Rinku Singh Father Passes Away: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता खचंद्र सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह पिछले काफी समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली। हालत नाजुक होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की पूरी टीम उनका इलाज कर रही थी।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, खचंद्र सिंह कई दिनों तक मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। उनकी किडनी पर भी असर पड़ा था, जिसके चलते उन्हें निरंतर रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही थी। डॉक्टरों की टीम लगातार कोशिश में जुटी रही, लेकिन उनकी सेहत में सुधार नहीं हो सका।
पिता की हालत सुनते ही टीम छोड़कर घर लौटे रिंकू
इस दुखद खबर का असर रिंकू सिंह पर साफ देखा गया। वह टी20 विश्व कप 2026 की तैयारियों के लिए टीम इंडिया के साथ चेन्नई में थे। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में टीम का अभ्यास सत्र चल रहा था, लेकिन रिंकू सिंह उसमें शामिल नहीं हुए थे। बाद में पता चला कि पिता की गंभीर हालत की सूचना मिलते ही वह तुरंत घर लौट आए थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी रिंकू की स्थिति पर जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि रिंकू के पिता की तबीयत बेहद खराब हो गई है और इसी वजह से वह घर गए हैं। उम्मीद जताई जा रही थी कि हालात सामान्य होने के बाद वह फिर से टीम से जुड़ सकते हैं, लेकिन अब पिता के निधन के बाद यह साफ नहीं है कि वह कब मैदान पर लौटेंगे।
पिता का सपना था बेटा वर्ल्ड कप जीते
रिंकू के पिता का सपना था कि उनका बेटा टी20 विश्व कप 2026 की ट्रॉफी जीतकर लौटे। पिछले महीने जब वर्ल्ड कप की ट्रॉफी प्रदर्शित की गई थी, उस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रिंकू सिंह से वीडियो कॉल पर कहा था, “यह ट्रॉफी देख लो, इसे जीतकर लाना है।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था और लोगों ने पिता-बेटे के इस रिश्ते को काफी सराहा था।
संघर्षों भरी कहानी के थे गवाह खचंद्र सिंह
रिंकू सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से आते हैं और अपने संघर्षों के लिए जाने जाते हैं। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर भारतीय टीम तक पहुंचने का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उनके पिता खचंद्र सिंह ने शुरुआती दिनों में परिवार चलाने के लिए मेहनत-मजदूरी की और बेटे के क्रिकेट के सपने को पूरा करने में हर संभव साथ दिया।
खचंद्र सिंह हमेशा जमीन से जुड़े रहे। गरीबी में उन्होंने अपना पूरा परिवार संभाला। जब रिंकू सिंह आईपीएल के बाद टीम इंडिया के स्टार बन गए, तब भी उनके पिता ने अपना सिलेंडर डिलीवरी का काम नहीं छोड़ा था। वह कहते थे कि इसी काम ने उनके परिवार को मुश्किल समय में पाला है। उनके लिए सबसे बड़ी खुशी का पल तब आया था जब बेटे ने टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। डेब्यू के बाद जब रिंकू सिंह घर लौटे थे, तो वह माता-पिता के लिए टीम इंडिया की जर्सी भी लेकर आए थे।
क्रिकेट जगत में शोक की लहर
इस खबर के बाद क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। कई खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं और रिंकू और उनके परिवार को इस मुश्किल घड़ी में हिम्मत बनाए रखने की बात कही है। रिंकू सिंह के लिए यह समय बेहद निजी और भावनात्मक है, और पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है।
‘जानें पूरा मामला’
रिंकू सिंह के पिता पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले भी उन्हें पिता की बिगड़ती हालत की खबर मिली थी, जिसके बाद वह तुरंत घर पहुंचे थे। हालांकि तब वह टीम से दोबारा जुड़ गए थे, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर साबित हुए। खचंद्र सिंह का निधन रिंकू के लिए एक बड़ी निजी क्षति है, खासकर जब वह अपने करियर के सबसे अहम मुकाम पर हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खचंद्र सिंह का ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में निधन हो गया।
वह पिछले काफी समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे।
पिता की हालत बिगड़ने पर रिंकू टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के बीच टीम छोड़कर घर लौट आए थे।
पिता का सपना था कि बेटा वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतकर लौटे, उन्होंने हाल ही में रिंकू से कहा था- ‘यह ट्रॉफी देख लो, इसे जीत कर लाना है।’
रिंकू के पिता एक साधारण पृष्ठभूमि से थे और बेटे के संघर्ष के दिनों में सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे।








