Sukanya Samriddhi Yojana : गुरुवार 22 जनवरी को देश की बेटियों के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना ने 11 साल पूरे कर लिए। साल 2015 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू हुई इस योजना का मकसद केवल बचत बढ़ाना नहीं था, बल्कि परिवारों को बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भर भविष्य के लिए समय रहते तैयारी करने के लिए प्रेरित करना था। आज यह योजना देश की सबसे प्रभावशाली सामाजिक और वित्तीय योजनाओं में गिनी जा रही है।
11 साल में बढ़ा भरोसा, करोड़ों खाते खुले
बीते 11 वर्षों में सुकन्या समृद्धि योजना ने देशभर में गहरी पैठ बनाई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अब तक इसके तहत 4 करोड़ 53 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। यह संख्या साफ दिखाती है कि माता-पिता अब बेटियों के भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक और जिम्मेदार हो रहे हैं।
8.2% सालाना ब्याज, सुरक्षित निवेश
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज है, जो बेटियों के लिए बनी सरकारी योजनाओं में सबसे अधिक माना जा रहा है। इसमें जमा की गई राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह भारत सरकार द्वारा सुरक्षित होता है, जिससे यह कम जोखिम और भरोसेमंद निवेश बन जाता है।
पढ़ाई और शादी के खर्च में सहारा
सुकन्या समृद्धि योजना का उद्देश्य बेटियों की उच्च शिक्षा और शादी जैसे बड़े खर्चों में आर्थिक सहारा देना है। इसके जरिए बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलती है, जो महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य को आगे बढ़ाती है।
खाता खोलने और संचालन के नियम
बेटी के माता-पिता या कानूनी अभिभावक किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकते हैं। यह खाता लड़की के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र तक खोला जा सकता है। हर बेटी के नाम पर केवल एक खाता खोला जा सकता है, जबकि एक परिवार में अधिकतम दो खाते खोलने की अनुमति है। जुड़वा या तीन बच्चों के मामलों में विशेष छूट दी जाती है। खाता पूरे भारत में ट्रांसफर किया जा सकता है। 18 साल की उम्र तक खाता अभिभावक संचालित करते हैं, इसके बाद बेटी स्वयं इसे चला सकती है।
खाता खोलने के लिए जरूरी दस्तावेज
सुकन्या खाता खोलते समय बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, आधार नंबर और पैन कार्ड या फॉर्म 60 की जरूरत होती है। प्रक्रिया को सरल रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार इस योजना से जुड़ सकें।
जमा राशि ने दिखाई लोकप्रियता
दिसंबर 2025 तक इस योजना में कुल जमा राशि 3.33 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि सुकन्या समृद्धि योजना केवल एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि देशभर के परिवारों का भरोसेमंद भविष्य प्लान बन चुकी है।
आम लोगों पर असर
इस योजना ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को बेटियों के भविष्य को लेकर आर्थिक सुरक्षा का भरोसा दिया है। नियमित बचत की आदत और सुरक्षित रिटर्न ने इसे आम लोगों के लिए बेहद उपयोगी बना दिया है।
सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत बेटियों के प्रति सामाजिक सोच बदलने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई थी। 11 साल बाद यह योजना बचत, सुरक्षा और भरोसे का मजबूत उदाहरण बन चुकी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- सुकन्या समृद्धि योजना ने 22 जनवरी को 11 साल पूरे किए।
- अब तक 4.53 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं।
- फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज, पूरी तरह सरकारी सुरक्षा।
- बेटियों की पढ़ाई और शादी के लिए मजबूत आर्थिक सहारा।








