Tripura Tribal Areas Autonomous District Council चुनाव में Tipra Motha Party (TMP) ने शानदार प्रदर्शन किया है। तीसरे दौर की गिनती के बाद पार्टी 28 में से 22 सीटों पर आगे चल रही है। BJP को केवल छह सीटों पर बढ़त मिली है, जबकि CPI(M), Congress और IPFT सभी सीटों पर पिछड़ रहे हैं।
देखा जाए तो यह Tipra Motha Party के लिए एक बड़ी जीत है, खासकर इसलिए क्योंकि वे राज्य में BJP की सहयोगी पार्टी हैं, लेकिन इस चुनाव में दोनों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा।
टिप्रा मोथा की प्रभावशाली बढ़त
त्रिपुरा आदिवासी क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद चुनाव में Tipra Motha Party एक कमांडिंग स्थिति में है। तीसरे दौर के बाद, कुल 28 में से 22 सीटों पर पार्टी की बढ़त है। BJP छह सीटों पर आगे चल रही है, जबकि CPI(M), Congress और Indigenous People’s Front of Tripura (IPFT) सभी सीटों पर पिछड़ रहे हैं।
राज्य चुनाव आयोग में विशेष कर्तव्य पर नियुक्त अधिकारी बिपुल बर्मन ने कहा, “मतगणना सुबह 8 बजे शांतिपूर्ण तरीके से सभी 17 केंद्रों पर शुरू हुई और कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही है। TMP कुल 28 में से 22 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि BJP तीसरे दौर की गिनती के बाद छह सीटों पर आगे है।”
2021 के चुनाव से तुलना
दिलचस्प बात यह है कि 2021 के चुनावों में TMP ने 18 सीटें जीती थीं, जबकि BJP ने नौ सीटें हासिल की थीं। अगर यह रुझान बरकरार रहता है, तो TMP ने अपना प्रदर्शन काफी सुधारा है और चार अतिरिक्त सीटें जीतने की राह पर है।
यह दर्शाता है कि आदिवासी मतदाताओं ने Tipra Motha Party पर फिर से भरोसा जताया है और पार्टी की लोकप्रियता बढ़ी है।
83 प्रतिशत मतदान
12 अप्रैल को हुए TTAADC चुनावों में लगभग 83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसमें कुछ छिटपुट हिंसा की घटनाएं देखी गईं। TTAADC राज्य के भौगोलिक क्षेत्र के दो-तिहाई हिस्से को कवर करता है और 13 लाख की आबादी का घर है।
समझने वाली बात यह है कि इतनी ऊंची मतदान दर आदिवासी समुदाय की राजनीतिक जागरूकता और भागीदारी को दर्शाती है। यह एक स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत है।
मौजूदा TTAADC में स्थिति
मौजूदा TTAADC में, TMP के 17 जिला परिषद सदस्य हैं, जबकि BJP के पास नौ सीटें हैं, और दो सीटें रिक्त थीं। अगर वर्तमान रुझान बने रहते हैं, तो TMP अपनी स्थिति को और मजबूत करने जा रही है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि हालांकि Tipra Motha Party राज्य स्तर पर BJP की सहयोगी है, लेकिन आदिवासी परिषद के चुनावों में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। यह एक दिलचस्प राजनीतिक रणनीति है।
शांतिपूर्ण मतगणना
अधिकारियों ने बताया कि मतगणना पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से हो रही है और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सभी 17 मतगणना केंद्रों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं कि मतगणना प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी न हो और सभी पार्टियों को उचित प्रतिनिधित्व मिले।
राजनीतिक महत्व
यह चुनाव त्रिपुरा की राजनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण है। TTAADC राज्य के एक बड़े हिस्से को कवर करता है और आदिवासी आबादी के मुद्दों पर काम करता है। Tipra Motha Party की जीत का मतलब है कि आदिवासी समुदाय उनके नेतृत्व पर विश्वास कर रहा है।
अगर गौर करें तो यह BJP के लिए भी एक संदेश है कि आदिवासी क्षेत्रों में उन्हें अपना आधार मजबूत करने की जरूरत है। हालांकि दोनों पार्टियां राज्य स्तर पर साथ हैं, लेकिन स्थानीय मुद्दों पर मतदाता अलग-अलग पसंद कर रहे हैं।
आगे की चुनौतियां
TMP के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वे अपने चुनावी वादों को कैसे पूरा करते हैं। आदिवासी समुदाय ने उन पर भरोसा जताया है और उम्मीद है कि पार्टी उनके मुद्दों पर काम करेगी।
विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां मतदाता बदलाव की उम्मीद करते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- Tipra Motha Party 28 में से 22 सीटों पर आगे
- BJP को केवल छह सीटों पर बढ़त
- 2021 में TMP ने 18 सीटें जीती थीं
- 83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया
- शांतिपूर्ण और सुरक्षित मतगणना













