Indian Railway New Rules : भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर नई रणनीति पर काम कर रहा है। रेलवे ट्रैक पर लकड़ी, पत्थर या अन्य वस्तुएं रखे जाने से होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अब ‘रेलवे मित्र’ बनाए जा रहे हैं। यह जानकारी एडीजी रेलवे प्रकाश डी ने दी। उन्होंने बताया कि रेलवे मित्र ट्रैक पर किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत रेलवे और जीआरपी को देंगे, जिससे समय रहते हादसों को रोका जा सके।
एडीजी रेलवे यह जानकारी उस दौरान दे रहे थे, जब वह सेंट्रल के कैंट साइड स्थित जीआरपी लाइन परिसर में प्री-फैब्रिकेटेड बैरक के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
ग्रामीण इलाकों में मजबूत होगा सुरक्षा नेटवर्क
एडीजी रेलवे ने बताया कि उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन 350 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं, जिनमें औसतन करीब तीन लाख यात्री सफर करते हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में रेलवे ट्रैक की निगरानी एक बड़ी चुनौती है। रेलवे मित्र योजना के जरिए स्थानीय लोगों को सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है, ताकि ट्रैक पर किसी भी तरह की बाधा की सूचना तुरंत मिल सके।
चोरी रोकने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल
रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ ट्रेनों में होने वाली चोरी को रोकने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। एडीजी रेलवे के अनुसार, जीआरपी के सिपाही अब बॉडी वॉर्न कैमरा और ब्लूटूथ स्पीकर के साथ ड्यूटी कर रहे हैं, जिससे निगरानी बेहतर हो सके और अपराध पर लगाम लगाई जा सके।
13912 हेल्पलाइन पर दें सूचना
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं रेलवे ट्रैक पर कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 13912 पर दें। इससे समय रहते रेलवे और जीआरपी कार्रवाई कर सकेंगे और संभावित हादसे टल सकते हैं।
सम्मान समारोह और अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2025 के कुंभ मेले में सराहनीय कार्य करने वाले 11 हेड कॉन्स्टेबल समेत कुल 48 जीआरपी सिपाहियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डीआईजी पीएससी अतुल शर्मा, आईजी रेलवे वन कोलांची, पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रशांत वर्मा, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे दुष्यंत कुमार, प्रभारी निरीक्षक जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह, आरपीएफ प्रभारी पाटीदार और सेंट्रल रेलवे स्टेशन अधीक्षक अधिवेश द्विवेदी भी मौजूद रहे।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा
रेलवे ट्रैक पर पत्थर या लकड़ी रखे जाने की घटनाओं से कई बार ट्रेनें अनियंत्रित हो जाती हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ती है। रेलवे मित्र योजना के लागू होने से ऐसी घटनाओं पर नजर रखने में मदद मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत होगी।
हाल के वर्षों में रेलवे ट्रैक पर जानबूझकर या लापरवाही से रखी गई वस्तुओं के कारण कई हादसे सामने आए हैं। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए रेलवे मित्र योजना शुरू करने का फैसला किया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- रेलवे ट्रैक सुरक्षा के लिए ग्रामीण इलाकों में रेलवे मित्र बनाए जाएंगे
- ट्रैक पर पड़ी वस्तुओं की सूचना रेलवे और जीआरपी को दी जाएगी
- चोरी रोकने के लिए जीआरपी सिपाहियों को बॉडी कैमरा और ब्लूटूथ स्पीकर
- संदिग्ध स्थिति में हेल्पलाइन 13912 पर सूचना देने की अपील








