Mule Account Fraud के एक बड़े और खतरनाक मामले में Punjab Police की State Cyber Crime Division ने Mohali से तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों Telegram के जरिए सीधे चीनी नागरिकों (Chinese Nationals) से जुड़े थे और उन्हें साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी दस्तावेजों से खोले गए Current Bank Accounts मुहैया करा रहे थे।
‘कौन हैं गिरफ्तार तीनों आरोपी’
पंजाब के Fazilka जिले के Jalalabad कस्बे के मूल निवासी Gurjeet Singh, Raman Rai और Sukhdev Singh को Punjab Police ने गिरफ्तार किया है। तीनों Mohali के Phase 5 में एक किराए के कमरे में “Brother Traders” के नाम से अपनी फर्जी दुकान चला रहे थे। बाहर से देखने पर यह एक आम व्यापारिक प्रतिष्ठान लगता था, लेकिन असल में यह साइबर फ्रॉड का एक बड़ा अड्डा था।
DGP Punjab Gaurav Yadav ने बताया कि आरोपी पिछले दो साल से यह गोरखधंधा चला रहे थे और इस दौरान उन्होंने करीब ₹50 लाख का कमीशन अर्जित किया। जाँच में सामने आया कि फर्जी कमरे को असली दिखाने के लिए ये लोग जरूरत के मुताबिक होर्डिंग भी बदल लेते थे और आयुर्वेदिक सामान रखकर एक वैध व्यवसाय का भ्रम पैदा करते थे।
‘Telegram से Chinese Nationals तक सीधा कनेक्शन’
Special DGP Cyber Crime V Neeraja ने खुलासा किया कि यह गिरोह Telegram के माध्यम से सीधे Chinese Nationals के संपर्क में था। चीनी नागरिकों को फर्जी Current Bank Accounts उपलब्ध कराए जाते थे और इसके बदले में आरोपियों को USDT Cryptocurrency में भुगतान किया जाता था। USDT एक स्थिर क्रिप्टोकरेंसी है जो डॉलर के बराबर मानी जाती है और इसे ट्रेस करना आसान नहीं होता, इसीलिए साइबर अपराधी इसे पसंद करते हैं।
I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के Samanvay Portal पर मिली जानकारी के मुताबिक इन Mule Accounts से 24 साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों का संबंध पाया गया है और उनके खातों में ₹26.65 लाख की रकम को Lien में रखा गया है।
‘₹20 लाख फ्रीज, Crypto और फर्जी दस्तावेज बरामद’
पुलिस की इस कार्रवाई में जो सामग्री बरामद हुई है, वह इस नेटवर्क की व्यापकता को दर्शाती है। आरोपियों के बैंक खातों में जमा करीब ₹20 लाख की रकम को फ्रीज कर दिया गया है। इसके साथ ही 5100 USDT की क्रिप्टोकरेंसी भी जब्त की गई है।
इसके अलावा पुलिस ने 23 ATM कार्ड, 2 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 5 SIM कार्ड, फर्जी KYC दस्तावेज, 14 चेकबुक, Udyam Certificates और 6 मुहरें भी बरामद की हैं। इन ATM कार्ड की जाँच जारी है ताकि और पीड़ितों और नेटवर्क के बाकी तारों को उजागर किया जा सके।
‘Mule Account क्या होता है और यह कैसे काम करता है’
Mule Account उस बैंक खाते को कहते हैं जिसका इस्तेमाल अपराधी साइबर ठगी से हासिल रकम को प्राप्त करने, ट्रांसफर करने और लॉन्ड्र करने के लिए करते हैं। कभी-कभी खाताधारक को पता भी नहीं होता कि उसके खाते का दुरुपयोग हो रहा है, लेकिन कभी-कभी वह खुद भी इसमें शामिल होता है।
इस मामले में आरोपियों ने फर्जी और morphed दस्तावेजों के आधार पर Current Accounts खुलवाए और उन्हें साइबर फ्रॉड की रकम को “Layer” करने यानी उसकी असली पहचान छुपाने के लिए इस्तेमाल होने दिया। यह पैसा फिर Cryptocurrency के रूप में Chinese Nationals तक पहुँचाया जाता था।
‘FIR और कानूनी कार्रवाई’
इस मामले में Police Station State Cyber Crime, Punjab में FIR नंबर 16, दिनांक 17 मार्च 2026 को दर्ज की गई है। आरोपियों पर Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के साथ-साथ Information Technology Act की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है। BNS की धारा 318(4) धोखाधड़ी से संबंधित है जबकि धारा 61(2) आपराधिक षड्यंत्र को दर्शाती है। IT Act की धारा 66D कंप्यूटर संसाधनों के जरिए धोखाधड़ी से जुड़ी है।
‘Punjab Police की Cyber Crime के खिलाफ मुहिम’
यह पूरी कार्रवाई Chief Minister Bhagwant Singh Mann के निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित और संरक्षित राज्य बनाने की मुहिम के तहत की गई है। Punjab Police की State Cyber Crime Division ने “Domestic Hotspots” के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत इस गिरोह पर नजर रखी और आखिरकार इसे तोड़ने में सफलता पाई।
Special DGP V Neeraja ने बताया कि बरामद ATM कार्डों की जाँच अभी जारी है और यह संभव है कि इस नेटवर्क से जुड़े और अधिक पीड़ितों और अपराधियों की पहचान हो सके। जाँच एजेंसियां इस पूरे अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गहराई तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं।
‘आम लोगों पर क्या असर’
यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि यह उन लाखों आम लोगों के लिए एक सबक और राहत की बात है जो साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। 24 पीड़ितों के खातों में जमा ₹26.65 लाख की रकम को सुरक्षित किया गया है, जिससे संभव है कि उन्हें उनका पैसा वापस मिल सके। साथ ही, यह कार्रवाई उन लोगों को भी सावधान करती है जो लालच में आकर अपने बैंक खाते किराए पर देते हैं या दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं, क्योंकि ऐसा करना कानूनन गंभीर अपराध है।
‘देश का साइबर फ्रॉड नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन’
यह मामला बताता है कि भारत में साइबर ठगी अब सिर्फ स्थानीय अपराधियों तक सीमित नहीं रही। Telegram जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म और USDT जैसी Cryptocurrency के जरिए विदेशी नागरिक, खासकर Chinese Nationals, भारतीय लोगों को अपना औजार बना रहे हैं। फर्जी Udyam Certificates और KYC दस्तावेजों का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि अपराधी तंत्र कितनी बारीकी से काम करता है। Punjab Police की यह कार्रवाई अन्य राज्यों की एजेंसियों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Police की State Cyber Crime Division ने Mohali के Phase 5 से तीन आरोपी Gurjeet Singh, Raman Rai और Sukhdev Singh को गिरफ्तार किया।
- आरोपी “Brother Traders” के नाम से फर्जी बिजनेस चला रहे थे और Telegram के जरिए Chinese Nationals को साइबर ठगी के लिए Mule Accounts उपलब्ध करा रहे थे।
- ₹20 लाख बैंक खातों में फ्रीज, 5100 USDT Cryptocurrency और 23 ATM कार्ड, 2 लैपटॉप, 14 चेकबुक समेत भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद।
- 24 साइबर ठगी पीड़ितों से जुड़े खातों में ₹26.65 लाख Lien में रखे गए हैं और दो साल में आरोपियों ने करीब ₹50 लाख का कमीशन कमाया।








