Sunidhi Chauhan Goa Concert: मशहूर बॉलीवुड सिंगर सुनिधि चौहान को दक्षिण गोवा जिला बाल संरक्षण इकाई ने नोटिस जारी किया है जिसमें उन्हें अपने आगामी कॉन्सर्ट में ‘बीड़ी जलाई ले’ और ‘शराबी’ जैसे गाने गाने से मना किया गया है। यह नोटिस चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडित राव धरेन्नावर की शिकायत के बाद जारी हुआ है। सिंगर का ‘द अल्टीमेट सुनिधि लाइव’ कॉन्सर्ट 25 जनवरी को गोवा के 1919 स्पोर्ट्स क्रिकेट स्टेडियम (वर्ना) में होना है और इसमें 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी शामिल होंगे।
क्या है पूरा मामला?
प्रोफेसर डॉ. पंडित राव धरेन्नावर ने गोवा चाइल्ड कमीशन को शिकायत दी थी जिसमें उन्होंने मांग की थी कि आयोजकों को बच्चों की मौजूदगी में तंबाकू और शराब को बढ़ावा देने वाले गाने न बजाने और न गाने देने की प्रिवेंटिव एडवाइजरी जारी की जाए। इसी शिकायत के बाद गोवा चाइल्ड कमीशन ने सख्त रुख अपनाया और दक्षिण गोवा जिला बाल संरक्षण इकाई ने आयोजकों और सिंगर को एडवाइजरी जारी कर दी।
नोटिस में क्या कहा गया है?
एडवाइजरी में सुनिधि चौहान और आयोजकों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ‘बीड़ी जलाई ले’ और ‘शराबी’ गाने न गाए जाएं क्योंकि इन गानों में तंबाकू और शराब की प्रमोशन है। नोटिस में कहा गया है कि इस आयोजन में 18 साल से कम उम्र के बच्चे हिस्सा ले रहे हैं और ऐसे गीतों का बच्चों पर गलत मानसिक असर हो सकता है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट 2015 की धारा 3(4) का हवाला देते हुए कहा है कि बच्चों से जुड़े हर फैसले में उनके शारीरिक, मानसिक, नैतिक और भावनात्मक हित को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।
स्टेडियम मैनेजर से भी की गई अपील
नोटिस में 1919 स्पोर्ट्स क्रिकेट स्टेडियम (वर्ना, गोवा) के मैनेजर से भी अपील की गई है कि वे बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखें और ऐसे गानों से बच्चों को दूर रखने या उनके प्रभाव को कम करने के उपाय करें। आयोजकों और गायकों की खुद की भी जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों के सामने ऐसे गाने न गाएं और संवेदनशीलता दिखाएं।
कौन हैं शिकायतकर्ता प्रोफेसर डॉ. पंडित राव धरेन्नावर?
