Shiromani Akali Dal BJP Alliance Talks 2027: पंजाब की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। Shiromani Akali Dal (Punar Surjit) धड़ा अब पंजाब में शिरोमणी अकाली दल और BJP के बीच चुनावों से पहले गठजोड़ की संभावित बातचीत का हिस्सा बन गया है।
देखा जाए तो यह पंजाब की राजनीति के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। सूत्रों से पता चला है कि धड़े के सीनियर नेताओं के साथ 2027 की विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर बातचीत की जा रही है।
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कौन हैं मुख्य खिलाड़ी?
समझने वाली बात यह है कि इस बातचीत में कौन-कौन से दिग्गज नेता शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, अकाली दल पुनर सुरजीत धड़े के जिन मुख्य नेताओं को सूबे में बड़े गठजोड़ के लिए मनाने की कोशिश की जा रही है, उनमें:
- बीबी जगीर कौर
- गुरप्रताप सिंह वडाला
- प्रेम सिंह चंदूमाजरा
- गोबिंद सिंह लोंगोवाल
- और कई अन्य वरिष्ठ नेता
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सभी नेता 2024 की लोकसभा चुनावों के दौरान शिरोमणी अकाली दल का हिस्सा थे।
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11 अगस्त की बगावत: क्या हुआ था?
दिलचस्प बात यह है कि इन 10 सीनियर अकाली नेताओं ने 11 अगस्त 2025 को Sukhbir Singh Badal की अगुवाई वाली पार्टी छोड़ दी थी। यह पंजाब की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर था।
अगर गौर करें तो इस बगावत के पीछे कई कारण थे। पार्टी के भीतर चल रहे आंतरिक मतभेद, नेतृत्व को लेकर असंतोष और चुनावी रणनीति पर मतभेद प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
‘तराजू’ पर चुनाव लड़ने की संभावना
हैरान करने वाली बात यह है कि भले ही इन नेताओं ने सुखबीर बादल की पार्टी छोड़ दी है, लेकिन संभावना है कि वे अकाली दल के पारंपरिक चुनाव चिन्ह ‘तराजू’ पर ही चुनाव लड़ सकते हैं।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे किस व्यवस्था के तहत चुनाव लड़ेंगे, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह एक रणनीतिक कदम हो सकता है।
2024 लोकसभा चुनाव: सीट बंटवारे का गणित
खास तौर पर, 2024 की लोकसभा चुनावों के दौरान शिरोमणी अकाली दल लगभग 49 विधानसभा सीटों पर BJP से आगे थी। जबकि BJP बाकी सीटों पर अकाली दल से आगे थी। यह आंकड़ा अब सीट बंटवारे की बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
10 सीटों का विवाद
एक BJP के आंतरिक सूत्र ने बताया: “पंजाब की 49 विधानसभा सीटों में से जहां 2024 की आम चुनावों में शिरोमणी अकाली दल BJP से आगे थी, उनमें से 10 सीटों पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों ने शिरोमणी अकाली दल को छोड़ दिया है। सीटों की बंटवारे के बारे में बातचीत करते समय यह मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है।”
समझने वाली बात यह है कि यह 10 सीटें गठजोड़ की बातचीत में एक प्रमुख मुद्दा बन सकती हैं।
वोट शेयर का गणित
अकाली दल और BJP के बीच चुनावों से पहले गठजोड़ की संभावना का मुख्य कारण 2024 की लोकसभा चुनावों में उनका 31 फीसदी से ज्यादा का संयुक्त वोट शेयर है।
| पार्टी | वोट शेयर (2024) |
|---|---|
| BJP | 18.5% |
| Shiromani Akali Dal | 13.5% |
| कुल संयुक्त | 32% |
यह दर्शाता है कि अगर दोनों पार्टियां एक साथ आती हैं तो पंजाब में एक मजबूत विकल्प बन सकती हैं।
सीट बंटवारे पर मतभेद
चिंता का विषय यह है कि BJP का मानना है कि चुनाव से पहले का गठजोड़ पंजाब में हुई पिछली बड़ी चुनावों यानी 2024 की लोकसभा चुनावों के नतीजों पर आधारित होना चाहिए।
दूसरी ओर, शिरोमणी अकाली दल चाहती है कि पिछले तीन चुनाव चक्रों के औसत नतीजों को ध्यान में रखा जाए:
- 2022 की विधानसभा चुनाव
- 2024 की लोकसभा चुनाव
- हाल ही में हुई ग्रामीण और शहरी स्थानीय संस्थाओं की चुनाव
अतीत का प्रदर्शन
देखा जाए तो 2022 की सूबाई चुनावों में अकाली दल ने BJP से बेहतर प्रदर्शन किया था। लेकिन 2024 की लोकसभा चुनावों में BJP ने अकाली दल से बेहतर प्रदर्शन किया।
यह contrast सीट बंटवारे की बातचीत को जटिल बना रहा है।
BJP का आधिकारिक रुख
आधिकारिक तौर पर BJP ने स्पष्ट किया है कि वह सूबे की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन निजी तौर पर, सूत्रों का कहना है कि गठजोड़ की संभावनाओं की पड़ताल की जा रही है।
राहत की बात यह है कि दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार हैं। यह देखना होगा कि अंतिम समझौता किस रूप में सामने आता है।
बाकी नेताओं की स्थिति
पुनर सुरजीत के उपरोक्त नेताओं के अलावा, इस धड़े के अन्य नेता जो अब सुखबीर की अगुवाई वाले धड़े के साथ नहीं हैं, उनमें शामिल हैं:
- जस्टिस निर्मल सिंह
- हरमीत सिंह संधू
- इकबाल सिंह झुंदां
- मनप्रीत सिंह इयाली (जो वारिस पंजाब डे में शामिल हो गए)
- हरदीप सिंह ढिल्लों
- गुरइकबाल सिंह माहल
- सुखविंदर सुक्खी
यह सवाल उठता है कि क्या ये सभी नेता भी गठजोड़ का हिस्सा बनेंगे या अलग रास्ता अपनाएंगे?
2027 की तैयारी शुरू
उम्मीद की किरण यह है कि पंजाब में 2027 की विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण साफ होने लगे हैं। अगले कुछ महीनों में बातचीत की गति और तेज होने की उम्मीद है।
मुख्य बातें (Key Points):
• Shiromani Akali Dal (Punar Surjit) धड़ा संभावित SAD-BJP गठजोड़ की बातचीत में शामिल
• बीबी जगीर कौर, वडाला, चंदूमाजरा, लोंगोवाल जैसे दिग्गज नेता शामिल
• 10 सीनियर नेताओं ने 11 अगस्त 2025 को सुखबीर बादल की पार्टी छोड़ी
• 2024 में SAD+BJP का संयुक्त वोट शेयर 31% से अधिक (BJP 18.5%, SAD 13.5%)
• सीट बंटवारे पर मतभेद: BJP 2024 के आधार पर, SAD तीन चुनावों के average के आधार पर
• ‘तराजू’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने की संभावना













