Punjab Hockey Asian Champions Trophy की मेजबानी का ऐतिहासिक अवसर पंजाब को पहली बार मिला है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार 24 मार्च को चंडीगढ़ में ‘शानदार चार साल, भगवंत मान दे नाल’ कार्यक्रम के तहत खेल विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए इसकी घोषणा की। हॉकी में पंजाब की शानदार विरासत के बावजूद राज्य को पहले कभी किसी अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं मिली थी। अब अक्टूबर-नवंबर में मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम और जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में भारत, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, जापान, मलेशिया और चीन समेत छह टीमें भिड़ेंगी। इसके अलावा 40 वर्षों बाद पंजाब को राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप (अंडर-13) की मेजबानी भी मिली है।
पहली बार पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी: एशिया का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट आएगा मोहाली-जालंधर
Punjab Hockey Asian Champions Trophy को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एशियाई खेल 3-4 अक्टूबर को समाप्त होंगे और इसके बाद शीर्ष छह हॉकी टीमें इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। पहली बार पंजाब को यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करने का मौका मिला है और यह खेल क्षेत्र में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हॉकी और पंजाब को एक ही सिक्के के दो पहलू माना जाता है। पंजाबी खिलाड़ियों के बिना भारतीय हॉकी की कल्पना करना असंभव है। 50 से अधिक पंजाबी हॉकी खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते हैं और 10 पंजाबी खिलाड़ियों ने ओलंपिक हॉकी में भारत की कप्तानी की है। इसके बावजूद पंजाब ने अब तक किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की थी।
उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा राज्य के लिए चार-देशीय टूर्नामेंट के रूप में एक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को भी मंजूरी दी गई है। पंजाब में हर साल हॉकी का चार-देशीय टूर्नामेंट कराने की पेशकश भी की गई है, जो राज्य में हॉकी को और बढ़ावा देगी। मैचों से पहले पंजाबी संस्कृति के प्रदर्शन के रूप में भांगड़ा और गिद्धा प्रस्तुत किए जाएंगे।
40 साल बाद पंजाब में राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप: जालंधर बनेगा मेजबान
Punjab Hockey Asian Champions Trophy के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि 40 वर्षों बाद पंजाब को जालंधर में राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप (अंडर-13) की मेजबानी मिली है। यह टूर्नामेंट अंडर-13 वर्ग के लिए होगा और यह सुनिश्चित करेगा कि राज्य में समग्र विकास और खेलों को बढ़ावा मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों मेजबानियों से पंजाब को देश में खेलों के केंद्र के रूप में उभरने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार युवाओं की अपार ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
खेल बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी: 350 करोड़ से सीधे 1791 करोड़
Punjab Hockey Asian Champions Trophy जैसी मेजबानी के पीछे आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की खेल क्रांति का बड़ा हाथ है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने खेलों का बजट 2023-24 में 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026-27 में 1791 करोड़ रुपये कर दिया है। पंजाब देश का एकमात्र राज्य है जिसने खेलों के लिए इतना बड़ा बजट रखा है।
कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2458 कर दी गई है। इसमें 324 नए कोच भर्ती किए गए हैं, जिनमें 48 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त किया गया है। पंजाब देश का पहला राज्य है जो ओलंपिक की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दे रहा है।
ओलंपिक-एशियन गेम्स पदक विजेताओं को एक-एक करोड़ का इनाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि पैरा-ओलंपिक और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को सरकार एक-एक करोड़ रुपये का इनाम दे रही है। पेरिस ओलंपिक 2024 के कांस्य पदक विजेताओं को एक-एक करोड़ रुपये दिए गए और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को भी एक करोड़ रुपये देकर सम्मानित किया गया।
2023 के एशियाई खेलों में पंजाब के खिलाड़ियों ने 20 पदक जीते, जो एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। 9 ओलंपिक पदक विजेताओं को PCS और DSP की नौकरियां दी गईं। पिछले चार वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जा चुकी है।
‘खेडां वतन पंजाब दीयां’: डेढ़ लाख से बढ़कर 5 लाख खिलाड़ी हुए शामिल
जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए ‘खेडां वतन पंजाब दीयां’ ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन खेलों में 14 से 60 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। 2023-24 में लगभग 3.5 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो 2024-25 में बढ़कर 5 लाख तक पहुंच गई।
10,000 पदक विजेताओं को प्रतिवर्ष 10 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जा रही है और तीन वर्षों में कुल 97.3 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस कार्यक्रम के तहत 3100 खेल मैदान 1350 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे हैं, 101.8 करोड़ रुपये की लागत से 3000 जिम अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किए जा रहे हैं और खिलाड़ियों को 50 करोड़ रुपये की 17,000 खेल किट वितरित की गई हैं।
