Isfahan Iran Attack 2026 के तहत रविवार 15 मार्च की सुबह इस्फहान शहर पर ताज़ा भीषण हवाई हमले हुए। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार सुबह के समय इस्फहान के ऊपर घने धुएं के बादल उठते दिखे। सत्यापित वीडियो और तस्वीरों में शहर के ऊपर से गुज़रते सैन्य जेट विमान भी दिखाई दिए। इसके जवाब में इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 51वीं लहर के तहत पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलों और ड्रोन की बौछार कर दी। ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार यह हमले अमेरिकी-इजरायली शत्रुता के जवाब में किए गए हैं।
इस्फहान पर सुबह के हमले: शहर के ऊपर उठा घना धुआं
Isfahan Iran Attack 2026 में रविवार की सुबह (डॉन रेड्स) इस्फहान पर जो हमले हुए, उनकी तस्वीरें और वीडियो बेहद डरावने हैं। अल जज़ीरा द्वारा सत्यापित विज़ुअल एविडेंस में दिखता है कि जैसे ही सुबह की रोशनी फैली, इस्फहान शहर के ऊपर घने काले और भूरे धुएं के बादल छाए हुए थे। एक वीडियो क्लिप में सैन्य जेट विमानों को शहर के ऊपर से बहुत नीची उड़ान भरते हुए कैप्चर किया गया।
इस्फहान ईरान का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और ऐतिहासिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यह शहर पहले भी इस युद्ध में हमलों का निशाना बन चुका है। ताज़ा हमले उस क्षेत्र में हवाई हमलों की बढ़ती श्रृंखला का हिस्सा हैं, जहां ईरान और उसके विरोधियों के बीच शत्रुता लगातार बढ़ती जा रही है।
IRGC ने लॉन्च किया ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 51वीं लहर
Isfahan Iran Attack 2026 के जवाब में IRGC ने अपने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 51वीं लहर शुरू कर दी। इस ऑपरेशन में IRGC ने लिक्विड-फ्यूल और सॉलिड-फ्यूल दोनों तरह की मिसाइलों के रणनीतिक मिश्रण का इस्तेमाल किया। ये मिसाइलें मुख्य रूप से सऊदी अरब में स्थित अल खर्ज एयर बेस (प्रिंस सुल्तान एयरबेस) पर दागी गईं, जिसे IRGC ने “इस्लामी मातृभूमि के खिलाफ आक्रमण का मूल केंद्र” बताया है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार अल खर्ज बेस अमेरिकी F-35 और F-16 फाइटर जेट्स के लिए क्रिटिकल स्टेजिंग ग्राउंड का काम कर रहा था, जो ईरानी क्षेत्र में हमलों में शामिल रहे। इसके अलावा यह बेस ईंधन सप्लाई विमानों और अमेरिकी AWACS सर्विलेंस प्लेन का प्राइमरी हब भी है।
सऊदी के अलावा UAE, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के अमेरिकी अड्डे भी निशाने पर
Isfahan Iran Attack 2026 के साथ-साथ ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने 50वीं लहर के तहत मिडिल ईस्ट के कई अन्य अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भी हमले किए। इन ठिकानों में यूएई का अल धफरा एयर बेस और फुजेरा, बहरीन का जुफेर, कुवैत का अली अल सलेम एयर बेस और जॉर्डन का अल अज़रक एयर बेस शामिल हैं।
इसके साथ ही इजरायल की सुरक्षा के लिए तैनात अर्ली वॉर्निंग रडार सिस्टम को भी निशाना बनाया गया। IRGC के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि ये सटीक ऑपरेशन IRGC एयरोस्पेस फोर्स द्वारा विस्फोटक और प्रिसीजन-स्ट्राइक ड्रोन का इस्तेमाल करके अंजाम दिए गए।
प्रवक्ता ने कहा: “हमारे घातक ड्रोन इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना के आतंकवादी सैनिकों के छिपने के ठिकानों को एक-एक करके खोज रहे हैं।” सेना ने दावा किया कि खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के बाद वे “इस क्षेत्र में हर एक अमेरिकी आतंकवादी को सटीक रूप से निशाना बनाएंगे।”
वायु रक्षा: ईरान का दावा 118 दुश्मन ड्रोन मार गिराए
Isfahan Iran Attack 2026 के बीच ईरान की वायु रक्षा (एयर डिफेंस) भी सक्रिय है। तेहरान ने घोषणा की कि पिछले कुछ घंटों में चार और दुश्मन ड्रोन को इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक मार गिराए गए दुश्मन विमानों की कुल संख्या 118 हो गई है।
हालांकि IRGC के जनसंपर्क विभाग ने चेतावनी दी है कि “हारा हुआ अमेरिकी-ज़ायोनी दुश्मन” ईरान की सशस्त्र सेनाओं को हराने में विफल रहने के बाद अब “नागरिक उद्योगों पर कायरतापूर्ण हमले” करने लगा है।
