Moga Mayor Election में 19 जनवरी 2026 को मोगा नगर निगम को नया मेयर मिल गया। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के पार्षद Parveen Kumar Sharma को बहुमत के साथ मोगा का मेयर चुना गया। यह चुनाव पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर तय समयसीमा के भीतर कराया गया।
सोमवार को हुए इस चुनाव में कुल 48 वोट पड़े, जिनमें से 31 वोट हासिल कर परवीन कुमार शर्मा ने स्पष्ट बहुमत सिद्ध किया। विपक्ष ने इस चुनाव में अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा।
हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ मेयर चुनाव
मोगा में मेयर का यह चुनाव उस समय जरूरी हो गया था, जब आम आदमी पार्टी ने नवंबर 2025 में तत्कालीन मेयर Baljit Singh Chani को पार्टी से निलंबित कर दिया था। पार्टी ने उन पर ड्रग तस्करों से संबंध होने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्होंने मेयर पद से इस्तीफा दे दिया था। इसी रिक्ति को भरने के लिए हाईकोर्ट ने 31 जनवरी तक नया मेयर चुनने के निर्देश दिए थे।
वीडियोग्राफी में पूरी हुई चुनाव प्रक्रिया
मोगा के डिप्टी कमिश्नर Sagar Setia ने बताया कि मेयर चुनाव की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और इसे वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए संपन्न कराया गया। चुनाव की निगरानी फिरोजपुर के डिप्टी कमिश्नर Arun Sekhri ने की।
नगर निगम सदन के 50 पार्षदों में से 47 उपस्थित रहे, जबकि एक वोट स्थानीय विधायक का था, जो सदन के एक्स-ऑफिशियो सदस्य होते हैं।
विपक्ष ने नहीं उतारा कोई उम्मीदवार
इस चुनाव की एक अहम बात यह रही कि विपक्षी दलों ने मेयर पद के लिए कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा। इसका सीधा फायदा आम आदमी पार्टी को मिला और परवीन कुमार शर्मा निर्विरोध जैसी स्थिति में मजबूत बहुमत के साथ चुने गए।
2021 से अब तक मोगा की सियासत
मोगा नगर निगम में 2021 के चुनाव के बाद से राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं। उस समय कांग्रेस की Nitika Bhalla शहर की पहली महिला मेयर बनी थीं। लेकिन 2022 में पंजाब में सत्ता परिवर्तन के बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ और 2023 में बलजीत सिंह चन्नी मेयर बने।
परवीन शर्मा का राजनीतिक सफर
परवीन कुमार शर्मा पहले कांग्रेस से जुड़े रहे, बाद में आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। वह 2021 से मोगा के सीनियर डिप्टी मेयर के रूप में काम कर रहे थे। चन्नी के निलंबन के बाद उन्हें कार्यवाहक मेयर बनाया गया था और अब वे正式 रूप से मोगा के मेयर चुने गए हैं।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा
मेयर पद पर लंबे समय से चल रही अस्थिरता के बाद शहर को अब स्थायी नेतृत्व मिला है। इससे नगर निगम के विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े फैसलों में तेजी आने की उम्मीद है।
विश्लेषण
मोगा में मेयर बदलने की यह प्रक्रिया सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह पंजाब की नगर राजनीति में आम आदमी पार्टी की मजबूत पकड़ को भी दर्शाती है। विपक्ष का चुनाव से दूर रहना यह संकेत देता है कि नगर निगम स्तर पर फिलहाल सियासी मुकाबला एकतरफा हो गया है।
जानें पूरा मामला
नवंबर 2025 में तत्कालीन मेयर बलजीत सिंह चन्नी पर ड्रग तस्करों से संबंध के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इसके चलते मेयर पद खाली हुआ और हाईकोर्ट के निर्देश पर 19 जनवरी 2026 को नया मेयर चुना गया।
मुख्य बातें (Key Points)
- परवीन कुमार शर्मा बने मोगा के नए मेयर
- 48 में से 31 वोट हासिल कर साबित किया बहुमत
- हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ मेयर चुनाव
- विपक्ष ने नहीं उतारा कोई उम्मीदवार
- 2021 के बाद मोगा को मिला तीसरा मेयर








