AI News Davos 2026: स्विट्जरलैंड के दावोस (Davos) में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान दुनिया के सबसे बड़े AI विशेषज्ञों में से एक, Dr. Andrew Ng ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि Google अब अपने बुरे दौर से बाहर निकल चुका है और “एक बेहद मजबूत स्थिति” में है। उनका यह बयान Google के नए मॉडल Gemini 3 की सफलता और कंपनी के संस्थापकों की सक्रियता को देखते हुए आया है, जिसने AI की दुनिया में नई बहस छेड़ दी है।
‘जेमिनी 3: गूगल का सबसे बड़ा हथियार’
मनीकंट्रोल (Moneycontrol) को दिए एक खास इंटरव्यू में DeepLearning.AI के संस्थापक एंड्रयू एनजी ने कहा कि Google का नया एआई मॉडल, ‘Gemini 3’ एक बेहद शक्तिशाली (Strong Model) है। पिछले साल तक जहां गूगल पिछड़ता हुआ नजर आ रहा था, वहीं इस साल उसने जबरदस्त वापसी की है। एंड्रयू ने इसे एक “हैट्रिक” बताते हुए कहा कि गूगल का यह ‘कमबैक’ (Comeback) वाकई काबिल-ए-तारीफ है और जेमिनी 3 की सफलता इसका सबसे बड़ा सबूत है।
‘लैरी और सर्गी का मास्टरस्ट्रोक’
एंड्रयू एनजी ने इस सफलता का बड़ा श्रेय गूगल के संस्थापकों, Larry Page और Sergey Brin को दिया। उन्होंने कहा कि भले ही ये दोनों फाउंडर्स काफी समय तक पर्दे के पीछे रहे हों, लेकिन कंपनी की मौजूदा सफलता में उनकी भूमिका “असाधारण” (Tremendous Forces) है। एंड्रयू, जो खुद ‘गूगल ब्रेन’ (Google Brain) टीम के शुरुआती लीडर्स में से एक रहे हैं, का मानना है कि लैरी और सर्गी की सक्रियता और गूगल की बेहतरीन टीम ने ही इस वापसी को मुमकिन बनाया है।
‘चैटजीपीटी बनाम जेमिनी: कौन है किंग?’
बाजार के विश्लेषण पर बात करते हुए एंड्रयू ने बताया कि कंज्यूमर स्पेस (Consumer Space) यानी आम जनता के बीच, OpenAI का ChatGPT और गूगल का Gemini ही असली ‘मार्केट लीडर’ हैं। जहां चैटजीपीटी का ब्रांड बहुत मजबूत है, वहीं गूगल के पास डिस्ट्रिब्यूशन (Distribution Channels) की ताकत है, जिसके दम पर जेमिनी तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने साफ किया कि नई कंपनियों के लिए अब इस स्पेस में जगह बनाना बहुत मुश्किल होगा।
‘कोडिंग के बिना अब काम नहीं चलेगा’
इंटरव्यू का एक और दिलचस्प पहलू ‘एंटरप्राइज स्पेस’ (Enterprise Space) और कोडिंग को लेकर था। एंड्रयू ने कहा कि कोडिंग के लिए ‘क्लाउड’ (Claude) जैसे मॉडल शानदार काम कर रहे हैं। उन्होंने एक बड़ी बात कही कि, “मेरे और मेरे कई दोस्तों के लिए अब बिना AI की मदद के कोडिंग करना लगभग नामुमकिन है।” यानी भविष्य में कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पूरी तरह से एआई पर निर्भर होने वाला है, जिससे डेवलपर्स की उत्पादकता कई गुना बढ़ जाएगी।
जानें पूरा मामला (Context)
पिछले कुछ सालों से एआई की दुनिया में ओपनएआई (OpenAI) का दबदबा था और गूगल को ‘सुस्त’ माना जा रहा था। लेकिन 2026 की शुरुआत में गूगल ने Gemini 3 लॉन्च करके बाजी पलट दी है। World Economic Forum जैसे बड़े मंच पर एंड्रयू एनजी जैसे दिग्गज का यह समर्थन इस बात पर मुहर लगाता है कि ‘सर्च इंजन’ की लड़ाई अब ‘एआई इंजन’ की लड़ाई में बदल चुकी है और गूगल इसमें पूरी ताकत से वापस आ गया है।
मुख्य बातें (Key Points)
Strong Comeback: एंड्रयू एनजी ने पुष्टि की कि गूगल अब एक मजबूत दौर (Moment) में है।
Founders’ Role: लैरी पेज और सर्गी ब्रिन की सक्रियता ने गूगल को एआई रेस में वापस ला खड़ा किया है।
Market Leaders: कंज्यूमर मार्केट में सिर्फ ChatGPT और Gemini ही मुख्य खिलाड़ी बनकर उभरे हैं।
Future of Coding: बिना AI असिस्टेंस के कोडिंग करना अब बीते जमाने की बात होने वाली है।








