिल्ली भूकंपीय क्षेत्र-4 (Zone IV) में आती है, जो कि उच्च जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है। हिमालय की टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल का असर सीधे दिल्ली-NCR पर पड़ता है। यही वजह है कि यहां हर कुछ महीनों में हल्के झटके महसूस होते रहते हैं।
हालांकि राहत की बात यह है कि मंगलवार रात के झटकों से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। लेकिन यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि भूकंप सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना कितना जरूरी है।
जानें पूरा मामला
दिल्ली-NCR भूकंपीय रूप से संवेदनशील इलाके में स्थित है। हिमालय क्षेत्र में भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव की वजह से इस क्षेत्र में भूकंप आते रहते हैं। NCS देशभर में भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखता है और रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- मंगलवार रात दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके महसूस किए गए, लोगों में दहशत फैल गई।
- असम के नगांव में 4.5 तीव्रता का सबसे तेज भूकंप दर्ज हुआ।
- मणिपुर, मेघालय, भूटान और अफगानिस्तान में भी झटके आए।
- दिल्ली-NCR के झटकों की सटीक तीव्रता अभी ज्ञात नहीं है।
- किसी जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।













