Ration Card Update Jharkhand 2026 – झारखंड में राशन कार्ड बनवाने का इंतजार कर रहे लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 2 करोड़ 64 लाख से ज्यादा लोगों को राशन देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह संख्या झारखंड की कुल आबादी के करीब 80.10 प्रतिशत के बराबर है। हाल ही में सरकार ने करीब 25 लाख लोगों की प्रतीक्षा सूची समाप्त करने के लिए आदेश जारी किया था।
राज्य के अलग-अलग जिलों में बड़ी संख्या में लोग नए राशन कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं। अब विभाग की ओर से जिलावार राशन वितरण का नया लक्ष्य भी तय किया गया है।
🔍 यह भी पढ़ें- Operation Prahar 3.0: Punjab Police ने 16 दिन में 3,949 गिरफ्तारियां कीं
2.64 करोड़ लोगों को कवरेज का लक्ष्य
विभागीय आदेश के मुताबिक राज्य में 2 करोड़ 64,25,385 लोगों को राशन देने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें अंतोदय अन्न योजना यानी AAY और प्राथमिकता प्राप्त गृहस्थ योजना यानी PHH के राशन कार्ड धारी शामिल हैं।
झारखंड की कुल आबादी करीब 3 करोड़ 29 लाख बताई गई है। ऐसे में निर्धारित राशन कवरेज राज्य के लगभग 80.10% आबादी के बराबर है।
देखा जाए तो यह एक बड़ी संख्या है, जो राज्य की अधिकांश आबादी को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास है।
🔍 यह भी पढ़ें- Ration Card Update Bihar 2026: बंद राशन कार्ड होगा चालू, नए कार्ड के लिए आवेदन शुरू
जिलेवार लक्ष्य निर्धारित
हर जिले के लिए लाभार्थी की संख्या तय कर दी गई है। विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा लाभार्थियों को सामान्य तौर पर नहीं जोड़ा जाएगा। नए राशन कार्ड तभी बनाए जा सकेंगे जब संबंधित जिले में कोई रिक्ति उपलब्ध होगी।
समझने वाली बात है कि यह एक सीमित कोटा सिस्टम है जिसमें हर जिले के लिए एक निश्चित संख्या में ही राशन कार्ड जारी किए जा सकते हैं।
गंभीर बीमारी वालों के लिए विशेष प्रावधान
हालांकि गंभीर बीमारी और असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों के लिए 100 रिक्तियां रखना अनिवार्य किया गया है। यानी ऐसे जरूरतमंद लोगों के लिए विशेष प्रावधान रखा गया है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि गंभीर रूप से बीमार लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो एक सकारात्मक कदम है।
मासिक समीक्षा अनिवार्य
इसके साथ ही जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को हर महीने जारी किए गए नए राशन कार्ड की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया गया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित लक्ष्य और नियमों के अनुसार ही चले।
अगर गौर करें तो यह एक निगरानी तंत्र है जो पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।
6 साल से नहीं बढ़ी लाभार्थियों की संख्या
आपको बता दें कि राशन लाभार्थियों की संख्या 6 साल से नहीं बढ़ी है। विभागीय आदेश के अनुसार साल 2020 में जारी एक संकल्प में PHH और AAY लाभार्थियों की कुल संख्या 2 करोड़ 64,25,385 तय की गई थी। 6 साल बाद भी यही लक्ष्य बना हुआ है।
दिलचस्प बात यह है कि इस संख्या में अब तक बढ़ोतरी नहीं की गई है। नए लोगों को राशन कार्ड देने की प्रक्रिया मुख्य रूप से मौजूदा राशन कार्ड में होने वाली रिक्तियों से जुड़ी हुई है।
यानी जब पुराने राशन कार्ड रद्द होते हैं तो उन्हीं के स्थान पर नए लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है।
धनबाद में 24,000 राशन कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया
धनबाद के जिला आपूर्ति पदाधिकारी के मुताबिक सरकार के आदेश के आधार पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले चरण में 24,000 से ज्यादा राशन कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए लाभार्थियों के राशन कार्ड जारी किए जाएंगे।
समझने वाली बात यह है कि अगर आपने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया है तो सिर्फ आवेदन कर देने से तुरंत राशन कार्ड मिलना तय नहीं है। आपके जिले में उपलब्ध रिक्ति, पात्रता और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाही होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- झारखंड में 2.64 करोड़ लोगों को राशन का लक्ष्य
- कुल आबादी का 80.10% कवरेज
- 25 लाख प्रतीक्षा सूची समाप्त करने के आदेश
- गंभीर बीमारी वालों के लिए 100 रिक्तियां आरक्षित
- 6 साल से नहीं बढ़ी लाभार्थियों की संख्या
- धनबाद में 24,000 राशन कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया













