IMD Weather Update को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 6 अक्टूबर की नई रिपोर्ट जारी की हFई है। इस रिपोर्ट में एक बात साफ तौर पर सामने आई है कि मौसम ने एक बार फिर से अपना रंग बदलना शुरू कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ अपना असर दिखा रहा है, तो दूसरी तरफ दक्षिण भारत में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
देखा जाए तो, पिछले 24 घंटों में तमिलनाडु में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश दर्ज हुई है। केरल, दक्षिणी कर्नाटक और बिहार में भी 7 से 11 सेंटीमीटर तक की बारिश हुई है। अब सवाल यह है कि आगे क्या होने वाला है?
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‘पश्चिमी विक्षोभ: पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला’
समझने वाली बात यह है कि एक नया वेदर सिस्टम आ गया है। मिडिल और अपर ट्रॉपॉस्फेरिक लेवल पर एक ट्रॉफ चल रहा है, जो पश्चिमी विक्षोभ का हिस्सा है। इसके चलते 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में छिटपट से मॉडरेट बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है।
जम्मू-कश्मी-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक छिटपट बारिश होगी। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के मैदानी इलाकों में भी इसका असर दिखेगा और थोड़ी बारिश की संभावना है।
सबसे बड़ी बात यह है कि हिमाचल और जम्मू-कश्मी में 6 से 7 अक्टूबर तक तेज हवा चलने का भी अलर्ट है, जिसकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके चलते पेड़ों की शाखां टूटने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
‘दक्षिण भारत: भारी बारिश का रेड अलर्ट’
अगर गौर करें तो, दक्षिण भारत में हालात और भी गंभीर हैं। तटीय उड़ीसा और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में साइक्लॉनिक सरकुलेशन बना हुआ है।
तमिलनाडु, केरल और दक्षिणी अंतरिक कर्नाटक में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 8 से 10 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु और 9 से 10 अक्टूबर के बीच केरल में अलग-अलग भारी बारिश की संभावना है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने, बाढ़ आने और लैंडस्लाइड होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, समुद्र में छोटी नावकों को बाहर न जाने की सलाह दी गई है।
‘दिल्ली-एनसीआर: क्या है मौसम का हाल?’
अब आता है देश की राजधानी दिल्ली का हाल। पिछले 24 घंटों में दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 25 डिग्री के बीच रहा। सुबह आसमान साफ रहा, लेकिन हवा की रफ्तार 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही।
| तारीख | आसमान का हाल | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | हवा की दिशा/रफ्तार |
|---|---|---|---|---|
| 6 अक्टूबर | साफ से आंशिक बादल | 35-37°C | 22-25°C | उत्तर-पश्चिम, 22 किमी/घंटा |
| 7 अक्टूबर | आंशिक बादल | 33-35°C | 21-23°C | दक्षिण-पूर्व, 25 किमी/घंटा |
| 8 अक्टूबर | आंशिक बादल | 33-35°C | 21-23°C | दक्षिण-पूर्व, 20 किमी/घंटा |
| 9 अक्टूबर | आंशिक बादल | 31-33°C | 22-24°C | दक्षिण-पूर्व, 22 किमी/घंटा |
दिलचस्प बात यह है कि 7 और 8 अक्टूबर को दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहेंगे। इसके चलते तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन नमी का अहसास बना रहेगा। 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है, जो सामान्य से थोड़ा कम है।
‘असर और सलाह: आम आदमी को क्या करना चाहिए?’
चिंता का विषय यह है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते कई तरह के नुकसान की संभावना है। तेज हवा और बारिश से केले, पपीते और ड्रमस्टिक जैसे छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं। खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान हो सकता है।
सलाह की बात यह है कि अगर मौसम खराब हो तो सुरक्षित जगह पर शरण लें। पेड़ के नीचे खतरनाक हो सकता है, इसलिए वहां न खड़े रहें। बिजली की चमक के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें और पानी के स्रोतों से दूर रहें।
खेती करने वाले किसानों को चाहिए कि वह अपनी फसल के खेत में पानी निकासी का इंतजाम कर लें ताकि पानी भरने से फसल खराब न हो। पशुओं को भारी बारिश में शेड के अंदर रखें और उनके चारे को सुरक्षित जगह पर स्टोर करें।
मुख्य बातें (Key Points)
- पश्चिमी विक्षोभ के चलते 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट।
- तमिलनाडु, केरल और दक्षिणी कर्नाटक में 8-10 अक्टूबर तक भारी बारिश और लैंडस्लाइड का खतरा।
- दिल्ली-एनसीआर में 7 से 9 अक्टूबर तक आंशिक बादल और तापमान में थोड़ी गिरावट।
- भारी बारिश से निचले इलाकों में बाढ़, पेड़ उखड़ने और ट्रैफिक जाम की संभावना।










