8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा आठवें वेतन आयोग को लेकर है। सवाल साफ है—कब लागू होगा और अगर देरी हुई तो एरियर के तौर पर कितनी रकम हाथ में आएगी। प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन लागू होने की तारीख तय न होने से उम्मीद और बेचैनी दोनों साथ-साथ बढ़ रही हैं।
अक्टूबर 2025 में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए आठवें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) को मंजूरी दे दी। इसका मतलब है कि आयोग अब वेतन ढांचे का अध्ययन कर सरकार को अपनी सिफारिशें देगा, लेकिन नई सैलरी कब से लागू होगी, इस पर अभी तक आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
कब शुरू हुई प्रक्रिया और अब तक क्या तय हुआ
सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि आयोग का गठन और कामकाज शुरू हो चुका है। आमतौर पर भारत में हर 10 साल में नया वेतन आयोग आता है। सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था। इसी आधार पर कर्मचारियों को उम्मीद थी कि आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा, लेकिन फिलहाल इसे केवल संभावना माना जा रहा है, पक्का फैसला नहीं।
कितने लोगों को मिलेगा फायदा
इस आयोग से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी, जिनमें रक्षाकर्मी भी शामिल हैं, और लगभग 59 लाख पेंशनर्स को लाभ मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि इसका दायरा बहुत बड़ा है और हर अपडेट पर लाखों परिवारों की नजर टिकी हुई है।
एरियर क्या होता है और क्यों है चर्चा में
सबसे ज्यादा चर्चा एरियर को लेकर हो रही है। एरियर वह अतिरिक्त राशि होती है, जो वेतन बढ़ोतरी में देरी होने पर पिछली तारीख से जोड़कर दी जाती है। यानी नई सैलरी लागू होने की तारीख और वास्तविक भुगतान शुरू होने की तारीख के बीच का अंतर एरियर बन जाता है।
एरियर की गणना को उदाहरण से समझिए
मान लीजिए किसी कर्मचारी की पुरानी सैलरी ₹40,000 प्रति माह थी और वेतन आयोग के बाद यह बढ़कर ₹50,000 हो जाती है। यानी हर महीने ₹10,000 का फायदा।
अगर नई सैलरी जनवरी 2026 से मानी जाए, लेकिन भुगतान मई 2027 से शुरू हो, तो लगभग 15 महीने की देरी होगी।
इस हिसाब से ₹10,000 × 15 महीने = ₹1.5 लाख।
यानी उस कर्मचारी को करीब ₹1.5 लाख एरियर के रूप में मिल सकता है।
सरकार का रुख और संकेत
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आठवें वेतन आयोग के ToR को मंजूरी दी है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि लागू होने की तारीख अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी, हालांकि 1 जनवरी 2026 की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है।
पिछले वेतन आयोग से क्या संकेत मिलते हैं
सातवां वेतन आयोग फरवरी 2014 में गठित हुआ था और उसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं। इस अनुभव के आधार पर कर्मचारी मान रहे हैं कि आठवें वेतन आयोग में भी कुछ समय का अंतर हो सकता है।
विश्लेषण: उम्मीद, देरी और बड़ा एरियर
आठवां वेतन आयोग केवल सैलरी बढ़ोतरी का मामला नहीं है, बल्कि यह लाखों परिवारों की आर्थिक योजना से जुड़ा सवाल है। अगर लागू होने में देरी होती है, तो एकमुश्त मिलने वाला एरियर बड़ी राहत बन सकता है। वहीं सरकार के लिए यह वित्तीय प्रबंधन और टाइमलाइन का संतुलन साधने की चुनौती है।
जानें पूरा मामला
ToR को मंजूरी मिल चुकी है, आयोग काम शुरू कर चुका है, लेकिन लागू होने की तारीख तय नहीं है। अब सबकी निगाहें आयोग की रिपोर्ट और सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- अक्टूबर 2025 में 8th Pay Commission के ToR को मंजूरी
- करीब 50 लाख कर्मचारी और 59 लाख पेंशनर्स होंगे लाभार्थी
- देरी की स्थिति में लाखों रुपये का एरियर संभव
- लागू होने की तारीख रिपोर्ट के बाद तय होगी








