PM Kisan Nidhi Yojana 22nd Installment Update : संसद के बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी बात कही है। पीएम मोदी ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी सरकार के दिल में छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक खास दर्द था, जिसे दूर करने के लिए ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) जैसी महत्वाकांक्षी योजना की नींव रखी गई। पीएम ने संसद में गर्व से बताया कि अब तक उनकी सरकार ने बटन दबाकर सीधे किसानों के बैंक खातों में 4 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर कर दी है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक आंकड़ा है।
‘छोटे किसान का दर्द और 4 लाख करोड़ का मरहम’
संसद में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने योजना की सफलता का जिक्र करते हुए कहा, “हम जमीनी हकीकतों से परिचित थे और उसी के कारण हम पीएम किसान सम्मान निधि योजना लेकर आए। इतने कम समय में हमारे इन छोटे किसानों के खाते में 4 लाख करोड़ हमने दिया है। 4 लाख करोड़ का आंकड़ा छोटा नहीं होता।” यह बयान न केवल सरकार की उपलब्धियों को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले छोटे किसानों को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
‘होली से पहले आ सकती है 22वीं किस्त’
पीएम मोदी के इस संबोधन के बाद अब देश भर के करोड़ों लाभार्थी किसानों की निगाहें योजना की अगली यानी 22वीं किस्त पर टिक गई हैं। अब तक सरकार सफलतापूर्वक 21 किस्तें जारी कर चुकी है। कृषि मंत्रालय के सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार होली के त्योहार से ठीक पहले किसानों को 22वीं किस्त का तोहफा दे सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के अंत या मार्च 2026 के पहले सप्ताह में यह राशि जारी की जा सकती है, ताकि किसान अपनी रबी की फसल की कटाई और आगामी त्योहार को धूमधाम से मना सकें।
‘बिचौलियों का खेल खत्म, सीधा लाभ’
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका पारदर्शी होना है। पीएम मोदी ने संसद में इस बात पर जोर दिया कि कैसे तकनीक का इस्तेमाल करके बिचौलियों को सिस्टम से बाहर किया गया है। पीएम किसान योजना के तहत हर साल 6000 रुपये की राशि तीन समान किस्तों में (2000-2000 रुपये) सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) में भेजी जाती है। यह राशि किसानों को खाद, बीज और कृषि उपकरणों की खरीद में मदद करती है, जिससे वे साहूकारों के कर्ज के जाल से बच पाते हैं।
‘आम किसान के जीवन पर असर’
एक वरिष्ठ संपादक के नजरिए से देखें तो 4 लाख करोड़ रुपये का हस्तांतरण केवल एक सरकारी आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत की क्रय शक्ति (Purchasing Power) में हुई बढ़ोतरी का सबूत है। जब एक छोटे किसान के हाथ में फसल के सीजन से पहले 2000 रुपये आते हैं, तो वह आत्मविश्वास के साथ खेती करता है। पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष अक्सर किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरता रहता है। संसद के पटल से 4 लाख करोड़ का आंकड़ा रखकर पीएम ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार केवल वादों में नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक मदद में विश्वास रखती है।
‘कैसे चेक करें अपना स्टेटस?’
अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसानों को सलाह दी जाती है कि वे पीएम किसान पोर्टल पर अपनी स्थिति की जांच करते रहें। 22वीं किस्त का लाभ उठाने के लिए e-KYC और भू-सत्यापन (Land Seeding) का होना अनिवार्य है। जिन किसानों ने अभी तक ये प्रक्रियाएं पूरी नहीं की हैं, उन्हें तुरंत इसे अपडेट करवा लेना चाहिए, अन्यथा वे इस लाभ से वंचित रह सकते हैं। सरकार जल्द ही आधिकारिक तारीख का ऐलान कर सकती है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
पीएम मोदी ने संसद में बताया कि अब तक किसानों के खातों में 4 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
सरकार होली (मार्च 2026) से पहले पीएम किसान की 22वीं किस्त जारी कर सकती है।
यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को साहूकारों के कर्ज से बचाने और खेती में मदद के लिए है।
22वीं किस्त के लिए e-KYC और बैंक खाते का आधार से लिंक होना अनिवार्य है।