डॉ. पंडित राव धरेन्नावर चंडीगढ़ में समाजशास्त्र पढ़ाते हैं और मूल रूप से कन्नड़ भाषी हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस कन्नड़ भाषी प्रोफेसर को चंडीगढ़ में पंजाबी भाषा से प्यार हो गया और वे अब लोगों को पंजाबी भाषा के प्रति जागरूक करते हैं। वे अपने सिर पर एक बोर्ड रखकर बाजार, सड़क और गलियों में घूमते हैं जिस पर लिखा रहता है कि ‘पंजाबी भाषा का प्रयोग करें’।
वल्गर और शराबी गानों के खिलाफ अभियान
इसके अलावा डॉ. पंडित राव धरेन्नावर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में वल्गर, हिंसक और शराबी गानों के खिलाफ अभियान से जुड़े हुए हैं। वे ऐसे मामलों को पुलिस, प्रशासन और कोर्ट तक ले जाते हैं और ऐसे गानों और कंटेंट पर रोक लगवाते हैं जिनकी वजह से बच्चों और युवाओं पर बुरा असर पड़ता हो। गोवा कंसर्ट की शिकायत भी उन्होंने इसी उद्देश्य के साथ की थी।
प्रोफेसर ने बाकायदा हाथ में पोस्टर लिया हुआ था जिस पर लिखा था – “हथियार, अश्लील और शराबी गानों के गीतकारों, गायकों और रिकॉर्डिंग कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएं।”
‘बीड़ी जलाई ले’ गाने का पुराना विवाद
2006 में ओमकारा फिल्म का ‘बीड़ी जलाई ले’ गाना बेहद हिट हुआ था लेकिन अश्लील शब्दों की वजह से यह कंट्रोवर्सी में भी रहा। इसे ‘hottest item song’ कहा गया लेकिन कुछ लोगों ने इसे अश्लील माना। हाल ही में 2024-25 में यो यो हनी सिंह ने भी इस गाने को मिसोजिनिस्टिक (महिला-विरोधी) करार दिया था।
सुनिधि चौहान के अन्य विवाद
हाल के कुछ कॉन्सर्ट्स में सुनिधि चौहान के डांस मूव्स और परफॉर्मेंस को कुछ लोगों ने ‘अजीब’ या ‘ओवर’ कहा था और वायरल वीडियो पर ऑनलाइन ट्रोलिंग भी हुई थी। कुछ लोगों ने उनकी स्टाइल को इंटरनेशनल आर्टिस्ट्स जैसे टेलर स्विफ्ट से कॉपी बताया था हालांकि सुनिधि के फैंस ने उनका जबरदस्त सपोर्ट भी किया।
2007 में एक रैपिड फायर इंटरव्यू में सुनिधि चौहान ने पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम को ‘ओवररेटेड’ कहा था जिस पर काफी चर्चा हुई थी। इसके अलावा उन्होंने एक इंटरव्यू में कुछ फिल्मों के लिए पेमेंट न मिलने की बात भी कही थी और रियलिटी शो में जजिंग छोड़ने की वजह बताते हुए कहा था कि अब शो डॉक्टर्ड (फेक/मैनिपुलेटेड) हो गए हैं।
विश्लेषण: बच्चों की सुरक्षा बनाम कलाकार की आजादी
यह मामला एक बड़ी बहस को जन्म दे सकता है कि क्या लाइव कॉन्सर्ट्स में गाए जाने वाले गानों पर प्रतिबंध लगाना उचित है। एक तरफ बच्चों की मानसिक सुरक्षा का सवाल है जो पूरी तरह वाजिब है क्योंकि तंबाकू और शराब को ग्लैमराइज करने वाले गाने नाबालिगों पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं। दूसरी तरफ कलाकार की स्वतंत्रता का मुद्दा भी है। हालांकि जब बात बच्चों की आती है तो जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत उनके हितों को सर्वोपरि रखना कानूनी जिम्मेदारी है। आयोजकों को चाहिए कि वे या तो ऐसे कार्यक्रमों में बच्चों की एंट्री पर रोक लगाएं या फिर गानों के चयन में सावधानी बरतें।
मुख्य बातें (Key Points)
- सुनिधि चौहान को दक्षिण गोवा जिला बाल संरक्षण इकाई ने नोटिस जारी किया है जिसमें ‘बीड़ी जलाई ले’ और ‘शराबी’ गाने न गाने को कहा गया है
- यह नोटिस चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडित राव धरेन्नावर की शिकायत के बाद जारी हुआ है जो वल्गर और शराबी गानों के खिलाफ अभियान चलाते हैं
- 25 जनवरी को गोवा के 1919 स्पोर्ट्स क्रिकेट स्टेडियम में ‘द अल्टीमेट सुनिधि लाइव’ कॉन्सर्ट होना है जिसमें 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी शामिल होंगे
- नोटिस में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 की धारा 3(4) का हवाला देते हुए बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखने को कहा गया है








