LPG Crisis India के बीच एक बड़ा सवाल पूरे देश को बेचैन कर रहा है: क्या भारत एक भयंकर एनर्जी क्राइसिस की दहलीज पर खड़ा है? शिपिंग मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, फारस की खाड़ी में इस समय भारतीय झंडे वाले 22 जहाज जलडमरूमध्य हॉर्मूस में फंसे हुए हैं और निकलने का इंतज़ार कर रहे हैं। इन जहाजों में लाखों टन LPG, कच्चा तेल और LNG लदा हुआ है।
ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच 28 फरवरी 2026 से छिड़े युद्ध के बाद ईरान की IRGC ने हॉर्मूस से गुज़रने वाले जहाज़ों पर रोक लगा दी है और यह समुद्री रास्ता लगभग पूरी तरह बंद है। भारत के लिए यह संकट इसलिए जानलेवा है क्योंकि देश अपनी LPG ज़रूरतों का लगभग 90% आयात इसी रास्ते से करता है।
22 जहाज फंसे, 3.2 लाख टन LPG समंदर में अटकी
LPG Crisis India को समझने के लिए पहले फंसे हुए जहाज़ों की तस्वीर देखिए। शिपिंग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार हॉर्मूस के पश्चिम में भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज़ फंसे हुए हैं। इनमें 6 LPG कैरियर, 1 LNG जहाज़ और 4 कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 3.2 लाख टन (3,20,000 टन) LPG बीच समंदर में क्लीयरेंस का इंतज़ार कर रही है, साथ ही 16.76 लाख टन कच्चा तेल भी फंसा हुआ है।
अगर ये जहाज़ समय पर नहीं निकले तो देश में कमर्शियल और घरेलू दोनों तरह की गैस की भारी किल्लत हो सकती है। हालांकि अब तक किसी भारतीय जहाज़ पर सीधा हमला नहीं हुआ है, लेकिन विदेशी ध्वज वाले जहाज़ों पर सवार 3 भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, 4 घायल हैं और 1 लापता है।
भारत की LPG पर कितनी है विदेशी निर्भरता
भारत दुनिया का सबसे बड़ा LPG उपभोक्ताओं में से एक है। आंकड़ों की बात करें तो भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए 88% कच्चा तेल और 60% LPG आयात करता है। रोज़ाना देश में करीब 90,000 टन LPG की खपत होती है, जिसमें से 55,000 टन आयात से आता है।
Iran Israel War से पहले भारत का अधिकांश क्रूड ऑयल सऊदी अरब, इराक और यूएई से आता था — और यह सब हॉर्मूस से गुज़रता है। LPG का लगभग 90% और गैस का 30% हिस्सा इसी मार्ग से भारत पहुंचता है। हालांकि तेल की आपूर्ति कुछ हद तक रूस, वेस्ट अफ्रीका, अमेरिका और लैटिन अमेरिका से पूरी की जा रही है, लेकिन गैस और LPG को लेकर संकट अभी भी बेहद गंभीर बना हुआ है।
शिवालिक और नंदा देवी की वापसी: अंधेरे में उम्मीद की किरण
LPG Crisis India के बीच एक बड़ी रणनीतिक जीत तब हुई जब भारतीय ध्वज वाले दो जहाज़ — शिवालिक और नंदा देवी — हॉर्मूस से सुरक्षित निकलकर भारत पहुंच गए। शिवालिक 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा, जिसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के लिए लगभग 46,000 मीट्रिक टन LPG थी। नंदा देवी 17 मार्च को वार्डनार/कांडला पोर्ट पर पहुंचा, जिसमें करीब 46,000-47,000 मीट्रिक टन LPG लदी थी। दोनों जहाज़ शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के हैं।
कुल मिलाकर इन दोनों जहाज़ों में करीब 92,000 मीट्रिक टन LPG आई है। कैलकुलेशन के हिसाब से इतनी गैस से देश के 64 लाख से ज्यादा सिलेंडर भरे जा सकते हैं। यह भारत की कूटनीति का नतीजा है कि ईरान से बातचीत करके इन जहाज़ों को सुरक्षित निकाला गया। लेकिन जितनी LPG भारत को रोज़ाना चाहिए, उसके मुकाबले यह काफी कम है।
भारतीय नौसेना ने उठाया बड़ा कदम
भारत इस संकट में हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठा है। भारतीय नौसेना ने ओमान की खाड़ी और अरब सागर में आधा दर्जन से अधिक युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक ये युद्धपोत हॉर्मूस के अंदर तो नहीं जाएंगे, लेकिन बाहर निकलने वाले भारतीय जहाज़ों को सुरक्षित एस्कॉर्ट प्रदान करेंगे।
