IMD Heavy Rainfall Alert – नई दिल्ली: देखा जाए तो सितंबर 2026 की शुरुआत मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव लेकर आई है। India Meteorological Department (IMD) ने 3 सितंबर 2026 को दोपहर 1:30 बजे एक अहम प्रेस रिलीज जारी कर मध्य भारत के कई राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की चेतावनी दी है। खास तौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जहां अगले 24 घंटों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में एक Well Marked Low Pressure Area सक्रिय है, जो इस भारी बारिश की मुख्य वजह है। यह सिस्टम अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए दक्षिण उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश की सीमा को पार करेगा।
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किन राज्यों पर मंडरा रहा खतरा?
अगर गौर करें तो IMD की इस चेतावनी में सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्य शामिल हैं। पिछले 24 घंटों (2 सितंबर रात 8:30 बजे से 3 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक) में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है।
गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र और असम में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है। दिलचस्प बात यह है कि यह बारिश अभी रुकने वाली नहीं है, बल्कि अगले 3-4 दिनों तक जारी रह सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश: सबसे ज्यादा खतरे में
समझने वाली बात यह है कि IMD ने 3 सितंबर के लिए पूर्वी मध्य प्रदेश में Extremely Heavy Rainfall (204.4 मिमी से अधिक) का अलर्ट जारी किया है। यह एक रेड कलर वॉर्निंग है, जिसका मतलब है कि स्थिति बेहद गंभीर है और तुरंत एक्शन लेने की जरूरत है।
इसके साथ ही 3 से 5 सितंबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश दोनों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर में पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा 20 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसी तरह पश्चिम मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भैंडेर में 8 सेमी बारिश हुई।
| क्षेत्र | 3 सितंबर | 4 सितंबर | 5 सितंबर |
|---|---|---|---|
| पूर्वी मध्य प्रदेश | Extremely Heavy (>204mm) | Very Heavy (115-204mm) | Very Heavy (115-204mm) |
| पश्चिमी मध्य प्रदेश | Very Heavy (115-204mm) | Very Heavy (115-204mm) | Very Heavy (115-204mm) |
| पश्चिम यूपी | Very Heavy (115-204mm) | Heavy to Very Heavy | Heavy to Very Heavy |
| पूर्वी यूपी | Heavy (64-115mm) | – | – |
उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का अनुमान
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में भी 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) की संभावना जताई गई है। ललितपुर जिले में पिछले 24 घंटों में 17 सेमी बारिश हुई है, जो चिंता का विषय है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अत्तर्रा में 10 सेमी, जबकि पश्चिम यूपी में 4 से 7 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की चेतावनी है। इससे साफ होता है कि पूरा उत्तर प्रदेश इस बार मानसून के आखिरी दौर में जोरदार बारिश की चपेट में है।
हिमाचल, पंजाब, उत्तराखंड: पहाड़ों पर भी बरसात का कहर
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम ने करवट ली है। हिमाचल प्रदेश के नैना देवी में 13 सेमी बारिश हुई है, जबकि पंजाब के रूपनगर जिले के कोटला में 15 सेमी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड के नैनीताल में 8 सेमी बारिश हुई है।
IMD के अनुसार उत्तराखंड में 3 से 9 सितंबर तक व्यापक बारिश (Fairly Widespread to Widespread Rainfall) जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी 3 से 5 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। इससे भूस्खलन, मिट्टी के धसकने और सड़कों पर जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
दिल्ली-NCR: बादलों का डेरा, गिरेगा तापमान
राजधानी दिल्ली और NCR के लोगों को भी अगले कुछ दिनों तक बारिश से राहत नहीं मिलने वाली। 3 सितंबर को दिल्ली में आम तौर पर बादल छाए रहेंगे और दोपहर/शाम को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।
पिछले 24 घंटों में दिल्ली के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 29-33°C और न्यूनतम तापमान 23-27°C के बीच रहा। अगले 3 दिनों तक दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
| तारीख | मौसम की स्थिति | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
|---|---|---|---|
| 3 सितंबर | बादल छाए, हल्की-मध्यम बारिश | 32-34°C | – |
| 4 सितंबर | बादल छाए, कई जगह बारिश | 31-33°C | 25-27°C |
| 5 सितंबर | सुबह से शाम तक बारिश | 31-33°C | 24-26°C |
| 6 सितंबर | आंशिक बादल, हल्की बारिश संभव | 31-33°C | 24-26°C |
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बाढ़ का खतरा
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय है। बिहार के पूर्णिया में 10 सेमी, असम के सिलचर में 9 सेमी और गंगीय पश्चिम बंगाल के मंगलकोट में 8 सेमी बारिश दर्ज की गई है।
खास बात यह है कि 3 सितंबर को गंगीय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तीव्र बिजली गिरने (Moderate to Severe Lightning) की चेतावनी जारी की गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि बिजली गिरने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।
पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा में 3 से 9 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। अरुणाचल में 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत: शांत मौसम, कम बारिश
