Dhruv Rathee Video पर आधारित एक बड़ी मुहिम के तहत आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार 20 मार्च 2026 को पंजाब के विभिन्न शहरों और गांवों में बड़ी-बड़ी स्क्रीनें लगाकर स्वतंत्र पत्रकार ध्रुव राठी की वीडियो रिपोर्ट आम लोगों को दिखाई। पार्टी के अनुसार इस वीडियो में तथ्यों और सबूतों के आधार पर यह स्पष्ट किया गया है कि कथित शराब घोटाले का केस पूरी तरह फर्जी था और इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्र सरकार ने सियासी साजिश के तहत गढ़ा था।
‘ध्रुव राठी की वीडियो में क्या दावे किए गए’
आम आदमी पार्टी के मुताबिक, ध्रुव राठी ने अपनी वीडियो रिपोर्ट में विस्तार से बताया है कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर आम आदमी पार्टी के नेताओं को बदनाम करने और उन्हें सियासी तौर पर रोकने के मकसद से यह पूरा केस तैयार किया था।
पार्टी का दावा है कि यह वीडियो तथ्यों और सबूतों पर आधारित है और इसमें स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि कथित शराब घोटाला दरअसल मोदी-शाह की सियासी साजिश से ज्यादा कुछ नहीं था। AAP के अनुसार, इस पूरे केस का मकसद आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को रोकना और पार्टी के नेताओं को झूठे मामलों में फंसाकर लोकतंत्र को कमजोर करना था।
‘अदालत ने भी केस को बताया था फर्जी: AAP का दावा’
आम आदमी पार्टी ने अपने बयान में कहा है कि माननीय अदालत ने भी इस कथित शराब घोटाले के केस को खारिज करते हुए साफ तौर पर कहा था कि यह केस फर्जी है। पार्टी के मुताबिक, अदालत के इस फैसले ने इस बात को और पुख्ता कर दिया कि BJP सरकार ने सिर्फ और सिर्फ सियासी साजिश के तहत यह पूरा केस बनाया था।
AAP का कहना है कि ध्रुव राठी की वीडियो रिपोर्ट में इन्हीं तथ्यों को विस्तार से समझाया गया है, जिससे आम लोगों को पूरे मामले की सच्चाई समझने में आसानी हो।
‘पंजाब भर में स्क्रीनें लगाकर चलाई गई मुहिम’
आम आदमी पार्टी ने इस वीडियो को “लोक अदालत” तक पहुंचाने के मकसद से पूरे पंजाब में एक बड़ी मुहिम चलाई। पार्टी ने विभिन्न शहरों और गांवों में बड़ी-बड़ी स्क्रीनें लगाकर Dhruv Rathee Video को आम जनता के सामने प्रदर्शित किया।
पार्टी के अनुसार, वीडियो देखने के बाद आम लोगों ने भी महसूस किया कि यह केस पूरी तरह नकली और सियासी बदनीयती से बनाया गया था। AAP का दावा है कि लोगों में BJP की इस कथित साजिश के खिलाफ भारी रोष देखने को मिला और लोगों ने आम आदमी पार्टी के साथ खड़े होने का ऐलान किया।
‘AAP की रणनीति: सच को जनता तक पहुंचाना’
आम आदमी पार्टी की यह मुहिम दर्शाती है कि पार्टी अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब अब सीधे जनता के बीच जाकर देना चाहती है। स्वतंत्र पत्रकार ध्रुव राठी की वीडियो को चुनना इस रणनीति का हिस्सा लगता है, क्योंकि राठी की YouTube पर करोड़ों की फॉलोइंग है और उनकी रिपोर्ट्स को युवा वर्ग में खासी लोकप्रियता हासिल है।
पंजाब में बड़े पैमाने पर स्क्रीनें लगाकर वीडियो दिखाना एक ऐसा कदम है जो पारंपरिक जनसभाओं और डिजिटल मीडिया के बीच की दूरी को पाटता है। जो लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं हैं, उन तक भी इस तरह से संदेश पहुंचाने की कोशिश की गई है।
‘शराब घोटाला केस: पृष्ठभूमि’
दिल्ली के कथित शराब घोटाले का मामला पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। इस मामले में AAP के कई बड़े नेताओं पर आरोप लगे थे और कुछ नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया था। AAP ने शुरू से ही इन आरोपों को “राजनीतिक साजिश” बताया था और दावा किया था कि BJP सरकार उनकी पार्टी को कमजोर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
अब अदालत द्वारा केस को खारिज किए जाने के बाद AAP ने इसे अपनी “नैतिक जीत” बताते हुए पूरे देश में इस मुद्दे को उठाने का फैसला किया है, जिसकी शुरुआत पंजाब से की गई है।
मुख्य बातें (Key Points)
- आम आदमी पार्टी ने 20 मार्च 2026 को पंजाब भर में बड़ी स्क्रीनें लगाकर ध्रुव राठी की वीडियो रिपोर्ट दिखाई, जिसमें कथित शराब घोटाले को फर्जी बताया गया है।
- AAP का दावा है कि ध्रुव राठी ने तथ्यों से साबित किया कि यह केस PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सियासी साजिश थी।
- पार्टी के अनुसार अदालत ने भी इस केस को खारिज करते हुए इसे फर्जी करार दिया था।
- AAP ने इस मुहिम को “लोक अदालत” तक सच पहुंचाने का प्रयास बताया और दावा किया कि लोगों ने पार्टी के साथ खड़े होने का ऐलान किया।