नागरिकों पर भयावह मार: 24,500 इमारतें क्षतिग्रस्त, 154 नागरिक मारे गए
Isfahan Iran Attack 2026 सहित इस पूरे युद्ध का मानवीय नुकसान (ह्यूमैनिटेरियन टोल) भयावह है। ईरानी रेड क्रीसेंट सोसाइटी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी और इजरायली बमबारी से ईरान में 24,500 से ज्यादा नागरिक इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें करीब 20,000 घर, 4,500 व्यावसायिक प्रतिष्ठान (बिज़नेस) और 69 स्कूल शामिल हैं। 154 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और सैकड़ों छात्र तथा शिक्षक घायल हुए हैं।
IRGC ने बताया कि पिछले 48 घंटों में नागरिक कारखानों (सिविलियन फैक्ट्रीज) को निशाना बनाया गया है, जिसमें “कई प्यारे मजदूर शहीद हुए जो उत्पादन और हलाल रोजी-रोटी कमाने में लगे हुए थे और रोज़े (फास्टिंग) की हालत में थे।” इसके बाद IRGC ने मांग की है कि “हारा हुआ अमेरिकी शासन” इस क्षेत्र से अपनी सभी औद्योगिक सुविधाएं खाली करे। साथ ही उन नागरिकों को भी सलाह दी गई है जो अमेरिकी शेयरहोल्डर्स वाली फैक्ट्रियों के पास रहते हैं, कि वे अस्थायी रूप से वहां से हट जाएं।
ईरान के विदेश मंत्री की अपील: पड़ोसी देश अमेरिकी सेना को निकालें
Isfahan Iran Attack 2026 के बीच कूटनीतिक दबाव भी बढ़ रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को पड़ोसी देशों से आह्वान किया कि वे अमेरिकी सेना को मिडिल ईस्ट से बाहर निकालें।
अराघची ने कहा: “अमेरिकी क्षेत्रीय सुरक्षा छतरी (सिक्योरिटी अंब्रेला) छेदों से भरी साबित हुई है और यह खतरे को रोकने की बजाय आमंत्रित कर रही है।” उन्होंने पड़ोसी देशों से “विदेशी आक्रमणकारियों को बाहर निकालने” की अपील की। यह बयान खाड़ी देशों पर दबाव बनाने की ईरान की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो अमेरिकी सैन्य अड्डों की मेज़बानी कर रहे हैं और इसी कारण ईरानी हमलों का शिकार बन रहे हैं।
ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4: फतेह हाइपरसोनिक और खोर्रमशहर-4 मिसाइलें तैनात
Isfahan Iran Attack 2026 से जुड़ा ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 इस युद्ध में ईरान का सबसे बड़ा जवाबी अभियान है। यह ऑपरेशन 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली सेना द्वारा ईरान की मस्जिदों, अस्पतालों और स्कूलों पर किए गए हमलों के बाद शुरू किया गया था।
तब से IRGC ने अपने शस्त्रागार से भारी मात्रा में हथियार तैनात किए हैं, जिनमें फतेह हाइपरसोनिक मिसाइलें और खोर्रमशहर-4 मिसाइलें शामिल हैं, जो दो टन तक के वॉरहेड कैरी करने में सक्षम हैं। इन अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल से ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को बताया है कि उसके पास बड़े पैमाने पर जवाबी हमला करने की क्षमता है।
हाल ही में UAE के फुजेरा बंदरगाह पर तेल लोडिंग ऑपरेशन फिर से शुरू हुए हैं, जो इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि कुछ क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिशें जारी हैं। इसी बीच ईरान के स्पेस रिसर्च सेंटर को एक हवाई हमले में नष्ट कर दिया गया है, जो इस युद्ध में वैज्ञानिक और तकनीकी ढांचे पर बढ़ते हमलों का संकेत है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Isfahan Iran Attack 2026: रविवार सुबह इस्फहान पर ताज़ा हवाई हमले, शहर के ऊपर घने धुएं के बादल और नीची उड़ान भरते सैन्य जेट दिखे।
- IRGC ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 51वीं लहर में सऊदी अल खर्ज बेस, UAE अल धफरा और फुजेरा, बहरीन जुफेर, कुवैत अली अल सलेम और जॉर्डन अल अज़रक एयर बेस पर हमले किए।
- ईरानी रेड क्रीसेंट के अनुसार 24,500 नागरिक इमारतें (20,000 घर, 4,500 बिज़नेस, 69 स्कूल) क्षतिग्रस्त, 154 नागरिक मारे गए, सैकड़ों छात्र-शिक्षक घायल।
- ईरान ने 118 दुश्मन ड्रोन मार गिराने का दावा किया, फतेह हाइपरसोनिक और खोर्रमशहर-4 मिसाइलें तैनात, विदेश मंत्री ने पड़ोसी देशों से अमेरिकी सेना को बाहर निकालने की अपील की।








