Pathanmajra Arrest को लेकर पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने बुधवार 25 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी (AAP) पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की गिरफ्तारी एक “स्टेज कम स्टेट मैनेज्ड शो” है। मजीठिया का सीधा आरोप है कि यह पूरा नाटक डॉ. गगनदीप रंधावा आत्महत्या मामले से जनता का ध्यान भटकाने के लिए रचा गया है।
“पहले फरार दिखाया, फिर सुबह-सुबह गिरफ्तार पेश कर दिया”
मजीठिया ने Pathanmajra Arrest के पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह पहले पठानमाजरा को “फरार” दिखाया गया और फिर अचानक सुबह-सुबह उन्हें “गिरफ्तार” करके पेश कर दिया गया, वह अपने आप में पूरी कहानी बयान कर देता है।
मजीठिया ने इसे “स्क्रिप्टेड ड्रामा” करार देते हुए कहा कि यह सब कुछ पहले से तय था। उनके मुताबिक यह गिरफ्तारी नहीं बल्कि एक ऐसा स्टेट मैनेज्ड शो है, जिसकी स्क्रिप्ट पहले से लिखी जा चुकी थी और जनता के सामने इसे असली बनाकर पेश किया गया।
“यह फिक्स्ड मैच है, सच दबाने की कोशिश हो रही है”
मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर सीधा निशाना साधते हुए मजीठिया ने Pathanmajra Arrest को “फिक्स्ड मैच” की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह क्रिकेट में फिक्स्ड मैच में नतीजा पहले से तय होता है, ठीक उसी तरह इस गिरफ्तारी का भी हर कदम पहले से तय था।
मजीठिया ने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल के जरिए सच्चाई को दबाने और नैरेटिव को कंट्रोल करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि जिस वक्त सरकार डॉ. गगनदीप रंधावा की मौत को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है, ठीक उसी वक्त इस गिरफ्तारी को सामने लाना अपने आप में कई शंकाएं पैदा करता है। यह महज एक संयोग नहीं बल्कि सोची-समझी रणनीति है।
“फुफ्फड़ कहने वाला आज खुद मोहरा बन गया”
Pathanmajra Arrest पर अपना सबसे तीखा तंज कसते हुए मजीठिया ने कहा कि जो पठानमाजरा कल तक खुद को “फुफ्फड़” बोलकर ताकतवर समझता था, आज भगवंत मान उसे अपने राजनीतिक नुकसान की भरपाई के लिए एक मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
यहां “फुफ्फड़” शब्द का संदर्भ पंजाबी राजनीति में बेहद अहम है। पठानमाजरा ने कथित तौर पर खुद को भगवंत मान का करीबी और ताकतवर बताने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया था। मजीठिया ने इसी को पलटकर कहा कि जो कल तक ताकत दिखा रहा था, आज वही सत्ता की शतरंज में एक प्यादा बनकर रह गया है।
मजीठिया ने यह भी कहा कि “यह शासन नहीं, यह ध्यान भटकाने की साजिश है।” उनका साफ कहना है कि सरकार की ऐसी हरकतें जनता के मन में शक को और गहरा कर रही हैं, कम नहीं।
डॉ. गगनदीप रंधावा केस: “जनता गुमराह नहीं होगी”
मजीठिया ने Pathanmajra Arrest के बहाने डॉ. गगनदीप रंधावा आत्महत्या मामले को भी पूरी ताकत से उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता इस मामले की गंभीरता को बखूबी समझती है और ऐसे राजनीतिक ड्रामों से गुमराह होने वाली नहीं है।
मजीठिया ने साफ शब्दों में कहा कि वे और उनकी पार्टी हर स्तर पर डॉ. रंधावा केस की पैरवी करेंगे। जांच की मांग को और तेज किया जाएगा और इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उनका कहना है कि कोई भी राजनीतिक स्टंट इस मामले को दबा नहीं सकता और सच सामने आकर ही रहेगा।
“भगवंत मान और केजरीवाल को जवाब देना ही पड़ेगा”
अपने बयान के अंत में मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब की जनता हर घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। सरकार जो भी ड्रामा करे, इस मामले से जुड़े सवाल लगातार बढ़ते ही जाएंगे।
मजीठिया ने कहा कि सरकार को पंजाब की जनता को जवाब देना ही पड़ेगा और डॉ. गगनदीप रंधावा को इंसाफ देना ही पड़ेगा। उन्होंने भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल दोनों से कहा कि यह बात जितनी जल्दी समझ लें उतना अच्छा, क्योंकि जनता की अदालत में हर किसी को हाजिर होना पड़ता है।
पंजाब की सियासत में इस विवाद के क्या मायने हैं
Pathanmajra Arrest का यह विवाद पंजाब की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। एक तरफ सत्तारूढ़ AAP सरकार है जो कानूनी कार्रवाई का दावा कर रही है, दूसरी तरफ विपक्षी अकाली दल इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र बता रहा है। बीच में डॉ. गगनदीप रंधावा का मामला है, जो पहले से ही सरकार के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
आम नागरिक के लिए यह सवाल अहम बना हुआ है कि क्या पठानमाजरा की गिरफ्तारी वाकई कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है या फिर जैसा मजीठिया कह रहे हैं, यह सब राजनीतिक दांवपेंच है। पंजाब की जनता इन सवालों के जवाब का इंतजार कर रही है और आने वाले दिनों में यह मामला और गरमाने के पूरे आसार हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- बिक्रम सिंह मजीठिया ने Pathanmajra Arrest को “स्टेज कम स्टेट मैनेज्ड शो” और “स्क्रिप्टेड ड्रामा” बताया। उनका आरोप है कि पहले फरार दिखाया गया, फिर सुबह-सुबह गिरफ्तारी का नाटक किया गया।
- भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल पर सीधा निशाना। मजीठिया ने कहा कि यह “फिक्स्ड मैच” है जिसका मकसद डॉ. गगनदीप रंधावा आत्महत्या मामले से ध्यान भटकाना है।
- मजीठिया ने पठानमाजरा को “मोहरा” बताया। कहा कि जो कल तक “फुफ्फड़” बनकर ताकत दिखा रहा था, आज सत्ता की शतरंज में प्यादा बन गया।
- अकाली दल ने डॉ. रंधावा केस की जांच की मांग और तेज करने की घोषणा की। मजीठिया ने कहा कि पंजाब की जनता इस राजनीतिक ड्रामे से गुमराह नहीं होगी।








