Major Rishabh Singh Sambyal Retirement: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ साए की तरह दिखने वाला वो हैंडसम, शांत और बेहद सतर्क आर्मी ऑफिसर… जिसने सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों का दिल जीता, जिसे इंटरनेट ने ‘National Crush’ का टैग दे दिया… अचानक एक दिन भारतीय सेना से समय से पहले रिटायरमेंट ले लेता है।
जी हां, 4 Para Special Forces के जांबाज अधिकारी मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने अपनी नौकरी छोड़ दी है। 21 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक डिजिटल फोटो लाइब्रेरी में जब उनके नाम के आगे ‘Retired Former ADC’ (सेवानिवृत्त पूर्व ADC) लिखा गया, तो पूरे देश में बस एक ही सवाल उठने लगा—आखिर 4 Para SF के एक इतने होनहार और युवा मेजर ने करियर के इस मुकाम पर आकर अचानक सेना क्यों छोड़ दी?
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कौन हैं मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल?
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले से हैं—एक ऐसी भूमि जो वीरों की भूमि मानी जाती है। डोगरा राजपूतों के खानदान से ताल्लुक रखने वाले इस युवा अधिकारी ने हर मोड़ पर यह साबित किया कि डोगरा राजपूतों का खून आखिर किस मिट्टी से बना है।
देखा जाए तो उनकी यात्रा एक साधारण युवा से भारत के सबसे खतरनाक स्पेशल फोर्सेज के अधिकारी बनने की प्रेरणादायक कहानी है।
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Jat Regiment से शुरुआत
मेजर ऋषभ ने अपने करियर की शुरुआत Jat Regiment से की। 2021 में गणतंत्र दिवस की परेड में जाट रेजीमेंट की टुकड़ी ने जब कदमताल मिलाया, तो उस टुकड़ी के आगे चल रहे थे ऋषभ सिंह सांब्याल।
उनकी कमान, उनका Confidence, उनका अनुशासन—सबकुछ इतना शानदार था कि उन्होंने Best Marching Contingent की Trophy अपने नाम कर ली। तस्वीरें सोशल मीडिया पर छा गईं और देश ने इस युवा अधिकारी का लोहा माना।
4 Para Special Forces: Daggers का हिस्सा बनना
लेकिन ऋषभ यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपनी सीमाओं को और आगे धकेला। कठिनतम Training पूरी की और शामिल हो गए भारतीय सेना की सबसे घातक इकाई—4 Para Special Forces में, जिन्हें दुनिया Daggers के नाम से जानती है।
4 Para SF क्या है? यह वो यूनिट है जहां:
- सबसे कठिन Training होती है
- Survival rate बेहद कम है
- हर Soldier को Commando बनाया जाता है
- सबसे खतरनाक Operations किए जाते हैं
सीने पर सजा Balidan Badge उनके उसी अदम्य साहस की गवाही दे रहा था।
2024: राष्ट्रपति के ADC के रूप में नियुक्ति
और फिर आया साल 2024, जब उन्हें चुना गया देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ADC (Aide-de-Camp)।
ADC का पद सिर्फ एक Protocol Officer की नौकरी नहीं है। यह:
- सबसे विश्वसनीय अधिकारी को मिलता है
- राष्ट्रपति की सुरक्षा और सहायता की जिम्मेदारी होती है
- अनुशासन, शालीनता और सतर्कता की मिसाल होना पड़ता है
राष्ट्रपति भवन के गलियारों से लेकर आधिकारिक दौरों तक, बारिश में राष्ट्रपति पर छाता थामे खड़ा उनका अनुशासित रूप या किसी भावुक पल में शालीनता से रुमाल पेश करने का अंदाज—मेजर ऋषभ देशवासियों के दिल में बस गए।
वे न केवल एक सैन्य अधिकारी, बल्कि अनुशासन और मर्यादा के प्रतीक बन चुके थे।
Social Media पर ‘National Crush’
सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें जब भी Viral होतीं, Comments की बाढ़ आ जाती:
- “इतने हैंडसम और disciplined officer!”
- “Real hero! Not Bollywood!”
- “This is what a true gentleman looks like!”
- “National Crush for a reason!”
