IMD Weather Alert UP Uttarakhand – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने IMD Weather Alert UP Uttarakhand जारी करते हुए 7 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के मध्य भागों में कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी दी है। देखा जाए तो यह मौसम प्रणाली कई राज्यों को प्रभावित कर रही है।
IMD के मुताबिक, कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 7 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा बिहार और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।
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पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
समझने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों में (7 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक) कई जगहों पर असाधारण/अत्यधिक भारी वर्षा (>20 सेमी) दर्ज की गई है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर यह रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है।
| राज्य/क्षेत्र | स्थान | बारिश (सेमी) | श्रेणी |
|---|---|---|---|
| पश्चिम उत्तर प्रदेश | बरेली PBO | 38 | असाधारण भारी |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | महसी (बहराइच) | 18 | अति भारी |
| उत्तराखंड | गुलर भोज | 15 | अति भारी |
| बिहार | लौकाही (मधुबनी) | 12 | अति भारी |
| झारखंड | पीरताद (गिरिडीह) | 11 | भारी |
अगर गौर करें तो बरेली में 38 सेमी बारिश एक असाधारण घटना है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इतनी तेज बारिश से शहरी क्षेत्रों में जलभराव, निचले इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।
मौसम प्रणालियां
IMD के अनुसार, मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के पास है। कल का कम दबाव का क्षेत्र जो दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आस-पास के क्षेत्र में था, अब उत्तर प्रदेश के मध्य भागों में स्थित है।
दिलचस्प बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी सक्रिय है। कश्मीर और आस-पास के क्षेत्र में मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ भी ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर सक्रिय है।
उत्तर-पश्चिम भारत के लिए पूर्वानुमान
समझने वाली बात यह है कि आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रह सकती है:
- जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 7-13 सितंबर तक छिटपुट बारिश
- हिमाचल प्रदेश में 7-12 सितंबर तक छिटपुट बारिश, 13 सितंबर को व्यापक बारिश
- उत्तराखंड में 7 सितंबर को और 10-13 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7-8 सितंबर को व्यापक बारिश
- पश्चिम उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को अति भारी वर्षा संभव
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि उत्तराखंड में 10-13 सितंबर के दौरान भारी वर्षा की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 सितंबर को भी भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत के लिए चेतावनी
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में 7-13 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश
- गंगीय पश्चिम बंगाल में 7-10 सितंबर को व्यापक बारिश
- बिहार में 7-9 सितंबर को व्यापक बारिश, 7 सितंबर को अति भारी वर्षा की संभावना
- झारखंड में 8-11 सितंबर को व्यापक बारिश
- ओडिशा में 10-12 सितंबर को व्यापक बारिश
मछुआरों के लिए चेतावनी
IMD ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है:
अरब सागर:
- सोमालिया तट के कुछ भागों के पास दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 12 सितंबर तक खतरनाक स्थिति
- ओमान तट के कुछ भागों के पास पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम अरब सागर में 10 सितंबर तक खतरनाक स्थिति
बंगाल की खाड़ी:
- दक्षिण तमिलनाडु तट के पास कोमोरिन और दक्षिण-पूर्व श्रीलंका तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 9 सितंबर को खतरनाक स्थिति
समझने वाली बात यह है कि मछुआरों को इन तिथियों पर समुद्र में जाने से बचना चाहिए।
दिल्ली/NCR का मौसम पूर्वानुमान
7 सितंबर 2026:
- आंशिक बादल वाला आकाश
- दोपहर से शाम के दौरान हल्की बारिश और गरज-चमक संभव
- अधिकतम तापमान: 33-35°C
- हवा: उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 km/h तक
8 सितंबर 2026:
- आंशिक बादल वाला आकाश
- अधिकतम तापमान: 33-35°C
- न्यूनतम तापमान: 23-25°C
- हवा: उत्तर-पश्चिम दिशा से 25 km/h तक
9-10 सितंबर 2026:
- आंशिक बादल वाला आकाश
- तापमान सामान्य रहने की संभावना
संभावित प्रभाव और सुझाव
IMD ने भारी वर्षा के संभावित प्रभाव बताए हैं:
संभावित प्रभाव:
- पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं
- छोटे पेड़ जैसे केला, पपीता उखड़ सकते हैं
- कच्चे मकानों/दीवारों को नुकसान
- निचले इलाकों में जलभराव, जलजमाव और बाढ़
- स्थानीय भूस्खलन, मिट्टी का धंसना
- सड़क और रेल यातायात प्रभावित
- हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित
सुझाव:
- मौसम पर नजर रखें और सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें, बिजली गिर सकती है
- बिजली के उपकरणों को तुरंत अनप्लग करें
- पानी के स्रोतों से बाहर निकलें
- पर्यटन और मनोरंजन गतिविधियों को नियंत्रित करें
कृषि पर प्रभाव और सलाह
उत्तर प्रदेश: उड़द, मूंग, अरहर, भिंडी, तिल की खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें।
उत्तराखंड: गन्ना, सोयाबीन, राजमा, मूंग, उड़द की खेतों में प्रभावी जल निकासी बनाए रखें।
बिहार: धान, मक्का, तिल, अरहर की खेतों में उचित जल निकासी बनाए रखें।
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम: धान, सब्जी के खेतों में जल निकासी चैनल साफ रखें।
मुख्य बातें (Key Points)
- उत्तर प्रदेश के मध्य भागों में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय
- उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी
- बरेली में 38 सेमी असाधारण बारिश दर्ज
- 7-13 सितंबर तक विभिन्न राज्यों में बारिश जारी रहने की संभावना
- मछुआरों के लिए अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में विशेष चेतावनी
- दिल्ली में आंशिक बादल और हल्की बारिश संभव
- कृषि कार्यों में जल निकासी पर विशेष ध्यान










