Punjab Congress Delhi Meeting : पंजाब कांग्रेस में जबरदस्त सियासी भूचाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के अपर कास्ट यानी उच्च जाति वाले बयान ने पार्टी के अंदर तूफान खड़ा कर दिया है। इस विवाद को सुलझाने के लिए आज शाम चार बजे दिल्ली में हाई लेवल मीटिंग होने जा रही है। इस बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे खुद चर्चा करेंगे।
इस बीच पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर राजा वड़िंग ने चन्नी को करारा जवाब दिया है। उन्होंने साफ कहा कि जो व्यक्ति दो-दो सीटों से चुनाव हारने के बावजूद सांसद बनाया गया हो उसे ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने इस मौके का फायदा उठाते हुए चन्नी को पार्टी में शामिल होने का न्योता दे दिया है।
वड़िंग ने गिनाईं चन्नी को मिली सौगातें
पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने मीडिया से बातचीत में चन्नी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक-एक करके वो सभी मौके गिनाए जब पार्टी ने चन्नी को बड़े पद दिए।
वड़िंग ने कहा कि CWC यानी कांग्रेस वर्किंग कमेटी पार्टी का सबसे बड़ा पद होता है और चरणजीत चन्नी उसके मेंबर हैं। जिस व्यक्ति के पास इतना बड़ा पद हो वह ऐसी बात कैसे कह सकता है।
उन्होंने याद दिलाया कि जब चन्नी को CLP यानी कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाया गया था तब सुनील जाखड़ को हटाया गया था। यह फैसला भी पार्टी ने चन्नी के पक्ष में किया था।
दो सीटों से हारे फिर भी सांसद बने
वड़िंग ने सबसे बड़ी बात यह उठाई कि चन्नी 2022 के विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों से हार गए थे। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें जालंधर से लोकसभा का उम्मीदवार बनाया और वह सांसद बन गए।
इतना ही नहीं चन्नी को लोकसभा की कृषि समिति का चेयरमैन भी बनाया गया है। यह पद भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
वड़िंग ने कहा कि जिस व्यक्ति को पार्टी ने इतने बड़े-बड़े पद दिए हों उसे ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए जिससे पार्टी की छवि खराब हो।
रंधावा सीएम बनने वाले थे, चन्नी को बनाया
वड़िंग ने एक और बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाया गया था तब सुखजिंदर सिंह रंधावा मुख्यमंत्री बनने वाले थे। लेकिन पार्टी ने फैसला बदला और चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री की कुर्सी दी।
यह फैसला भी दलित समुदाय के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता को दर्शाता था। पंजाब के इतिहास में पहली बार कोई दलित मुख्यमंत्री बना था।
वड़िंग ने साफ कहा कि दलित हमारे सिर का ताज हैं और हमेशा रहेंगे। कांग्रेस एक सेक्युलर पार्टी है और पंजाब एक सेक्युलर राज्य है जहां जात-पात नहीं देखी जाती।
BJP ने दिया पार्टी में शामिल होने का न्योता
जैसे ही चन्नी के बयान से राजनीति गर्माई, भाजपा ने मौके का फायदा उठा लिया। पार्टी ने तुरंत चन्नी को अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता दे दिया।
हालांकि चन्नी ने इस न्योते को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि वह कांग्रेस में रहेंगे और कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी अन्य पार्टी के बारे में सोच भी नहीं सकते।
आज शाम तय होगा आगे का रास्ता
अब सबकी निगाहें आज शाम चार बजे होने वाली दिल्ली मीटिंग पर टिकी हैं। इस बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पंजाब कांग्रेस के नेताओं से बात करेंगे।
उम्मीद है कि इस बैठक में विवाद को सुलझाने की कोशिश होगी। 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और पार्टी ऐसे विवादों को लंबा खींचना नहीं चाहेगी।
विश्लेषण: चन्नी के बयान का असर
चन्नी का यह बयान पंजाब की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है। पंजाब में दलित वोट बैंक काफी मजबूत है और कांग्रेस इसी वोट बैंक के दम पर 2017 में सत्ता में आई थी।
अब जबकि 2027 का चुनाव करीब है तो पार्टी के अंदर जाति को लेकर इस तरह की बयानबाजी नुकसानदेह साबित हो सकती है। भाजपा पहले ही इस मौके को भुनाने की कोशिश में लग गई है।
कांग्रेस के लिए चुनौती यह है कि वह एक तरफ चन्नी जैसे दलित नेता को साथ रखे और दूसरी तरफ अन्य समुदायों को भी नाराज न होने दे। यह संतुलन बनाना आसान नहीं होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
• पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी के अपर कास्ट वाले बयान से पंजाब कांग्रेस में तूफान।
• आज शाम 4 बजे दिल्ली में राहुल गांधी और खड़गे के साथ हाई लेवल मीटिंग।
• वड़िंग का तंज- दो सीटों से हारे फिर भी सांसद बनाया, CWC मेंबर भी हैं।
• रंधावा सीएम बनने वाले थे लेकिन चन्नी को बनाया गया था।
• BJP ने दिया पार्टी में शामिल होने का न्योता, चन्नी ने किया इनकार।








