Russia Ukraine War: पिछले 4 साल से ज्यादा वक्त से चल रही रूस-यूक्रेन जंग में एक ऐसा मोड़ आ गया है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की ने संकेत दे दिए हैं कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए एकदम तैयार हैं। यह महज एक बयान नहीं बल्कि एक ऐसा कदम है जिसने डोनाल्ड ट्रंप समेत पूरी दुनिया के तमाम बड़े नेताओं को हैरान कर दिया है।
जंग शुरू होने के बाद पहली बार मिलने को राजी हुए जेलेंस्की
यह बैठक इसलिए बेहद चौंकाने वाली है क्योंकि जब से यह जंग शुरू हुई है, तब से जेलेंस्की और पुतिन के बीच कोई आमने-सामने की बैठक नहीं हुई है। हालांकि रूस की तरफ से इसका प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन जेलेंस्की ने यह कहते हुए ऑफर ठुकरा दिया था कि वह बातचीत के लिए मॉस्को नहीं जाएंगे और उन्हें रूस पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।
दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात साल 2019 में पेरिस में हुई थी, यानी युद्ध शुरू होने से पहले। अब जब जेलेंस्की ने मुलाकात के लिए सहमति जताई है तो इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक से सीजफायर के लिए कोई रास्ता निकल सकता है।
दोनों देश थक चुके हैं 4 साल की जंग से
चार साल लंबी इस जंग से दोनों देश पूरी तरह थक चुके हैं। दोनों का भारी आर्थिक और सैन्य नुकसान हो चुका है। अमेरिका का पूरा फोकस इस वक्त ईरान पर चला गया है, जिसके कारण ट्रंप ना तो रूस के खिलाफ यूक्रेन की मदद करते नजर आ रहे हैं और ना ही उनका ध्यान किसी और तनाव पर जा रहा है। ऐसे में जेलेंस्की के इस कदम से अब जंग एक सेटलमेंट की स्थिति में पहुंचती हुई नजर आ रही है।
बातचीत के बीच भी जारी हैं भयंकर हमले
हालांकि इन सबके बीच दोनों तरफ से हमले भी लगातार जारी हैं। रूस यूक्रेन के एक के बाद एक गांव पर अपना कब्जा बढ़ाता जा रहा है। वहीं यूक्रेन ने भी रूसी क्षेत्र में बड़ा पलटवार किया है। यूक्रेन ने रूस के काला सागर में स्थित ऊर्जा केंद्र नोवो रसिस्क पर हमला किया है। यूक्रेनी सेना ने बताया कि रात भर चले हमले में नोवो रसिस्क बंदरगाह में स्थित एडमिरल मकारो मिसाइल वाहक पोत को निशाना बनाया गया, जो काला सागर पर रूस का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है।
यूक्रेन लगातार रूस के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है ताकि आर्थिक रूप से रूस को कमजोर किया जा सके। लेकिन मौजूदा हालात में रूस ही यूक्रेन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। रूस की सेना ने बताया कि वायु रक्षा इकाइयों ने 3 घंटे की अवधि में 148 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए हैं। साथ ही आपातकालीन दल हवाई हमलों से प्रभावित लगभग 5 लाख घरों में बिजली बहाल कर रहे हैं।
क्या वाकई खत्म होगी 4 साल पुरानी जंग?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वाकई पुतिन और जेलेंस्की की मुलाकात होगी? क्या जेलेंस्की मॉस्को जाएंगे? और अगर जेलेंस्की मॉस्को गए तो क्या यह जंग खत्म होने की शुरुआत की तरफ बढ़ेगी? फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं। अगर यह बैठक होती है तो यह साल 2019 के बाद पहली ऐसी मुलाकात होगी जो जंग का रुख पूरी तरह बदल सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- जेलेंस्की ने संकेत दिए कि वह पुतिन से मिलने को तैयार हैं, जंग शुरू होने के बाद पहली बार
- दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात 2019 में पेरिस में हुई थी
- यूक्रेन ने रूस के नोवो रसिस्क ऊर्जा केंद्र पर बड़ा हमला किया
- रूस ने 3 घंटे में 148 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए













