Women Reservation Bill पर संसद में ऐतिहासिक बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में ऐसा दमदार बयान दिया जिसने पूरे सदन का माहौल बदल दिया। उन्होंने खुलकर कहा — “क्रेडिट की चिंता है क्या? जी ले लो ना क्रेडिट। क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।” और बस यहीं से शुरू हुई सदन में राजनीति और जिम्मेदारी की तीखी बहस…
“जिसकी फोटो छपवानी है, सरकारी खर्चे से करवा देंगे”
पीएम मोदी ने विपक्ष पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर किसी को क्रेडिट चाहिए तो ले लें। “आपको जिसकी फोटो छपवानी है, सरकारी खर्चे से हम करवा देंगे। जैसे ये पारित हो जाए, मैं कल एडवर्टाइजमेंट देकर सबका धन्यवाद करने को तैयार हूं। सबकी फोटो छपवाने को तैयार हूं।”
दिलचस्प बात यह है कि मोदी ने विपक्ष के विरोध को “काला टीका” बताते हुए कहा — “जब कोई शुभ काम होता है तो नजर ना लगे इसलिए काला टीका लगाने की परंपरा है। मैं आपका धन्यवाद करता हूं काला टीका लगाने के लिए।”
“यह सांस्कृतिक कमिटमेंट है”
Women Reservation Bill पर पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं की संसदीय भागीदारी सिर्फ आंकड़ों का खेल या लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार तक सीमित नहीं है। “लोकतंत्र की जननी के रूप में, Mother of Democracy के रूप में यह भारत का कमिटमेंट है — सांस्कृतिक कमिटमेंट।”
उन्होंने अपने मुख्यमंत्री के अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रासरूट लेवल पर महिला नेतृत्व को उन्होंने करीब से देखा है। “संवेदनशीलता के साथ समस्याओं के समाधान में उनका कमिटमेंट बहुत परिणामकारी रहता है। सदन में उनकी आवाज नई शक्ति बनेगी, नई सोच जुड़ेगी।”
आंकड़ों से बताई महिलाओं की ताकत
पीएम ने Women Reservation Bill के समर्थन में महिलाओं की मौजूदा भागीदारी के आंकड़े गिनाए:
- 650 से ज्यादा पंचायतों में पौने महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं
- 6,700 ब्लॉक पंचायतों में 2,700 से अधिक का नेतृत्व महिलाओं के हाथ में
- 900 से अधिक शहरों में अर्बन लोकल बॉडीज की हेड के रूप में महिलाएं काम कर रही हैं
- 20 से अधिक राज्यों में पंचायतों में 50% आरक्षण लागू
“तथ्य और तर्क के आधार पर जब अनुभव जुड़ता है तब सामर्थ्य अनेक गुना बढ़ जाता है,” मोदी ने कहा।
“राजनीति के तराजू से न तोलें”
प्रधानमंत्री ने अपील की कि इस बिल को राजनीति के तराजू से नहीं तोलना चाहिए। “देश का आधा जिम्मा जो उठा रही हैं, उनका भी हक बनता है यहां आने का। हमें रोकना नहीं चाहिए।” उन्होंने सर्वसम्मति से बिल पास करने का आग्रह किया — “जब सर्वसम्मति से बढ़ता है तो ट्रेजरी बेंच पर भी दबाव रहता है। सामूहिक शक्ति से अनेक अच्छे परिणाम मिलते हैं।”
समझने वाली बात है कि Women Reservation Bill 2023 में पहले ही पास हो चुका था। अब संशोधन के जरिए इसे और मजबूत बनाने की कोशिश है।
विपक्ष ने भी उठाए सवाल
शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि वो महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे “सैद्धांतिक और राजनीतिक” अलग-अलग नजरिए से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा — “2023 में ही बिल पास हुआ था, किसने विरोध किया? क्यों ऐसा दिखाया जा रहा है कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ है?”
मुख्य बातें (Key Points)
- Women Reservation Bill: PM मोदी बोले — “क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं”, विपक्ष पर तीखा कटाक्ष
- महिलाओं की संसदीय भागीदारी को “सांस्कृतिक कमिटमेंट” बताया
- 650+ पंचायतों, 2700+ ब्लॉक पंचायतों और 900+ शहरों में महिला नेतृत्व के आंकड़े गिनाए
- सर्वसम्मति से बिल पास करने की अपील, कहा — “राजनीति के तराजू से न तोलें”













