IMD Weather Forecast के मुताबिक देशभर के लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 मार्च 2026 को जारी अपनी प्रेस रिलीज में साफ कर दिया है कि अगले दो हफ्तों यानी 19 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक देश में कहीं भी Heat Wave की स्थिति बनने की संभावना नहीं है। हालांकि, इस दौरान उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि, तेज आंधी-तूफान और Thundersquall की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले IMD की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब मार्च के पहले पखवाड़े में कई राज्यों में भीषण गर्मी और Heat Wave ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया था।

पिछले हफ्ते कैसा रहा मौसम: Heat Wave से राहत, पूर्वोत्तर में बाढ़ जैसे हालात
IMD Weather Forecast रिपोर्ट के अनुसार, 12 से 18 मार्च 2026 के बीच बीते सप्ताह में मौसम का मिजाज तेजी से बदला। सप्ताह के पहले हिस्से में हिमाचल प्रदेश, सौराष्ट्र और कच्छ, गुजरात में 12 मार्च को Heat Wave से लेकर Severe Heat Wave तक की स्थिति दर्ज की गई। विदर्भ में 12 से 15 मार्च तक, पश्चिम मध्य प्रदेश और सौराष्ट्र-कच्छ में 13 मार्च को तथा ओडिशा में 15 मार्च को Heat Wave की स्थिति बनी रही।
लेकिन सप्ताह के दूसरे हिस्से में उत्तर भारत पर लगातार दो Western Disturbances (पश्चिमी विक्षोभ) के प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश और तूफानी गतिविधियों ने Heat Wave को पूरे देश से विदा कर दिया। यह बदलाव लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया।
पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का कहर
IMD Weather Forecast में बताया गया कि बीते सप्ताह पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रहा। इसकी दो प्रमुख वजहें थीं: पहली, निचले वायुमंडल में बने एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) का बना रहना, और दूसरी, बंगाल की खाड़ी से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिणी नमी का इस क्षेत्र पर संगम होना।
अरुणाचल प्रदेश में 13 मार्च को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 और 16 मार्च को तथा असम और मेघालय में 14 से 16 मार्च के बीच भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश में 12 और 14 से 18 मार्च तक, त्रिपुरा में 14 मार्च को, मिजोरम में 16 मार्च को, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में 18 मार्च को भारी बारिश दर्ज की गई।
देशभर में ओलावृष्टि का तांडव: कई राज्यों की फसलें प्रभावित
IMD Weather Forecast रिपोर्ट में ओलावृष्टि (Hailstorm) की तस्वीर भी बेहद चिंताजनक रही। असम और मेघालय में 12, 15 और 16 मार्च को, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 और 16 मार्च को ओलावृष्टि दर्ज हुई।
हिमाचल प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 और 17 मार्च को, ओडिशा और झारखंड में 16 से 18 मार्च तक, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 16 मार्च को, छत्तीसगढ़ में 17 और 18 मार्च को तथा मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 18 मार्च को ओलावृष्टि दर्ज की गई। किसानों के लिए यह ओलावृष्टि रबी फसलों, फलों और सब्जियों के लिए भारी नुकसान का कारण बनी।
तापमान का हाल: अमरावती में 42.2°C, गुरदासपुर में 10.0°C
IMD Weather Forecast में तापमान के आंकड़े भी चौंकाने वाले रहे। सप्ताह के दौरान देश के मैदानी इलाकों में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 42.2°C अमरावती (विदर्भ) में 12 मार्च 2026 को दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.0°C गुरदासपुर (पंजाब) में 16 मार्च 2026 को रिकॉर्ड किया गया।
सप्ताह के पहले हिस्से में उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में साप्ताहिक औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहा। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में यह सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। न्यूनतम तापमान भी उत्तर, पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस ऊपर दर्ज किया गया।
18 मार्च 2026 को बांदा (उत्तर प्रदेश) में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 39.8°C दर्ज किया गया।
बारिश के आंकड़े: पूर्वोत्तर में 267% ज्यादा, मध्य भारत में 74% कम
IMD Weather Forecast के साप्ताहिक बारिश के आंकड़े (12 से 18 मार्च 2026) बताते हैं कि पूरे देश में सामान्य से 66% ज्यादा बारिश हुई। लेकिन अगर क्षेत्रवार देखें तो तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है:
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से 267% ज्यादा बारिश हुई, जो सामान्य 12.3 मिमी के मुकाबले 45.2 मिमी दर्ज की गई। यह एक असाधारण आंकड़ा है।
उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से 19% कम बारिश रही। मध्य भारत में 30% कम और दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से 37% ज्यादा बारिश दर्ज हुई।
हालांकि मौसमी (Pre-Monsoon Season) बारिश के आंकड़े (1 से 18 मार्च) देखें तो पूरे देश में सामान्य से 27% कम बारिश हुई है। मध्य भारत में 74% और उत्तर-पश्चिम भारत में 64% कम बारिश चिंता का विषय है।
अगले दो हफ्ते का IMD Weather Forecast: पहला सप्ताह (19-25 मार्च)
IMD Weather Forecast के मुताबिक पहले सप्ताह में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत पर चार ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) सक्रिय हैं: एक उत्तरी मध्य प्रदेश पर, दूसरा पूर्वी उत्तर प्रदेश पर, तीसरा हरियाणा पर और चौथा पश्चिमी राजस्थान पर। इसके अलावा 22 मार्च से एक नया Western Disturbance उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत के लिए चेतावनी:
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 19 और 20 मार्च को व्यापक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ तूफान, बिजली और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 19 मार्च को तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 19 और 20 मार्च को भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी है।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 19 और 20 मार्च को तूफान के साथ 40-50 किमी/घंटा (60 किमी/घंटा तक) की तेज हवाएं चलने की आशंका है।
उत्तराखंड में 19 और 20 मार्च को Thundersquall (50-60 किमी/घंटा, 70 किमी/घंटा तक) की गंभीर चेतावनी जारी है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है।
पूर्व और मध्य भारत में Thundersquall का खतरा: 80 किमी/घंटा तक हवाएं
IMD Weather Forecast के अनुसार पूर्व और मध्य भारत के लिए भी स्थिति गंभीर है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 से 23 मार्च तक व्यापक बारिश होगी। 19 से 21 मार्च के बीच भारी बारिश और 20 मार्च को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी है।
सबसे खतरनाक बात यह है कि झारखंड में 20 मार्च और गंगीय पश्चिम बंगाल में 20 और 21 मार्च को Thundersquall के दौरान हवा की रफ्तार 60-70 किमी/घंटा (80 किमी/घंटा तक) पहुंच सकती है। छत्तीसगढ़ में 19 मार्च और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 20-21 मार्च को 50-60 किमी/घंटा (70 किमी/घंटा तक) की Thundersquall की चेतावनी है।
मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी और गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
पश्चिम और दक्षिण भारत में भी बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट
पश्चिम भारत में मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 20 और 21 मार्च को, कोंकण और गोवा में 19 मार्च को बारिश की संभावना है। सौराष्ट्र और कच्छ में 19 मार्च को भारी बारिश की चेतावनी है। मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात में 19 मार्च को Thundersquall (50-60 किमी/घंटा, 70 किमी/घंटा तक) और ओलावृष्टि की संभावना है।
दक्षिण भारत में केरल, आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में बारिश और तूफानी हवाओं की चेतावनी है। तमिलनाडु, पुदुच्चेरी और कराइकल, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 19 मार्च को भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है।
दूसरे सप्ताह (26 मार्च-1 अप्रैल) का पूर्वानुमान
IMD Weather Forecast के अनुसार दूसरे सप्ताह में भी बड़े पैमाने पर तूफानी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत में व्यापक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में भी हल्की बारिश होगी।
सबसे अहम बात यह है कि इस दौरान उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, उत्तरी तेलंगाना, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में बारिश सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है।
दो हफ्ते Heat Wave से पूरी राहत: IMD का बड़ा अपडेट
IMD Weather Forecast में सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि पहले सप्ताह (19-25 मार्च) और दूसरे सप्ताह (26 मार्च-1 अप्रैल) दोनों में ही देश में कहीं भी Heat Wave की स्थिति बनने की संभावना नहीं है।
हालांकि, पहले सप्ताह में लद्दाख, पश्चिमी तट (कोंकण, गोवा और तटीय कर्नाटक), आंतरिक ओडिशा-दक्षिण छत्तीसगढ़ और पूर्वी तमिलनाडु में सामान्य से ऊपर अधिकतम तापमान रह सकता है। दूसरे सप्ताह में भी लद्दाख, पश्चिमी तट, सौराष्ट्र-कच्छ और पूर्वी तमिलनाडु में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक सामान्य से ज्यादा तापमान रह सकता है, लेकिन बाकी देश में तापमान सामान्य से कम या सामान्य रहेगा।
दोनों सप्ताह में Warm Night (गर्म रात) की भी कोई स्थिति नहीं बनेगी, हालांकि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड) में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहने की संभावना है।
La Niña और IOD का क्या है हाल
IMD Weather Forecast की रिपोर्ट में वैश्विक मौसमी कारकों पर भी प्रकाश डाला गया है। फिलहाल कमजोर ला नीना (La Niña) की स्थिति बनी हुई है, जिसमें पूर्वी-मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। Monsoon Mission Climate Forecast System (MMCFS) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, मार्च-अप्रैल 2026 में ENSO-Neutral (सामान्य) स्थिति में बदलाव होने की सबसे ज्यादा संभावना है।
हिंद महासागर में फिलहाल Indian Ocean Dipole (IOD) की तटस्थ (Neutral) स्थिति बनी हुई है और मार्च-अप्रैल 2026 तक यह स्थिति बने रहने की संभावना है।
आम जनता पर क्या पड़ेगा असर
IMD Weather Forecast की यह रिपोर्ट किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों सभी के लिए अहम है। एक तरफ Heat Wave से राहत मिलना बड़ी खुशखबरी है, लेकिन दूसरी तरफ ओलावृष्टि और Thundersquall के कारण रबी फसलों, खासकर गेहूं, सरसों और फलों-सब्जियों को भारी नुकसान हो सकता है।
80 किमी/घंटा तक की तेज हवाओं वाले Thundersquall से कच्चे मकान, बिजली के खंभे और पेड़ गिरने का खतरा है। जिन राज्यों में ओलावृष्टि और तेज तूफान की चेतावनी है, वहां के लोगों को सतर्क रहने और बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- IMD Weather Forecast के अनुसार 19 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक देश में कहीं भी Heat Wave की संभावना नहीं है, जो करोड़ों लोगों के लिए बड़ी राहत है।
- पूर्वोत्तर भारत में बीते सप्ताह सामान्य से 267% ज्यादा बारिश दर्ज हुई, जबकि मध्य भारत में 74% और उत्तर-पश्चिम भारत में 64% कम बारिश रही।
- अगले सप्ताह झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल में 80 किमी/घंटा तक की रफ्तार वाले Thundersquall की गंभीर चेतावनी जारी है, साथ ही कई राज्यों में ओलावृष्टि की आशंका है।
- कमजोर La Niña की स्थिति बनी हुई है और मार्च-अप्रैल 2026 तक ENSO-Neutral में बदलाव की संभावना है।