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधि काफी कम है। IMD के अनुसार अगले एक हफ्ते तक दक्षिण भारत में subdued rainfall activity (कम बारिश) जारी रहेगी।
हालांकि कर्नाटक तट, केरल और लक्षद्वीप में छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। कोंकण और गोवा में भी 3 से 9 सितंबर तक व्यापक बारिश हो सकती है।
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) की चेतावनी जारी की गई है।
Flash Flood का गंभीर खतरा
मौसम विभाग ने Flash Flood Guidance भी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि 4 सितंबर सुबह 11:30 बजे तक निम्नलिखित जिलों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा है:
पूर्वी उत्तर प्रदेश: चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी
पश्चिम उत्तर प्रदेश: हमीरपुर, ललितपुर, महोबा और झांसी
पूर्वी मध्य प्रदेश: दमोह, छतरपुर, मैहर, मौगंज, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और टीकमगढ़
पश्चिम मध्य प्रदेश: अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सीहोर और बैतूल
इन इलाकों में पूरी तरह संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही जल प्रवाह और जलभराव की स्थिति बन सकती है।
मछुआरों और किसानों के लिए विशेष चेतावनी
समुद्र में जाने वाले मछुआरों को सलाह दी गई है कि:
- अरब सागर में सोमालिया तट के साथ, पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 7 सितंबर तक समुद्र में न जाएं
- 6 सितंबर को ओमान तट के कुछ हिस्सों के पास भी खतरनाक स्थिति रहेगी
- बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट और मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 3 सितंबर को तेज हवाएं चल सकती हैं
किसानों को सलाह दी गई है कि:
- खेतों में उचित जल निकासी बनाए रखें
- भारी बारिश के दौरान उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव न करें
- धान, मक्का, सोयाबीन, सब्जियों और बागों में जलभराव से बचाव करें
- लंबे पौधों को सहारा दें ताकि गिरने से बचाया जा सके
- कटी हुई फसलों को सुरक्षित जगह पर रखें या तिरपाल से ढकें
क्या करें, क्या न करें?
IMD ने लोगों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
करें:
- मौसम की जानकारी पर नजर रखें और स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें
- सुरक्षित आश्रय लें, पेड़ों के नीचे शरण न लें क्योंकि बिजली गिर सकती है
- बिजली गिरने की संभावना होने पर तुरंत इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें
- पानी के स्रोतों से बाहर निकल जाएं
- बिजली संचालित करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें
न करें:
- भारी बारिश के दौरान बाहर न निकलें
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन वाले क्षेत्रों में न जाएं
- बाढ़ग्रस्त इलाकों में गाड़ी न चलाएं
- बिजली के तारों या खंभों के पास न जाएं
पर्यटन, हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण:
- सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है
- पर्यटन और मनोरंजन गतिविधियों को नियंत्रित किया जाना चाहिए
- तटवर्ती और अपतटीय गतिविधियों को सावधानी से नियंत्रित किया जाए
- हेलीकॉप्टर सेवाओं को नियंत्रित किया जाए
- कमजोर संरचनाओं को आंशिक क्षति हो सकती है
- कच्चे मकानों, दीवारों और सड़कों को नुकसान हो सकता है
- छोटे जहाज, ट्रॉलर और नावें प्रभावित हो सकती हैं
मानसून ट्रफ की स्थिति
मौसम के तकनीकी पहलू को देखें तो मानसून ट्रफ (monsoon trough) अपनी सामान्य स्थिति के करीब है। हालांकि, पूर्वोत्तर अरब सागर से पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के बीच एक ट्रफ निचले और मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तरों के बीच बना हुआ है।
इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर 75°E देशांतर के साथ 32°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है। उत्तर हरियाणा, दक्षिण-पश्चिम बांग्लादेश और पूर्वोत्तर असम में भी निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
अगले एक हफ्ते का मौसम पूर्वानुमान इस प्रकार है:
उत्तर-पश्चिम भारत:
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छिटपुट से व्यापक बारिश
- पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में 3-9 सितंबर तक बारिश
- राजस्थान में 3-6 सितंबर तक छिटपुट बारिश
मध्य भारत:
- मध्य प्रदेश में 3-8 सितंबर तक व्यापक बारिश
- विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी बारिश जारी
पूर्वी भारत:
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में व्यापक बारिश
- बिहार और झारखंड में छिटपुट बारिश
पश्चिम भारत:
- कोंकण-गोवा में व्यापक बारिश
- गुजरात, महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश
मुख्य बातें (Key Points)
- पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 सितंबर को Extremely Heavy Rainfall (>204mm) की चेतावनी
- मध्य प्रदेश में 3-5 सितंबर तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रहेगी
- पश्चिम उत्तर प्रदेश में 3 सितंबर को Very Heavy Rainfall की संभावना
- Flash Flood का खतरा: यूपी, एमपी के कई जिलों में अचानक बाढ़ आ सकती है
- गंगीय पश्चिम बंगाल में तीव्र बिजली गिरने की चेतावनी
- दिल्ली-NCR में अगले 3-4 दिन बारिश जारी, तापमान गिरेगा
- मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में खतरनाक स्थिति
- किसानों को खेतों में जल निकासी और फसलों को सहारा देने की सलाह
- दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधि कम रहेगी