दिलचस्प बात यह है कि इतनी popularity के बावजूद, मेजर ऋषभ हमेशा अपनी Duty पर Focused रहे। कभी भी उन्होंने इस fame का गलत इस्तेमाल नहीं किया।
21 अगस्त 2026: अचानक रिटायरमेंट की घोषणा
लगभग 8 सालों की निस्वार्थ सैन्य सेवा, National Defence Academy की कठिन Training, और सफलताओं का यह सफर 21 अगस्त 2026 को एक अलग मोड़ पर आकर रुक गया।
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने भारतीय सेना से समय से पहले रिटायरमेंट (Premature Retirement) ले लिया। यह खबर जैसे ही सामने आई, पूरा देश स्तब्ध रह गया।
खुद आकर दिया स्पष्टीकरण
समझने वाली बात यह है कि मेजर ऋषभ ने इस फैसले को लेकर चुप रहने का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने खुद Internet Media पर आकर देशवासियों के सवालों का जवाब दिया।
नम आंखों और भरे गले से उन्होंने कहा:
“सेना की यह वर्दी पहनना मेरा बचपन का सपना था। मैंने कभी इसे उतारने के बारे में नहीं सोचा था। लेकिन जिंदगी कभी-कभी ऐसे मोड़ पर ला देती है जहां फैसले बदलने पड़ते हैं।”
व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों को वजह बताते हुए उन्होंने बहुत शालीनता से सेना से विदा ली।
राष्ट्रपति से मुलाकात: सम्मानपूर्ण विदाई
21 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में महामहिम से मुलाकात कर उन्होंने अपना आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति भवन ने भी उन्हें सम्मानपूर्वक ADC के रूप से विदाई दी।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि उनकी Profile में “Retired Former ADC” लिखा गया—यह एक सम्मानजनक विदाई का संकेत है।
क्यों छोड़ी सेना? संभावित कारण
मेजर ऋषभ ने “व्यक्तिगत और पारिवारिक कारण” बताए हैं, लेकिन वास्तविक कारण क्या हो सकते हैं?
संभावित कारण (केवल विश्लेषण):
1. परिवार की जिम्मेदारियां:
- माता-पिता की उम्र और स्वास्थ्य
- परिवार के किसी सदस्य को देखभाल की जरूरत
- घर की आर्थिक या सामाजिक जिम्मेदारियां
2. निजी जीवन:
- शादी की योजना
- किसी और करियर में रुचि
- व्यक्तिगत लक्ष्य जो सेना में रहकर पूरे नहीं हो सकते
3. सेवा की शर्तें:
- लगातार Transfer की मांग
- परिवार से दूर रहना
- Special Forces की कठिन जीवनशैली
4. मानसिक और शारीरिक दबाव:
- Commando Life का Stress
- High-profile ADC posting का दबाव
- 24/7 Duty का तनाव
नोट: ये सभी केवल संभावनाएं हैं। वास्तविक कारण केवल मेजर ऋषभ और उनके परिवार को ही पता है, और उनकी Privacy का सम्मान किया जाना चाहिए।
Premature Retirement क्या है?
भारतीय सेना में Premature Retirement (PMR) का मतलब है समय से पहले सेवा से मुक्ति लेना। यह तब होता है जब:
- एक Officer अपनी Pensionable Service पूरी करने से पहले रिटायर होना चाहता है
- व्यक्तिगत कारणों से सेवा जारी रखना संभव नहीं
- Proper Channel से Application देकर अनुमति लेनी पड़ती है
सेना में PMR लेना आसान नहीं है। इसके लिए:
- वैध कारण होने चाहिए
- Superior Officers की अनुमति
- कुछ मामलों में Financial Implications भी
सेना छोड़ने के बाद क्या करेंगे?
मेजर ऋषभ ने अभी तक अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में कुछ नहीं कहा है। लेकिन उनके जैसे Skilled और Disciplined Officer के लिए कई रास्ते खुले हैं:
1. Corporate Sector:
- Security Consultancy
- Leadership Training
- Corporate में Top Management positions
2. सरकारी सेवा:
- Central Armed Police Forces
- Intelligence agencies
- Administrative services
3. Entrepreneurship:
- अपना Business शुरू करना
- Defence-related consultancy
- Fitness और Training centers
4. Social Service:
- NGO work
- Youth mentorship programs
- Veterans welfare
देश की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आईं:
कुछ लोगों ने समर्थन दिया:
- “Family first! Respect his decision.”
- “He gave his best years to the nation. Now it’s his time.”
- “True officer—served with dignity, left with dignity.”
कुछ ने दुख जताया:
- “Such a loss for Indian Army!”
- “We will miss seeing him with President.”
- “Hope everything is okay with him and his family.”
एक सैनिक कभी रिटायर नहीं होता
अगर गौर करें तो वर्दी भले ही उतर गई हो, लेकिन एक सैनिक का अनुशासन, उनका पराक्रम और उनका चरित्र कभी नहीं बदलता। मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने यह साबित किया है कि देश सेवा सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है।
सांबा का यह लाल, भारत मां का यह सच्चा सपूत, अपनी जिंदगी की नई पारी में जहां भी रहेगा, उसका हौसला और देश के प्रति निष्ठा हमेशा मिसाल रहेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने 21 अगस्त 2026 को Indian Army से Premature Retirement लिया
- 4 Para Special Forces के Commando और राष्ट्रपति के Former ADC
- लगभग 8 साल की सेवा के बाद व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से रिटायरमेंट
- 2021 में Jat Regiment के Best Marching Contingent Commander
- 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC नियुक्त
- सोशल मीडिया पर ‘National Crush’ के नाम से मशहूर












