Iran US War: पश्चिम एशिया में आज 7 अप्रैल 2026 की रात कयामत की रात बनने जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली धमकी दी है कि अगर आज रात 8 बजे तक समझौता नहीं हुआ तो ईरान के पावर प्लांट, पुल और सैन्य ठिकानों पर भयंकर हमले किए जाएंगे। वहीं ईरान ने भी अमेरिका के 45 दिन के सीजफायर प्रस्ताव को पूरी तरह ठुकरा दिया है और युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने की मांग रखी है।
वाइट हाउस में ट्रंप का धमाकेदार बयान
दरअसल वाइट हाउस में अमेरिकी पायलट की सुरक्षित वापसी का जश्न मनाया जा रहा था। इसी दौरान ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि ईरान को एक ही रात में हराया जा सकता है, और यह रात संभवत: मंगलवार यानी 7 अप्रैल 2026 को हो सकती है।
ट्रंप ने ईरान को “बेवकूफ” तक कहा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह युद्ध सिर्फ एक चीज के लिए है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। अगर ईरान अमेरिका की मांगों को पूरा कर ले तो यह संघर्ष जल्दी खत्म हो सकता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर टोल वसूली का चौंकाने वाला प्रस्ताव
ट्रंप ने एक और चौंकाने वाला बयान दिया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे ऐसे किसी समझौते को स्वीकार करेंगे जिसके तहत ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने की इजाजत मिल जाए, तो ट्रंप ने उल्टा कह दिया कि “क्यों ना हम खुद टोल वसूलें? हम विजेता हैं, हमने जीत हासिल की है।”
यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब दुनिया की सबसे अहम तेल आपूर्ति लाइन हॉर्मुज जलडमरूमध्य पश्चिमी जहाजों के लिए बंद पड़ी है। ट्रंप ने ईरान को रात 8 बजे तक इसे दोबारा खोलने की अल्टीमेटम दी है, जिसके बाद उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के लिए “नर्क जैसे हालात” पैदा किए जाएंगे और अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे पर व्यापक हमले करेगा।
ईरान ने पाकिस्तान के जरिए भेजा अपना जवाब
वहीं दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिकी सीजफायर प्रस्ताव को एक बार फिर सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अपना जवाब अमेरिका को भिजवाया है। ईरानी सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि इस जवाब में साफ लिखा है कि ईरान किसी भी तरह की अस्थायी सीजफायर के लिए तैयार नहीं है, बल्कि वह युद्ध का स्थायी अंत चाहता है।
ईरान ने अपने जवाब में अमेरिका से कई मांगें भी रखी हैं। इनमें इस इलाके में चल रहे सभी संघर्षों को खत्म करना, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन के लिए नियम बनाना, युद्ध में तबाह हुए क्षेत्रों का पुनर्निर्माण करना और आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना शामिल है। लेकिन ट्रंप ने साफ कहा है कि उन्हें ऐसा समझौता चाहिए जो उन्हें “स्वीकार्य” हो और उसमें तेल का मुक्त आवागमन जरूरी है।
IRGC ने दी ट्रंप को कड़ी चेतावनी
ट्रंप की धमकियों के जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के खातामल अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फकारी ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि “भ्रमित अमेरिकी राष्ट्रपति की अभद्र बयानबाजी अहंकार और निराधार धमकियां हैं, जो अमेरिकी सेना की बार-बार की हार को उचित ठहराने के लिए दी जा रही हैं। यह ईरान को लड़ने से रोकने में कामयाब नहीं होंगी।”
ईरान में मानव श्रृंखला की अपील
इसी बीच ईरान के युवा और खेल उपमंत्री ने देश के युवाओं से बिजली संयंत्रों के चारों तरफ मानव श्रृंखला बनाने की जोरदार अपील की है। उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल 2026 को दोपहर 2 बजे देश भर के बिजली संयंत्रों के पास हर आस्था और भावना के साथ हाथ में हाथ डालकर खड़े होंगे और कहेंगे कि “सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना युद्ध अपराध है।”
अमेरिका में ही खड़ा हुआ ट्रंप के खिलाफ मोर्चा
ट्रंप के लिए ईरान को झुकाना जितना मुश्किल हो रहा है, उतनी ही मुश्किलें उनके अपने देश में भी खड़ी हो गई हैं। डेमोक्रेटिक सेनेटर मार्क केली ने कहा कि “ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों और अन्य गैर-सैन्य स्थलों पर हमला करने की राष्ट्रपति की धमकी अमेरिकी सेना और देश पर एक काला धब्बा होगी। यह धमकी देना ताकत नहीं है।”
अमेरिकी सेनेटर क्रिस मर्फी ने तो यहां तक कह दिया कि “जब आपका राष्ट्रपति युद्ध अपराध करने का वादा करे तो सावधान रहें।”
न्यूजीलैंड ने भी ट्रंप की निंदा की
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लग्जन ने भी ट्रंप की धमकियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि “ईरानी नागरिक अवसंरचना के खिलाफ ये धमकियां गैर-जरूरी और गैर-मददगार हैं। पुलों, जलाशय और नागरिक बुनियादी ढांचे पर बमबारी सहित कोई भी कारवाई अस्वीकार्य होगी। इस संघर्ष को और फैलने से रोकने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।”
क्या आज की रात बदलेगी पश्चिम एशिया की तकदीर?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्रंप की धमकियां सच में अमल में लाई जाएंगी? ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी आंशिक युद्ध विराम को मंजूर नहीं करेगा। वहीं ट्रंप ने रात 8 बजे की डेडलाइन रखी है। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनना फिलहाल बेहद मुश्किल नजर आ रहा है। इस जुबानी जंग के बीच दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले भी लगातार जारी हैं। ऐसे में आज की रात पश्चिम एशिया की तकदीर बदल सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ट्रंप ने ईरान को रात 8 बजे तक की अल्टीमेटम दी, हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की मांग की
- ईरान ने 45 दिन की सीजफायर ठुकराई, युद्ध का स्थायी अंत और प्रतिबंध हटाने की मांग रखी
- IRGC ने कहा: ट्रंप की धमकियां ईरान को लड़ने से नहीं रोक सकतीं
- अमेरिका में ही डेमोक्रेटिक सेनेटरों ने ट्रंप की धमकियों को “युद्ध अपराध” बताया













