Sukanya Samriddhi Yojana : 21 जनवरी 2026 को दिल्ली से जारी आधिकारिक जानकारी में यह सामने आया कि सुकन्या समृद्धि योजना ने 11 वर्षों में देशभर की बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू हुई इस योजना में अब तक 4.53 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और कुल जमा राशि 3.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है। योजना पर वर्तमान में 8.2% की आकर्षक ब्याज दर मिल रही है, जो इसे बेटियों के लिए सबसे प्रभावी लघु बचत योजनाओं में शामिल करती है।
बचत से सशक्तिकरण तक: योजना की सोच
सुकन्या समृद्धि योजना केवल एक बचत खाता नहीं, बल्कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर बनाई गई पहल है। इसका उद्देश्य परिवारों को बेटी के जन्म के साथ ही उसके भविष्य की योजना बनाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि शिक्षा और विवाह जैसे बड़े खर्च बोझ न बनें।
11 साल का सफर: आंकड़ों में भरोसा
| विवरण | स्थिति (दिसंबर 2025 तक) |
|---|---|
| योजना की शुरुआत | 22 जनवरी 2015 |
| कुल खाते | 4.53 करोड़+ |
| कुल जमा राशि | ₹3.33 लाख करोड़+ |
| वर्तमान ब्याज दर | 8.2% प्रति वर्ष |
ये आंकड़े बताते हैं कि समय के साथ इस योजना पर परिवारों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।
योजना कैसे काम करती है
सुकन्या समृद्धि योजना एक कम जोखिम वाली सरकारी गारंटी प्राप्त जमा योजना है। इसमें जमा राशि सुरक्षित रहती है और ब्याज सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दरों पर मिलता है। ब्याज की गणना हर महीने होती है और वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जोड़ दी जाती है।
कौन और कैसे खोल सकता है खाता
माता-पिता या कानूनी अभिभावक 10 वर्ष तक की भारतीय बालिका के लिए किसी भी डाकघर या अधिकृत सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों में खाता खोल सकते हैं।
| नियम | विवरण |
|---|---|
| आयु सीमा | जन्म से 10 वर्ष तक |
| खाते | एक बालिका – एक खाता |
| परिवार सीमा | अधिकतम दो बालिकाएं |
| विशेष मामला | जुड़वां/तीन जुड़वां में अधिक खाते संभव |
| प्रबंधन | 18 वर्ष तक अभिभावक, उसके बाद बालिका स्वयं |
जमा राशि और सीमाएं
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| न्यूनतम वार्षिक जमा | ₹250 |
| अधिकतम वार्षिक जमा | ₹1,50,000 |
| जमा अवधि | 15 वर्ष |
| परिपक्वता | 21 वर्ष |
निकासी और परिपक्वता के नियम
18 वर्ष की आयु या 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर शिक्षा के लिए 50% तक राशि निकाली जा सकती है। खाता 21 वर्ष में परिपक्व होता है। विवाह या खाताधारक की मृत्यु जैसी विशेष परिस्थितियों में समय से पहले बंद करने की अनुमति है, लेकिन पहले पांच वर्षों में सामान्यतः खाता बंद नहीं किया जा सकता।
आम परिवार पर असर
यह योजना मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए बेटियों की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को लेकर चिंता कम करती है। नियमित छोटी बचत लंबे समय में बड़ी आर्थिक सुरक्षा में बदल जाती है।
जानें पूरा मामला
सुकन्या समृद्धि योजना सरकार द्वारा समर्थित एक दीर्घकालिक बचत ढांचा है, जो उच्च ब्याज, कर लाभ और सुरक्षित निकासी विकल्प देकर बेटियों के आर्थिक भविष्य को मजबूत बनाता है। यही कारण है कि 11 वर्षों में यह योजना एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुकी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- योजना की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को
- 4.53 करोड़ से अधिक खाते, 3.33 लाख करोड़ रुपये जमा
- वर्तमान ब्याज दर 8.2%
- शिक्षा और भविष्य के लिए सुरक्षित, सरकारी गारंटी








