Rozgar Mela 2026 : भारत में सरकारी नौकरियों की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए, नरेन्द्र मोदी ने 24 जनवरी 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 18वें रोजगार मेले को संबोधित किया। इस मौके पर देशभर के 45 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में 61 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं के लिए नियुक्ति पत्र सौंपे गए। प्रधानमंत्री ने इसे युवाओं के लिए “राष्ट्र निर्माण का निमंत्रण” बताया और कहा कि ये नियुक्तियां विकसित भारत के लक्ष्य को तेज़ी से आगे बढ़ाएंगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत 2026 की शुरुआत को खास बताते हुए की और कहा कि यह समय गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों से जुड़ा है। उन्होंने 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती, 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दौर में हजारों युवाओं का सरकारी सेवा में प्रवेश राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है।
Addressing the Rozgar Mela. It reflects our Government’s strong commitment to empowering the Yuva Shakti. https://t.co/ngfXRnXfcZ
— Narendra Modi (@narendramodi) January 24, 2026
रोजगार मेला बना एक स्थायी व्यवस्था
प्रधानमंत्री ने कहा कि रोजगार मेला अब एक “संस्था” बन चुका है। सरकार ने सरकारी भर्तियों को मिशन मोड में लाने के लिए इस पहल की शुरुआत की थी, जिसके तहत अब तक लाखों युवाओं को विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस बार रोजगार मेला देश के 45 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया, जिससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने का अवसर मिला।
युवाओं के लिए नए अवसरों का विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और सरकार की प्राथमिकता है कि इस युवाशक्ति के लिए देश और विदेश दोनों जगह नए अवसर तैयार किए जाएं। उन्होंने बताया कि भारत कई देशों के साथ व्यापार और आवागमन से जुड़े समझौते कर रहा है, जिससे युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और डिजिटल इंडिया का असर
प्रधानमंत्री ने हाल के वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हुए बड़े निवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे निर्माण और संबंधित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हुए हैं। उन्होंने बताया कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेज़ी से बढ़ा है और लगभग दो लाख पंजीकृत स्टार्टअप 21 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। डिजिटल इंडिया की बदौलत एनिमेशन, डिजिटल मीडिया और क्रिएटिव इकॉनॉमी में भारत वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
वैश्विक भरोसा और FDI से बढ़ी नौकरियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पर बढ़ता वैश्विक भरोसा युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आया है। उन्होंने बताया कि भारत ने एक दशक में अपनी जीडीपी दोगुनी की है और 100 से अधिक देश प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के जरिए भारत में निवेश कर रहे हैं। 2014 से पहले की तुलना में अब ढाई गुना से अधिक एफडीआई आ रहा है, जिसका सीधा मतलब है अधिक उद्योग और अधिक नौकरियां।
विनिर्माण क्षेत्र से बड़े पैमाने पर रोजगार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एक प्रमुख विनिर्माण शक्ति के रूप में उभर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, वैक्सीन, रक्षा और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में उत्पादन और निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण छह गुना बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 4 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। ऑटोमोबाइल उद्योग में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है।
महिला भागीदारी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस रोजगार मेले में 8,000 से अधिक बेटियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है। मुद्रा योजना और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों से महिला स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है और महिलाएं अब स्टार्टअप, एमएसएमई, सहकारी संस्थाओं और स्वयं सहायता समूहों का नेतृत्व कर रही हैं।
सरकारी सेवा में नई सोच का आह्वान
प्रधानमंत्री ने नव नियुक्त युवाओं से अपील की कि वे सरकारी प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक-केंद्रित बनाएं। उन्होंने कहा कि “नागरिक देवो भव” की भावना के साथ काम करना ही सच्ची सरकारी सेवा है। उन्होंने आई-गॉट कर्मयोगी जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की सलाह दी, जिससे सरकारी कर्मचारी लगातार खुद को अपडेट रख सकें।
विश्लेषण
18वां रोजगार मेला केवल नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह सरकार की दीर्घकालिक रोजगार रणनीति का स्पष्ट संकेत है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, विनिर्माण, स्टार्टअप और डिजिटल अर्थव्यवस्था को जोड़कर सरकार रोजगार के कई स्तंभ एक साथ खड़े कर रही है। इससे यह संदेश भी गया कि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी और वैश्विक अवसरों को भी समान रूप से महत्व दिया जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 18वें रोजगार मेले में 61,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र
- देशभर के 45 स्थानों पर एक साथ आयोजन
- स्टार्टअप, इन्फ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण से बढ़े रोजगार अवसर
- महिला भागीदारी और स्वरोजगार में तेज़ वृद्धि








