8th Pay Commission Update को लेकर केंद्र सरकार की ओर से अहम जानकारी सामने आई है। आठवें वेतन आयोग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच व्यय सचिव वी. वुअलनाम ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल बजट में इसे लेकर कोई प्रावधान नहीं किया गया है। वजह यह है कि आठवें वेतन आयोग का काम अभी शुरुआती चरण में है और सदस्य अभी अपना अध्ययन शुरू ही कर रहे हैं।
उन्होंने यह बयान न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में दिया, जिसमें वेतन आयोग से लेकर राजकोषीय घाटे और कर्ज-जीडीपी अनुपात जैसे अहम मुद्दों पर भी विस्तार से बात की।
शुरुआती चरण में है आठवां वेतन आयोग
व्यय सचिव वी. वुअलनाम ने बताया कि आठवें वेतन आयोग का गठन हाल ही में किया गया है। आयोग के सदस्य अब अपना काम शुरू कर रहे हैं और इसके लिए अधिकारियों की मदद भी ली जा रही है। ऐसे में अभी तक इसके प्रभाव, वित्तीय बोझ और अन्य पहलुओं को लेकर कोई गणना नहीं की गई है।
इसी कारण बजट में आठवें वेतन आयोग के लिए किसी तरह का वित्तीय प्रावधान नहीं किया गया। सरकार का कहना है कि जैसे-जैसे आयोग का काम आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे स्थिति और स्पष्ट होगी।
18 महीने में रिपोर्ट देने का समय
सरकार ने पिछले साल जनवरी में आठवें वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग को वेतन संरचना, आर्थिक स्थिति और कर्मचारियों की मांगों का विश्लेषण करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसके बाद आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा।
संभावना जताई गई है कि आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
राजकोषीय घाटा सरकार की प्राथमिकता
वित्त सचिव ने यह भी साफ किया कि सरकार ने भले ही कर्ज-जीडीपी अनुपात को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाया हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि राजकोषीय घाटे को नजरअंदाज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कर्ज-जीडीपी अनुपात और राजकोषीय घाटा दोनों आपस में जुड़े हुए हैं। सरकार दोनों पर लगातार नजर रखे हुए है और संतुलन बनाए रखना प्राथमिकता है।
2030 तक कर्ज-जीडीपी अनुपात घटाने का लक्ष्य
वी. वुअलनाम ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक कर्ज-जीडीपी अनुपात को 1 प्रतिशत घट-बढ़ के साथ करीब 50 प्रतिशत तक लाया जाए। इसके लिए राजकोषीय घाटे को भी नियंत्रित रखना जरूरी है।
पीएम इंटर्नशिप योजना पर भी टिप्पणी
पीएम इंटर्नशिप योजना को लेकर पूछे गए सवाल पर सचिव ने कहा कि यह एक अच्छी और इनोवेटिव योजना है। इसमें उद्योग जगत की भी भागीदारी है। भले ही इसकी रफ्तार कुछ धीमी रही हो, लेकिन सरकार इसे बेहतर बनाने के लिए उद्योग और संबंधित पक्षों से लगातार बातचीत कर रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 8वें वेतन आयोग के लिए बजट में अभी कोई प्रावधान नहीं
- आयोग का काम शुरुआती चरण में, गणना अभी शुरू नहीं
- 18 महीने में रिपोर्ट देने का समय
- सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं
- सरकार कर्ज-जीडीपी अनुपात और राजकोषीय घाटे दोनों पर नजर रखे हुए













