Punjab Government New Boards: चंडीगढ़, 20 मार्च। पंजाब सरकार ने पिछड़ी श्रेणियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए 11 नए बोर्डों की स्थापना की है। इन बोर्डों के गठन के बाद अब तक के विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा रहा है। इस बात का खुलासा श्री मलकीत सिंह थिंद, चेयरमैन, पंजाब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने पंजाब भवन में आयोजित बैठक में किया।
इस बैठक में नवगठित बोर्डों के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्य उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग के सहयोग से पहले ही कई कल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं और नए बोर्डों की स्थापना से इन प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।
स्व-रोजगार के लिए ऋण: 18-55 वर्ष आयु वर्ग के लिए पात्रता
बैकफिंको के अधिकारियों ने बताया कि पिछड़ी श्रेणियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को स्व-रोजगार के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके तहत किराना दुकानों, डेयरी फार्मिंग जैसी छोटी उद्यमिता के लिए आवेदन किए जा सकते हैं।
पात्रता के लिए उम्मीदवारों की आयु 18 से 55 वर्ष तक होनी चाहिए और वे पंजाब के निवासी होने चाहिए। यह योजना उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो अपने आप को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना चाहते हैं।
छात्रवृत्ति योजनाएं: शिक्षा ऋण और आशीर्वाद योजना
आशीर्वाद योजना के संबंध में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान 89 करोड़ रुपये जारी कर 17,533 लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
इसी प्रकार, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (ओबीसी) के अंतर्गत 12.59 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत NSP पोर्टल के माध्यम से 10,092 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। यह योजना ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
छात्रावासों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजे गए
पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला में ओबीसी विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के निर्माण हेतु प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं। इसके बाद धनराशि प्राप्त करने की संभावना है, जिससे ओबीसी विद्यार्थियों को शहरी छात्रावासों में आवास की सुविधा मिलेगी।
आरक्षण और सरकारी नौकरियों में सख्ती
सरकारी नौकरियों और शैक्षिक प्रवेशों में पिछड़ी श्रेणियों के लिए आरक्षण की सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे इन श्रेणियों के लोगों को समान अवसर मिलने में मदद मिलेगी।
प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाई? तुरंत जिला अधिकारी को बताएं
चेयरमैन श्री थिंद ने बोर्डों के सदस्यों को निर्देश दिए कि यदि किसी भी पात्र व्यक्ति को पिछड़ी श्रेणी का प्रमाण पत्र बनवाने में कोई कठिनाई आती है, तो उसे तुरंत संबंधित जिला अधिकारी के ध्यान में लाया जाए, ताकि आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नवगठित बोर्डों के चेयरमैन और सदस्य
बैठक में निम्नलिखित व्यक्ति उपस्थित थे:
- श्री सुखविंदर सिंह, चेयरमैन, कंबोज कल्याण बोर्ड
- श्री बारी सलमानी उर्फ अब्दुल बारी, चेयरमैन, पंजाब राज्य मुस्लिम भलाई बोर्ड
- श्री राम कुमार मुकारी, चेयरमैन, सैनी भलाई बोर्ड
- गुरमीत सिंह बावां, चेयरमैन, वैरागी भलाई बोर्ड
- सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर राजकुमार, चेयरमैन, गुर्जर भलाई बोर्ड
- केशव वर्मा, चेयरमैन, स्वर्णकार भलाई बोर्ड
- मख्खन लाल, चेयरमैन, सैन समाज भलाई बोर्ड
- डैनियल मसीह, चेयरमैन, मसीह भलाई बोर्ड
- श्री सतपाल सिंह सोखी, चेयरमैन, रामगढ़िया भलाई बोर्ड
- श्री राजू कनोजिया, चेयरमैन, कनोजिया भलाई बोर्ड
इसके अतिरिक्त, सामाजिक न्याय विभाग के नोडल अधिकारी श्री सुखसागर सिंह और बैकफिंको के अधिकारी श्री सुखविंदर सिंह भी बैठक में मौजूद थे।
✅ मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब सरकार ने 11 नए बोर्डों की स्थापना की है जो पिछड़ी श्रेणियों के कल्याण के लिए कार्य करेंगे।
- स्व-रोजगार के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध है; आयु 18-55 वर्ष और पंजाब के निवासी होना आवश्यक है।
- आशीर्वाद योजना में 89 करोड़ रुपये जारी कर 17,533 लाभार्थियों को लाभ मिला।
- पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 12.59 करोड़ रुपये का बजट और 10,092 आवेदन।
- पंजाबी यूनिवर्सिटी में ओबीसी विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं।
- सरकारी नौकरियों और प्रवेश में पिछड़ी श्रेणियों के लिए आरक्षण की सख्ती से पालन किया जा रहा है।
- यदि किसी को प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाई हो, तो तुरंत जिला अधिकारी को सूचित करना होगा।








