Punjab PWD savings: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देते हुए पिछले चार वर्षों में 1464 करोड़ रुपये की बचत की है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने दी।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू करने से पहले की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक और तर्कसंगत बनाए जाने के कारण यह बचत संभव हो सकी है। मंत्री ने कहा कि सरकार बेहतर सड़क नेटवर्क देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में 30 जून 2026 तक राज्य की 45,000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
45,000 किलोमीटर सड़क निर्माण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने बताया कि इस लक्ष्य में 4700 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण के साथ-साथ पुरानी सड़कों के रखरखाव और चौड़ीकरण का कार्य भी शामिल है। उन्होंने कहा, “इस कार्य पर 16,209 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सी.एम. फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा लगातार जांच की जा रही है।” उन्होंने बताया कि सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य की समीक्षा के लिए रोजाना जिला-वार और सर्कल-वार समीक्षा बैठकें भी की जा रही हैं।
मंत्री ने कहा कि पंजाब राज्य में सड़क घनत्व 154 किलोमीटर प्रति 100 वर्ग किलोमीटर है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि सरकार इस घनत्व को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
5 साल का मेंटेनेंस क्लॉज: टूटी सड़कों से मिलेगी राहत
लोक निर्माण मंत्री ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि अब जिस भी सड़क का निर्माण होगा, उसकी अगले पांच वर्षों तक रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की ही होगी। उन्होंने कहा, “इससे जहां सरकार पर रखरखाव का अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, वहीं लोगों को टूटी-फूटी सड़कों की समस्या से भी राहत मिलेगी।” यह कदम निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।
केंद्र सरकार पर आरडीएफ को लेकर निशाना
हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भले ही केंद्र सरकार द्वारा पंजाब का आर.डी.एफ. (RDF) का 8800 करोड़ रुपये लंबे समय से जारी नहीं किया गया है, फिर भी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के लोगों को बेहतर सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, “राज्य के विकास में सड़क मार्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और हमारी सरकार इस दिशा में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है।”
बचत का गणित और सड़कों का भविष्य
पंजाब सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में 1464 करोड़ रुपये की बचत कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। यह बचत पारदर्शी टेंडरिंग प्रणाली और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के जरिए हासिल की गई है। पहले टेंडर प्रक्रिया में अक्सर पारदर्शिता की कमी और मनमानी के आरोप लगते थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे व्यवस्थित करके न सिर्फ पैसे की बचत की है, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाया है।
30 जून तक 45,000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य बताता है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर विशेष जोर दे रही है। नई सड़कें और चौड़ीकरण से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सबसे अहम बात है 5 साल का मेंटेनेंस क्लॉज। इससे ठेकेदारों पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण का दबाव रहेगा और सड़कें लंबे समय तक टिकेंगी। यह एक ऐसा सुधार है जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। अब उन्हें हर साल टूटी सड़कों की शिकायत नहीं करनी पड़ेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
पंजाब लोक निर्माण विभाग ने पिछले चार साल में 1464 करोड़ रुपये की बचत की है।
30 जून 2026 तक 45,000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर 16,209 करोड़ खर्च होंगे।
नई सड़कों के निर्माण में 5 साल का मेंटेनेंस क्लॉज लागू किया जाएगा, रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी।
सी.एम. फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की लगातार जांच की जा रही है।
मंत्री ने केंद्र सरकार पर पंजाब का 8800 करोड़ का आरडीएफ रोकने का आरोप लगाया।








