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The News Air - NEWS-TICKER - PM Awas Yojana: 3 करोड़ की वसूली का शिकंजा

PM Awas Yojana: 3 करोड़ की वसूली का शिकंजा

307 लाभार्थियों ने नहीं बनाए घर, अब रिकवरी आदेश जारी

The News Air Team by The News Air Team
गुरूवार, 12 फ़रवरी 2026
in NEWS-TICKER, काम की बातें
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PM Awas Yojana
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PM Awas Yojana के तहत पक्का घर बनाने के लिए मिली सरकारी धनराशि के दुरुपयोग पर बड़ा खुलासा हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और मुख्यमंत्री आवास योजना में कुल 307 लाभार्थियों ने करीब 2 करोड़ 81 लाख 70 हजार रुपये लेने के बावजूद मकान निर्माण पूरा नहीं किया। अब जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ने इन सभी के खिलाफ वसूली आदेश (आरसी) जारी कर दिए हैं।

यह कार्रवाई उन मामलों पर हुई है जो पिछले आठ से नौ वर्षों से लंबित पड़े थे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी धन की एक-एक पाई की रिकवरी होगी।

Image

किस योजना में सबसे ज्यादा गड़बड़ी

जांच में सामने आया कि सबसे अधिक अनियमितताएं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में पाई गईं। वर्ष 2016-17 से अब तक 291 लाभार्थियों ने बजट लेने के बावजूद मकान निर्माण पूरा नहीं किया।

मुख्यमंत्री आवास योजना में 16 लाभार्थी ऐसे पाए गए जिन्होंने किस्तें लेने के बाद भी घर अधूरे छोड़ दिए।

यह आंकड़े सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं हैं। कई स्थानों पर जमीन पर अधूरे ढांचे खड़े हैं, जिनमें न छत है, न दीवारें पूरी।

पहली किस्त लेकर गायब, तीसरी के बाद भी अधूरा घर

कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने पहली किस्त लेने के बाद नींव तक नहीं डाली।

कुछ ने दूसरी और तीसरी किस्त भी ले ली, लेकिन मकान पूरा नहीं किया। इस तरह सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए नहीं हुआ।

अधिकारियों के अनुसार यह सीधी-सीधी योजना की शर्तों का उल्लंघन है।

क्यों नहीं बन पाए मकान

जांच में कई वजहें सामने आईं। कुछ लाभार्थियों ने पारिवारिक संकट, बीमारी या रोजगार के लिए दूसरे प्रदेश पलायन को कारण बताया।

कुछ मामलों में लाभार्थी की मृत्यु हो चुकी है। वहीं कई लोगों ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी के कारण वे निर्माण कार्य पूरा नहीं कर सके।

लेकिन प्रशासन का कहना है कि कारण चाहे जो भी हो, सरकारी धन की जवाबदेही तय होगी।

कहां से कितनी होगी वसूली

विकास खंड अकबरपुर में पीएम आवास के 73 और सीएम आवास के 3 मामले लंबित हैं। यहां 46 लाभार्थियों से 47 लाख 100 रुपये वसूले जाएंगे।

बसखारी में 18 लंबित मामलों में 17 लाख रुपये की रिकवरी होगी।

भीटी में 58 पीएम आवास लंबित पाए गए हैं, जहां से 47 लाख 70 हजार रुपये की वसूली तय हुई है।

अभिया में 24 मामलों में 24 लाख 300 रुपये की वसूली होगी।

जहांगीरगंज में 37 लंबित मामलों में 44 लाख से अधिक की रिकवरी का आदेश है।

जलालपुर में 16 मामलों में करीब 16 लाख 90 हजार रुपये और कटहरी में 60 मामलों में लगभग 49 लाख रुपये की वसूली की जाएगी।

इन सभी को औपचारिक रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं।

अब सख्त रुख, नहीं मिलेगी राहत

जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक पूरी रकम वापस नहीं होगी, कार्रवाई जारी रहेगी।

यह मामला अब फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितता की जांच के दायरे में आ चुका है। जरूरत पड़ने पर आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

योजना की साख पर सवाल

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है।

जब इस तरह की गड़बड़ियां सामने आती हैं, तो योजना की साख पर भी सवाल खड़े होते हैं। जिन लोगों को वास्तव में घर की जरूरत है, उनके लिए संसाधनों की कमी हो सकती है।

किश्त का इंतजार कर रहे लोगों पर असर

इस कार्रवाई का असर उन लाभार्थियों पर भी पड़ सकता है जो नई किस्त का इंतजार कर रहे हैं।

प्रशासन पहले पुराने मामलों का सत्यापन और रिकवरी पूरा करना चाहता है। इससे भविष्य में भुगतान प्रक्रिया और अधिक सख्त हो सकती है।

टेक्नोलॉजी से निगरानी बढ़ेगी

अधिकारियों का कहना है कि अब निगरानी और सख्त की जाएगी। निर्माण कार्य की प्रगति की नियमित जांच होगी और जमीनी सत्यापन के बाद ही अगली किश्त जारी की जाएगी।

यह कदम भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए उठाया जा रहा है।

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संघर्ष और जिम्मेदारी का संदेश

यह मामला सिर्फ वसूली तक सीमित नहीं है। यह उन सभी के लिए संदेश है जो सरकारी योजनाओं का लाभ लेते हैं।

सरकार की मंशा स्पष्ट है—योजना का पैसा सिर्फ उसी उद्देश्य के लिए खर्च होगा जिसके लिए वह दिया गया है।

मुख्य बातें (Key Points)
  • 307 लाभार्थियों पर 2.81 करोड़ रुपये की वसूली
  • पीएम आवास ग्रामीण में 291 और सीएम योजना में 16 मामले
  • कई लाभार्थियों ने किश्त लेकर निर्माण अधूरा छोड़ा
  • सभी को रिकवरी सर्टिफिकेट जारी, आगे सख्त कार्रवाई संभव
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