इधर कूटनीतिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़किन से बात की है। भारत ने अमेरिका के उस प्रस्ताव पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया जिसमें हॉर्मूस में युद्धपोत भेजने की मांग की गई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने साफ किया कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय वार्ता में इस मामले पर कोई चर्चा नहीं हुई। भारत की नीति शुरू से साफ रही है — कोई भी सैन्य अभियान तभी जब संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत हो।
आम आदमी की रसोई पर सीधा असर
LPG Crisis India का सबसे बड़ा असर आम आदमी की रसोई पर पड़ रहा है। 7 मार्च 2026 को 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ाकर दिल्ली में 913 रुपये कर दी गई। कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में और भी तेज़ बढ़ोतरी हुई है।
सरकार ने आपातकालीन कदम उठाते हुए सिलेंडर ऑर्डर के बीच अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है और औद्योगिक उपभोक्ताओं की जगह घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके बावजूद डिस्ट्रिब्यूटरों पर लंबी कतारें लग रही हैं और कालाबाज़ारी की खबरें भी आ रही हैं। भारत के पास LPG स्टोरेज क्षमता भी सीमित है — मात्र 18 से 20 दिनों का बफर स्टॉक — जो लंबे संकट में नाकाफी है।
भविष्य की चुनौती: हॉर्मूस बंद तो भारत का चूल्हा बंद
अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2027 तक देश में LPG की मांग 2.9 मिलियन टन प्रति माह पहुंच जाएगी। अगर भारत अपना घरेलू उत्पादन 50% तक भी बढ़ा ले, तब भी हर महीने 29 से 34 बड़े LPG टैंकर बाहर से ही मंगाने पड़ेंगे। यानी हॉर्मूस का रास्ता बंद होने का सीधा मतलब है — भारत के करोड़ों घरों का चूल्हा खतरे में पड़ना।
सरकार ने LPG आयात में विविधता लाने की कोशिश शुरू की है। अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे वैकल्पिक बाज़ारों से LPG मंगाई जा रही है। 2026 के लिए अमेरिका से 22 लाख टन LPG का समझौता भी हुआ है। घरेलू रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को भी LPG उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन ये सब उपाय तात्कालिक हैं — असली समस्या भारत की एक ही समुद्री रास्ते पर भारी निर्भरता है, और इसका दीर्घकालिक हल ढूंढना अब सबसे बड़ी ज़रूरत है।
जानें पूरा मामला
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले शुरू किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई की भी हत्या कर दी गई। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों, इज़राइली क्षेत्र और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान की IRGC ने जलडमरूमध्य हॉर्मूस से गुज़रने वाले जहाज़ों पर प्रतिबंध लगा दिया — यही वह रास्ता है जहां से दुनिया के 20% तेल और भारत की 90% LPG गुज़रती है। इसके बाद से 22 भारतीय जहाज़ फंसे हुए हैं। भारत ने कूटनीति के ज़रिए शिवालिक और नंदा देवी जहाज़ों को निकालने में सफलता पाई, नौसेना ने अरब सागर में युद्धपोत तैनात किए, और PM मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से सीधी बात की। लेकिन LPG संकट अभी टला नहीं है और भारत वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- हॉर्मूस में भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज़ फंसे हैं, जिनमें 3.2 लाख टन LPG और 16.76 लाख टन कच्चा तेल लदा है।
- भारत 90% LPG आयात इसी रास्ते से करता है, रोज़ाना 55,000 टन LPG आयात की ज़रूरत है, संकट से सिलेंडर कीमतें 60 रुपये बढ़ीं।
- शिवालिक और नंदा देवी जहाज़ 92,000 टन LPG लेकर भारत पहुंचे (64 लाख+ सिलेंडर भरने लायक), लेकिन यह कुल ज़रूरत से बहुत कम है।
- भारतीय नौसेना ने अरब सागर में 6+ युद्धपोत तैनात किए, PM मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से बात की, भारत ने अमेरिकी सैन्य प्रस्ताव को टाला।