पंजाब की महान खेल विरासत: सिख गुरुओं से लेकर ओलंपिक चैंपियंस तक
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब की सदियों पुरानी खेल विरासत का गर्व से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने खेलों के माध्यम से न केवल आध्यात्मिकता बल्कि शारीरिक फिटनेस को भी बढ़ावा दिया। श्री गुरु अंगद देव जी ने खडूर साहिब में शारीरिक फिटनेस के लिए मल्ल अखाड़ा स्थापित किया। श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने युवाओं को घुड़सवारी और तीरंदाजी में निपुण बनाया। गुरु गोबिंद सिंह जी उस समय की सभी प्रकार की खेलों और युद्ध-कला में पारंगत थे। आज भी खालसे की जन्मभूमि आनंदपुर साहिब में हर साल होला मोहल्ला पर पारंपरिक खेलों का शानदार प्रदर्शन होता है।
पंजाब के खिलाड़ी कर रहे देश का नाम रोशन: मान ने गिनाए नाम
मुख्यमंत्री ने आधुनिक खेलों में पंजाब के योगदान को दर्शाते हुए गर्व से कई नाम गिनाए। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, भारत की ऑस्ट्रेलिया टूर टीम के कप्तान हार्दिक सिंह, भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, भारतीय बास्केटबॉल टीम के कप्तान पलप्रीत सिंह बराड़, भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान गुरप्रीत सिंह संधू और T-20 विश्व कप विजेता अभिषेक शर्मा और अर्शदीप सिंह सभी पंजाब से हैं।
उन्होंने ऐतिहासिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि बलबीर सिंह सीनियर और ऊधम सिंह ने तीन-तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते। अजीत पाल सिंह एकमात्र खिलाड़ी हैं जिनकी कप्तानी में 1975 में भारत ने हॉकी विश्व कप जीता। संसारपुर, खुसरोपुर और मिठापुर जैसे गांवों ने 20 से अधिक ओलंपियन पैदा किए हैं।
टोक्यो ओलंपिक 2021 में भारत ने 41 वर्षों बाद कांस्य पदक जीता, जिसमें मनप्रीत सिंह की कप्तानी में 9 पंजाबी खिलाड़ी शामिल थे। पेरिस ओलंपिक 2024 में 10 पंजाबी खिलाड़ियों वाली भारतीय हॉकी टीम ने फिर कांस्य पदक जीता, जिसमें हरमनप्रीत सिंह कप्तान और शीर्ष स्कोरर रहे।
14 साल बाद लौटा किला रायपुर खेल मेला, नशे के खिलाफ खेल सबसे बड़ा हथियार
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल पंजाब में नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं, इसीलिए राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से 14 वर्षों बाद 2025 में किला रायपुर खेल मेला को कानून बनाकर फिर से शुरू किया गया, जिसमें बैलगाड़ियों की दौड़ भी आयोजित की गई। मिनी ओलंपिक के रूप में प्रसिद्ध इस ग्रामीण खेल मेले के पुनर्जीवन के लिए पहले किसी सरकार ने प्रयास नहीं किया था।
खिलाड़ियों का आहार भत्ता डबल, स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर में 113 पद
खिलाड़ियों की बेहतर देखभाल के लिए प्रशिक्षित खिलाड़ियों के दैनिक आहार भत्ते को 240 रुपये से बढ़ाकर 480 रुपये कर दिया गया है। 13 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पोषण आधारित मेन्यू शामिल किया गया है। मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी एस्ट्रोटर्फ बदले गए हैं और मोहाली में 9 करोड़ रुपये की लागत से नया सिंथेटिक ट्रैक बनाया गया है।
स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर में 113 पद सृजित किए गए हैं, जिनमें से 92 भरे जा चुके हैं। अमृतसर, पटियाला, लुधियाना और बठिंडा जैसे प्रमुख शहरों में डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट तैनात किए गए हैं।
पुरानी सरकारों ने पहुंचाया था नुकसान, अब पटरी पर लौट रहा पंजाब का खेल
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ कहा कि पुरानी सरकारों ने पंजाब की खेल संस्कृति को नुकसान पहुंचाया था, लेकिन AAP सरकार इसे फिर से पटरी पर ला रही है। Punjab Hockey Asian Champions Trophy जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी इसका सबसे बड़ा सबूत है। जब कोई राज्य खेलों में 1791 करोड़ का बजट रखता है, ओलंपिक खिलाड़ियों को 15 लाख की तैयारी राशि देता है, पदक विजेताओं को करोड़ों का इनाम और PCS-DSP की नौकरी देता है, और गांव-गांव में खेल मैदान और जिम बनाता है, तो यह सिर्फ बजट आवंटन नहीं बल्कि एक पूरी खेल क्रांति है। पंजाब जो एक समय नशे और बेरोजगारी की खबरों के लिए जाना जाता था, अब अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी जगह बना रहा है। यह बदलाव अगर इसी रफ्तार से जारी रहा तो आने वाले वर्षों में पंजाब भारत की खेल राजधानी बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब को पहली बार Hockey Asian Champions Trophy की मेजबानी मिली है, अक्टूबर-नवंबर में मोहाली और जालंधर में भारत, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, जापान, मलेशिया और चीन की टीमें खेलेंगी।
- खेल बजट 350 करोड़ से बढ़ाकर 1791 करोड़ किया गया, कोचों की संख्या 500 से 2458 हुई, ओलंपिक तैयारी के लिए 15 लाख और एशियन गेम्स के लिए 8 लाख की वित्तीय सहायता शुरू की गई।
- ‘खेडां वतन पंजाब दीयां’ में खिलाड़ियों की भागीदारी डेढ़ लाख से बढ़कर 5 लाख हुई, 3100 खेल मैदान, 3000 जिम और 17,000 खेल किट वितरित की जा रही हैं।
- ओलंपिक-एशियन गेम्स पदक विजेताओं को एक-एक करोड़ का इनाम, 9 ओलंपियन को PCS-DSP नौकरी, 14 साल बाद किला रायपुर खेल मेला कानून बनाकर फिर शुरू किया गया।








